Education Minister Rohit Thakur: एनसीवीईटी ड्यूल स्टेटस प्राप्त करने वाला देश का दूसरा राज्य बना हिमाचल

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Education Minister Rohit Thakur
Education Minister Rohit Thakur: एनसीवीईटी ड्यूल स्टेटस प्राप्त करने वाला देश का दूसरा राज्य बना हिमाचल
  • स्कूलों में शुरू किया जाएगा बागवानी व्यावसायिक पाठ्यक्रम 
Education Minister Rohit Thakur, (आज समाज), शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को
कहा कि वर्तमान राज्य सरकार और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (एचपीएसईबी) के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप बोर्ड को राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) से ‘ड्यूल कैटेगरी’ मान्यता प्राप्त हुई है। इस उपलब्धि के साथ हिमाचल, आंध्र प्रदेश के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया है, जिसे अवॉर्डिंग बॉडी (एबी) और असेसमेंट एजेंसी  दोनों के रूप में मान्यता मिली है।

रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

रोहित ठाकुर ने कहा, यह उपलब्धि राज्य में व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मान्यता के साथ अब एचपीएसईबी , राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के अंतर्गत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का निर्माण, प्रशिक्षण, मूल्यांकन और प्रमाणन स्वयं कर सकेगा।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस व्यवस्था के अंतर्गत जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्रों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त होगी, जिससे छात्रों को देश व विदेश में रोजगार और उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें अकादमिक और व्यावसायिक शिक्षा के बीच की दूरी को समाप्त करने पर बल दिया गया है।

हिमाचल मतलब, ‘फ्रूट बाउल आफ इंडिया’

रोहित ठाकुर ने कहा कि इस नई व्यवस्था के तहत पहला प्रमुख कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार द्वारा स्कूलों में बागवानी विषय में व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को ‘फ्रूट बाउल आॅफ इंडिया’ के रूप में जाना जाता है और यह पाठ्यक्रम राज्य की कृषि और बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने में सहायक होगा।

उन्होंने कहा कि इस पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्रों को बागवानी प्रबंधन, पोस्ट-हार्वेस्ट तकनीक और जैविक खेती से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे राज्य के सेब और अन्य फल उत्पादन से जुड़े उद्योग को भी कुशल युवा कार्यबल उपलब्ध होगा तथा युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

युवाओं में प्रोत्साहित होगी उद्यमिता की भावना

स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव मेजर विशाल ने बताया कि कार्यक्रम एनएसक्यूएफ के स्तर 1 से 4 के अनुरूप संचालित किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि विद्यालयों में सिखाए जाने वाले कौशल आधुनिक उद्योग और कृषि क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप हो। यह पहल युवाओं में उद्यमिता की भावना को भी प्रोत्साहित करेगी, जिससे वे उन्नत तकनीकों और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाकर अपने बागवानों का आधुनिकीकरण कर सकेंगे।

तैयार की जा रही मानक संचालन प्रक्रियाएं

रोहित ठाकुर ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बोर्ड द्वारा मानक संचालन प्रक्रियाएं तैयार की जा रही हैं तथा सरकारी स्कूलों में आधुनिक कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित करने की भी योजना है, ताकि छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके। मेजर विशाल ने कहा कि बोर्ड इस नई व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इससे स्कूल स्तर पर कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के छात्रों के लिए भविष्य में नए अवसर खुलेंगे।

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