26 Naxals Surrender In Chhatisgarh, (आज समाज), रायपुर: केंद्र सरकार के अल्टीमेटम का जैसे-जैसे आखिरी समय आ रहा है, वैसे-वैसे नक्सलियों के हौंसले पस्त हो रहे हैं। एक बार फिर सुकमा जिले में 26 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च-2026 तक नक्सल मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है और यह समय सीमा तय करने के बाद कई नक्सली या तो मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं या कई ने सरेंडर कर दिया है।
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13 नक्सलियों पर 65 लाख रुपए ईनाम
इसी महीने 3 जनवरी को सुकमा जिले में ही सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 14 नक्सली मारे गए थे। सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि सुकमा जिले में जिन 26 नक्सलियों ने अपने हथियार डाले हैं उनमें 7 महिलाएं शामिल हैं। वहीं 13 नक्सलियों पर 65 लाख रुपए ईनाम घोषित था। उन्होंने बताया कि पूना मार्गेम” पहल के तहत सात महिला कैडरों आत्मसमर्पण किया है।
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सरकार की पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति प्रभावित थे
पुलिस अधीक्षक के अनुसार ये नक्सली छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh government) की पुनर्वास (rehabilitation) और आत्मसमर्पण नीति प्रभावित थे और इसी कारण इन्होंने सरेंडर किया है। लोग नक्सलवादियों की दक्षिण बस्तर डिवीजन, पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन, आंध्र ओडिशा सीमा डिवीजन और माड़ डिवीजन में सक्रिय थे। एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि सरेंडर करने वाले नकसली अबूझमाड़, छत्तीसगढ़ के सुकमा व ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में कई वारदातों में संलिप्त थे।
कई वारदातों में संलिप्त थी 35 वर्षीय लाली उर्फ मुचाकी
सरेंडर करने वाली 7 महिलाओं में एक 35 वर्षीय लाली उर्फ मुचाकी आयते लखमू है। वह एक कंपनी पार्टी समिति की सदस्य थी और उसके ऊपर 10 लाख रुपए का ईनाम घोषित था। वह हिंसा की कई बड़ी वारदातों में संलिप्त थी। ओडिशा के कोरापुट रोड पर 2017 में एक वाहन को निशाना बनाकर आईईडी ब्लास्ट किया गया था और इसमें भी मुचाकी संलिप्त थी। इस वारदात में 14 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। चार अन्य प्रमुख कैडरों में अस्मिता उर्फ कमलू सन्नी (20), सुंदरम पाले (20), हेमला लखमा (41) और 21 वर्षीय रामबती उर्फ पदम जोगी हैं जिन पर 8-8 लाख रुपए का ईनाम घोषित था।
50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी गई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक लखमा 2020 के मिनपा हमले में संलिप्त था,। इसमें 17 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। आत्मसमर्पण करने वाले अन्य कैडरों में से तीन पर 5-5 लाख का ईनाम घोषित था। वहीं एक कैडर पर 3 लाख रुपए, एक पर 2 लाख और 3 अन्य कैडरों पर एक-एक लाख रुपए का ईनाम घोषित था। हथियार डालन वाले इन सभी नक्सलियों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी गई है। सरकार की नीति के अनुसार उन्हें पुनर्वासित भी किया जाएगा।
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