Canadian PM Carney To Visit India, (आज समाज), ओटावा: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च के पहले सप्ताह में भारत आएंगे। इस संबंध में आज सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कनाडा के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक (Dinesh Patnaik) ने एक साक्षात्कार में उक्त जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि कनाडाई पीएम के भारत दौरे के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के अलावा खनिज और यूरेनियम व ऊर्जा समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे।
ऊर्जा मंत्री टिम हॉजसन इस सप्ताह आ रहे भारत
दिनेश पटनायक ने यह भी बताया है कि कनाडा के ऊर्जा मंत्री टिम हॉजसन इस सप्ताह भारत आ रहे हैं। हॉजसन ने भी प्रधानमंत्री कार्नी के भारत दौरे की पुष्टि की है लेकिन फिलहाल उनके आने की तारीख नहीं बताई है। उन्होंने कहा, इस साल किसी समय पीएम कार्नी के भारत दौरे की योजना है। हॉजसन ने कहा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कितनी प्रगति करते हैं।
समझौते के लिए मार्च में शुरू होनी है बात
दिनेश पटनायक ने कहा कि भारत के साथ एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के लिए औपचारिक बातचीत भी मार्च में शुरू होनी चाहिए। रिपोर्ट में पटनायक के हवाले से साक्षात्कार में बताया गया कि पीएम कार्नी अपनी यात्रा के दौरान भारत के साथ परमाणु ऊर्जा, तेल और गैस, पर्यावरण, एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग के साथ-साथ शिक्षा और संस्कृति पर छोटे समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसमें 10 साल का $2.8-अरब का यूरेनियम आपूर्ति समझौता शामिल होने की संभावना है।
जसन ने नहीं की समझौते की पुष्टि
हालांकि टिम हॉजसन (Tim Hodgson) ने इस समझौते की पुष्टि नहीं की, लेकिन उन्होंने कहा कि कनाडा-भारत परमाणु सहयोग समझौते के तहत कनाडा यूरेनियम बेचने में खुश है, जब तक भारत अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के सुरक्षा उपायों का पालन करता है।दिनेश पटनायक ने कहा कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी जल्द कनाडा का दौरा करेंगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अगले महीने ओटावा जाएंगे, जो भारत और कनाडा के बीच खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और सुरक्षा उपायों पर चर्चा के लिए नियमित मुलाकातों का हिस्सा है।
एस जयशंकर ने अनीता आनंद के साथ की बात
विदेश मंत्री एस जयशंकर (EAM S Jaishankar) ने इससे पहले सोमवार को, सोमवार को कनाडाई विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ एक सार्थक बातचीत की, जिसमें भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने आर्थिक साझेदारी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर चर्चा की।
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