कृषि विभाग के 500 से अधिक कर्मचारी लेंगे फसलों के नुकसान का जायजा, प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार गेहूं की फसल के 1.25 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में नुकसान का अनुमान
Punjab Breaking News (आज समाज), चंडीगढ़। पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते पंजाब में बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे किसानों की करीब 1.25 लाख एकड़ पकी हुई गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। पंजाब सरकार ने बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को हर संभव मदद देने का भरोसा जताया है।
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि हाल ही में खराब मौसम के कारण फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राज्य के सात जिलों के प्रभावित क्षेत्रों में कृषि विभाग के 500 से अधिक कर्मचारियों को लगाया गया है। खुड्डियां ने बताया कि इस कार्य में लगाए गए इन कर्मचारियों में ग्रुप-ए के 145 अधिकारी भी शामिल हैं।
इन जिलों में हुआ ज्यादा नुकसान
अमृतसर, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, बठिंडा, मानसा, फिरोजपुर और मोगा में बारिश और ओलावृष्टि के चलते ज्यादा नुकसान हुआ है। इन टीमों को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार द्वारा की गई विशेष गिरदावरी (फसलों के नुकसान का आंकलन) की घोषणा के सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए राजस्व विभाग के साथ समन्वय के माध्यम से काम करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। यह कदम मुख्यमंत्री द्वारा खराब हुई फसल की विशेष गिरदावरी के बारे में की गई घोषणा के एक दिन बाद उठाया गया है, जो पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसानों को तुरंत राहत प्रदान करने की राज्य सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
प्रदेश सरकार किसानों के साथ खड़ी
प्राकृतिक आपदा के प्रभाव के बारे में बताते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चला है कि हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण सात जिलों में 1.25 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। खुड्डियां ने कहा, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार इस संकट की घड़ी में किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी।
डिप्टी कमिश्नरों द्वारा अंतिम रिपोर्ट सौंपने के बाद हर प्रभावित किसान को उसका हक मिलना सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। कृषि मंत्री ने आज श्री मुक्तसर साहिब जिले के प्रभावित खेतों का दौरा भी किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभाग आकलन को सही और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। उन्होंने फील्ड अधिकारियों को किसान भाईचारे के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने और फसलों को बचाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश भी दिए।
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