लिली की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है दिसंबर का महीना
Lily Farming, (आज समाज), नई दिल्ली: आज के समय में कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली खेती की तलाश हर किसान करता है। परंपरागत फसलों की तुलना में विदेशी फूलों की खेती किसानों को कम समय में अधिक लाभ दे रही है। ऐसी ही एक फसल है लिली की खेती, जिसे दिसंबर के महीने में लगाकर किसान सिर्फ दो महीनों में लाखों रुपए की कमाई कर सकते हैं। कम समय, कम मेहनत और बाजार में ज्यादा मांग, इन तीनों वजहों से लिली भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
क्यों करें लिली की खेती?
लिली एक विदेशी फूल है जिसकी मांग शादी-पार्टी, होटल, डेकोरेशन और बुक्वे उद्योग में हमेशा बनी रहती है। खासकर दिसंबर से मार्च के बीच लिली की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसकी शेल्फ लाइफ अच्छी होती है और यह लंबे समय तक ताजा बनी रहती है, इस वजह से व्यापारी और उपभोक्ता दोनों इसे अधिक पसंद करते हैं।
दिसंबर में खेती क्यों फायदेमंद?
दिसंबर का महीना लिली की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस समय तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है से तेज अंकुरण और फूल आने के लिए आदर्श है। ठंडे मौसम में पौधे स्वस्थ रहते हैं और फूलों का आकार बड़ा आता है। जनवरी के अंत या फरवरी में फूल तैयार हो जाते हैं, जब बाजार में फूलों की कीमतें अधिक होती हैं।
कैसे करें लिली की खेती?
हल्की दोमट या रेतीली दोमट मिट्टी में लिली का उत्पादन उत्तम होता है। खेत में अच्छी ड्रेनेज होनी चाहिए ताकि पानी जमा न हो। लिली की खेती बल्बों से होती है। एक बीघा जमीन में लगभग 35-40 हजार बल्ब लगाने की आवश्यकता होती है। बल्बों को 10-12 सेमी गहराई पर 15-20 सेमी की दूरी पर लगाया जाता है। रोपण के बाद हल्की सिंचाई करनी चाहिए।
खाद, उर्वरक और सिंचाई
लिली के पौधों को जैविक खाद और संतुलित रासायनिक उर्वरक की आवश्यकता होती है। शुरूआती दिनों में डीएपी तथा बाद में पोटाश की मात्रा बढ़ाई जाती है जिससे फूल की गुणवत्ता बेहतर होती है। ठंड के मौसम में सिंचाई कम करनी होती है। मिट्टी को हल्का नम रखें, लेकिन पानी भरने न दें।
कितना खर्च और कितना मुनाफा
दिसंबर में रोपण के बाद लगभग 55 से 60 दिनों में लिली के फूल पूरी तरह तैयार हो जाते हैं। कटिंग के लिए भीमकाय, चमकदार और सुगंधित फूल मिलते हैं जिन्हें आसानी से बाजार में बेचा जा सकता है। लिली की एक बीघा में खेती कुल खर्च करीब 1।2 से 1।5 लाख रुपये आता है। जबकि उत्पादन 35 से 40 हजार फूल आसानी से मिल जाते हैं।
3 से 6 लाख रुपए तक प्रॉफिट
लिली का एक फूल थोक बाजार में 20 रुपये और किसी फ्लोरिस्ट की दुकान पर 100 रुपये तक में बिकता है। सीजन के हिसाब से इसकी कीमत और बढ़ जाती है। इस फूल की खेती से कुल इनकम 4 से 8 लाख रुपये तक हो जाती है यानी किसान को नेट प्रॉफिट करीब 3 से 6 लाख रुपये तक हो जाता है।