Chaitra Purnima: चैत्र पूर्णिमा की रात कर लें सिर्फ ये 3 काम, होगा मां लक्ष्मी का आगमन!

0
138
Chaitra Purnima: चैत्र पूर्णिमा की रात कर लें सिर्फ ये 3 काम, होगा मां लक्ष्मी का आगमन!
Chaitra Purnima: चैत्र पूर्णिमा की रात कर लें सिर्फ ये 3 काम, होगा मां लक्ष्मी का आगमन!

चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान राम के भक्त हनुमान जी का हुआ था जन्म
Chaitra Purnima, (आज समाज), नई दिल्ली: साल में 12 पूर्णिमा पड़ती है। हर एक पूर्णिमा का अपना अलग महत्व है। इस दिन भगावन विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान राम के भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था। इसलिए चैत्र पूर्णिमा के दिन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इस दिन हनुमान जयंती होने की वजह से बजरंगबली की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

पूर्णिमा तिथि पर स्नान-दान करना भी विशेष फलदायी माना गया है। प्राचीन काल से ही इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके दान करने की परंपरा चली आ रही है। चैत्र पूर्णिमा के दिन स्नान-दान और पूजा-पाठ के साथ-साथ कुछ अन्य विशेष काम भी किए जाते हैं। मान्यता है कि इन कामों को अगर रात में किया जाता है, तो घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। आइए जानते हैं इन विशेष कामों के बारे में।

चैत्र पूर्णिमा कब है?

दृक पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र पूर्णिमा की तिथि 01 अप्रैल बुधवार यानी आज सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर शुरू हो रही है। इस पूर्णिमा तिथि का समापन 02 अप्रैल गुरुवार को सुबह 07 बजकर 41 मिनट पर हो जाएगा। ऐसे में उदया तिथि को आधार मानते हुए इस साल चैत्र पूर्णिमा 02 अप्रैल को मनाई जाएगी। इसी दिन पूर्णिमा की पूजा और स्नान-दान किया जाएगा। इसी दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाने वाली है।

चैत्र पूर्णिमा के दिन रात में करें ये काम

  • ईशान कोण में दीपक जलाएं: चैत्र पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल में विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करें और उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में दीपक जलाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में प्रवेश करती हैं।
  • श्रीसूक्त का पाठ करें: चैत्र पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी के सामने दीपक जलाएं और वहीं बैठकर श्रीसूक्त का पाठ करें।
  • चंद्र देव को अर्घ्य दें: पूर्णिमा की रात को कच्चे दूध, चीनी और चावल को मिलाकर चंद्र देव को अर्घ्य चढ़ाएं।

ये भी पढ़ें: चैत्र पूर्णिमा के दिन बस इन चीजों का कर दें दान