पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग

Chandigarh Breaking News (आज समाज) चंडीगढ़ : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और विधायक परगट सिंह ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बरसात और बाढ़ के पानी के कारण हो रही तबाही पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने केंद्र सरकार से इन तीनों राज्यों में हो रही तबाही को देखते हुए बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है।

साथ ही इन तीनों राज्यों में बाढ़ प्रभावित लोगों, पशुओं, फसलों और सपंत्ति के हुए नुकसान की भरपाई के लिए स्पेशल पैकेज घोषित करने की मांग की है। ताकि यह तीनों राज्यों में फिर से लोगों का पुनर्वास कराया जा सके और उनके नुकसान की भरपाई हो सके। परगट सिंह ने कहा कि तीनों राज्यों में इस समय बादल फटने, अधिक बरसात आने के कारण नदियां और डैम ओवरफ्लो हो चुके हैं। डैम में भी अब पानी को संभाल पाना आसान नहीं है।

पंजाब के कई जिलों में बाढ़ से हुई तबाही

माधोपुर के डैम पहले ही ओवरफ्लो होकर अपने साथ गेट ही बहा ले गया। पंजाब के कई जिले तरनतारन, कपूरथला, सुलतानपुर लोधी, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे जिले पानी में डूबे हुए हैं। वहां सिर्फ पानी लोगों के घरों तक में घुस गया है। लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सेना के जवानों की मदद से बाढ़ में फंसें लोगों को निकालने के रेस्क्यू आप्रेशन चलाया जा रहा है। अभी भी हालात काबू में नहीं है। आज भी पौंग डैम से सवा लाख क्यूसिक लीटर पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे सैंकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। परगट सिंह पहले ही पंजाब में आई बाढ़ को मानव निर्मित यानी मैन मेड बता चुके हैं।

सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप

उन्होंने पंजाब सरकार पर लापरवाही का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में दिन ब दिन बाढ़ के कारण हालात खराब हो रहे हैं। पंजाब की आप सरकार और प्रशासन इस स्थिति में खुद को लाचार महसूस कर रहा है। उन्होंने 2023 की बाढ़ से कोई सबक नहीं लिया। जिसका खामियाजा अब 2025 में फिर से पंजाब के लोग भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को तुरंत इस आपदा की घड़ी में लोगों को बचाने, उनके खाने-पीने और रहने की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। उसके लिए पुख्ता प्रबंध किए जाने चाहिए।

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