नई दिल्ली. दुनियाभर में अपनी आपराधिक गतिविधि की वजह से हिट लिस्ट में आ चुके गोल्डी बराड़ का नाम अब ऐसी सूचि में शामिल हुआ है जिसके बाद उसका बचना मुश्किल है. अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) ने कुख्यात गैंगेस्टर सतिंदरजीत सिंह (गोल्डी बराड़) का नाम 10 मोस्ट वांटेड भगोड़े की लिस्ट में शामिल किया है. आरोप है कि वो लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप से जुड़ा हुआ है और उसके लिए काम कर रहा है. सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ की गिरफ्तार करने में मदद पहुंचाने या उसकी किसी भी तरह की जानकारी देने वाले व्यक्ति को करोड़ों का इनाम दिया जाएगा. अमेरिकी एजेंसी ने 10 लाख डॉलर (करीब 8.3 करोड़ रुपये) तक का इनाम देने की घोषणा की गई है.
आपको बता दें कि लॉरेंस बिश्नोई इस समय भारत की जेल में बंद है. उसके ऊपर जेल के अंदर से ही एक बड़ा आपराधिक नेटवर्क चलाने का आरोप है. बताया जाता है कि उसने अपना बड़ा ग्रुप बनाया हुआ है जो पूरी दुनिया में काम कर रहे हैं. उसमें हजारों की संख्या में शूटर शामिल हैं. कुछ महीने पहले भारत में हुई कई हत्याओं में लॉरेंस बिश्नोई का नाम चर्चा में आया था. पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला और मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या इसमें प्रमुख है.
गोल्डी बराड़ का ग्रुप कैसे काम करता है?
FBI की जांच में जो बात सामने आई है उसमें यह पता चला कि यह गिरोह दक्षिणी कैलिफोर्निया के साथ-साथ अमेरिका और कनाडा में अलग अलग हिंसक गतिविधियों में कथित रूप से शामिल है. गोल्डी बराड़ को हथियारबंद, खतरनाक और भागने की फिराक में रहने वाला माना जाना चाहिए.
गोल्डी पर क्या-क्या आरोप हैं?
FBI का कहना है कि गोल्डी पर राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों की हत्या का आरोपी है. इतना ही नहीं गोलीबारी, मर्डर, अपहरण, जबरन वसूली, मारपीट जैसी गंभीर मामले में भी शामिल है. उसके ऊपर नशीले पदार्थों व हथियारों की तस्करी में शामिल होने का आरोप है. वह अमेरिका में रहता है और उत्तरी अमेरिका में ग्रुप का कथित लीडर है.
गोल्डी के खिलाफ फेडरल वारंट
यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया) में 1 जुलाई 2026 को ही गोल्डी के खिलाफ गिरफ्तारी का फेडरल वारंट जारी किया गया था. उस पर ‘रैकेटीयर इन्फ़्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइज़ेशन्स’ (RICO) के खिलाफ साजिश करने का गंभीर आरोप है. इसके अलावा जबरन वसूली के जरिए व्यापार में दखल देने की साजिश करने का आरोप लगा है. प्रतिबंधित पदार्थों को बांटने और बांटने के इरादे से उन्हें अपने पास रखने की साजिश के आरोप लगाए गए थे.


