कहा, गरीबों को अनपढ़ रखना पूर्व सरकारों का सोचा-समझा राजनीतिक फैसला था
Punjab CM News (आज समाज), जालंधर : पिछली सरकारों से बिल्कुल अलग अपनी सरकार के दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार बाबा साहेब के सामाजिक न्याय और समानता के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए शिक्षा और महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण को प्राथमिकता देकर पिछड़े वर्गों को उपेक्षित करने की इस सोच को बदल रही है।
आदमपुर में भारत रत्न बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब के सपनों को साकार करने के लिए समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए अथक प्रयास कर रही है।
किसी भी विद्यार्थी को स्कूल में फेल नहीं किया जाता था
एक उदाहरण साझा करते हुए उन्होंने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का लोगों के प्रति दृष्टिकोण इस तथ्य से प्रकट होता है कि उनके कार्यकाल के दौरान नौवीं कक्षा तक किसी भी विद्यार्थी को स्कूल में फेल नहीं किया जाता था, जिसके परिणामस्वरूप विद्यार्थी अपनी कमजोरियों से अनजान रह गए और बाद में मैट्रिक में फेल हो गए, जिससे उनका पूरा जीवन बर्बाद हो गया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गरीब तबके को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से अधिकारी बनाकर सशक्त बनाने के बजाय, बादलों ने यह सुनिश्चित किया कि गरीबों के विद्यार्थी पढ़ाई न करें और केवल आटा-दाल योजना तक ही सीमित रहें।” उन्होंने आगे कहा, “कमजोर वर्गों की पीढ़ियाँ बादलों द्वारा बनाई गई आटा-दाल योजना के सहारे ही रह गईं।” उन्होंने कहा, “इन नेताओं ने बाबा साहेब अंबेडकर की पीठ में छुरा घोंपा और गरीब तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों को शिक्षा से वंचित कर दिया।
लालच और संकीर्ण सोच की राजनीति करते रहे
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं के हाथ अनुसूचित जातियों की कई पीढ़ियों के खून से रंगे हुए हैं क्योंकि इन लोगों ने अपने लालच और संकीर्ण हितों के लिए इन लोगों के करियर बर्बाद कर दिए थे। इन नेताओं ने गरीब विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए रखे गए पैसे हड़प लिए ताकि वे जीवन में सफल न हो सकें। अमीर घरानों में पैदा हुए इन नेताओं को आम आदमी के सामने आने वाली कठिनाइयों का बिल्कुल भी अहसास नहीं है, जिसे त्योहार के दौरान भी काम करना पड़ता है।
राजनीति क्षेत्र में लड़कियां आज भी पीछे हैं
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, लड़कियों को निर्णय लेने में सक्रिय भागीदार बनने और समाज में अत्यंत आवश्यक बदलाव लाने के लिए आगे आना चाहिए और राजनीति में शामिल होना चाहिए। हालाँकि आजकल लड़कियाँ हर क्षेत्र में लड़कों को पीछे छोड़ चुकी हैं, लेकिन राजनीति क्षेत्र में लड़कियां आज भी पीछे हैं। इस क्षेत्र को अब तक पुरुषों की जागीर माना जाता रहा है, लेकिन अब समय आ गया है जब महिलाओं को इस क्षेत्र में भी सफलता प्राप्त करनी चाहिए।


