Finance Ministry Monthly Report : केंद्र के राजकोषीय संकेतकों में हुआ सुधार

0
163
Finance Ministry Monthly Report : केंद्र के राजकोषीय संकेतकों में हुआ सुधार
Finance Ministry Monthly Report : केंद्र के राजकोषीय संकेतकों में हुआ सुधार

वित्त मंत्रालय की फरवरी 2026 की मासिक आर्थिक समीक्षा में हुआ खुलासा

Finance Ministry Monthly Report (आज समाज), बिजनेस डेस्क : वित्त मंत्रालय फरवरी 2026 की मासिक आर्थिक समीक्षा की रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार खर्च और घाटे को नियंत्रित रखते हुए बुनियादी ढांचे पर ज्यादा पैसा खर्च कर रही है, ताकि आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की वित्तीय नीति इस तरह बनाई जा रही है कि आर्थिक स्थिरता बनी रहे और साथ ही सड़कों, रेल, ऊर्जा जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य उत्पादक परिसंपत्तियों में निवेश जारी रहे। समीक्षा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जनवरी ने बताया कि बेहतर राजस्व संग्रह और खर्च के बेहतर प्रबंधन की वजह से इस साल सरकार के राजकोषीय संकेतकों में सुधार हुआ है। जनवरी तक राजकोषीय घाटा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम रहा।

बुनियादी ढांचे पर खर्च कर रही सरकार

वित्त मंत्रालय की फरवरी 2026 की मासिक आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, केंद्र सरकार खर्च और घाटे को नियंत्रित रखते हुए बुनियादी ढांचे पर ज्यादा पैसा खर्च कर रही है, ताकि आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की वित्तीय नीति इस तरह बनाई जा रही है कि आर्थिक स्थिरता बनी रहे और साथ ही सड़कों, रेल, ऊर्जा जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य उत्पादक परिसंपत्तियों में निवेश जारी रहे।

पूंजीगत व्यय को लेकर रिपोर्ट में क्या

समीक्षा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जनवरी के बीच पूंजीगत व्यय में 11.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
वहीं राजस्व व्यय में केवल 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिससे पता चलता है कि सरकार बुनियादी ढांचा निर्माण को प्राथमिकता दे रही है।

राजकोषीय घाटा को लेकर बड़ा दावा

समीक्षा में यह भी कहा गया है कि केंद्रीय बजट 2026-27 में भी यही रणनीति जारी रहेगी। सरकार आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए पूंजीगत व्यय को जारी रखते हुए वित्तीय अनुशासन पर भी ध्यान दे रही है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर रखा है। इसका मतलब है कि सरकार धीरे-धीरे घाटा कम करने के साथ-साथ विकास के लिए निवेश भी जारी रखेगी।

ये भी पढ़ें : Business News Hindi : देश में यूरिया व अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता