Business News Update : वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत

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Business News Update : वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत
Business News Update : वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत

वित्त मंत्रालय की जारी की ताजा मंथली इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट

Business News Update (आज समाज), बिजनेस डेस्क : पश्चिम एशिया में पिछले चार माह से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से बंद रहने के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर इसका नकारात्मक असर पड़ा। भारत भी उन देशों में से एक था जिसपर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। हालांकि भारत ने एक बार फिर से इस मुश्किल स्थिति से खुद को बाहर निकाल लिया और अपनी अर्थव्यवस्था की रफ्तार भी बनाए रखी।

इसी संबंधी खुलासा करते हुए वित्त मंत्रालय ने अपनी जून में जारी मंथली रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था फिलहाल मजबूत बुनियाद पर खड़ी है, लेकिन आगे का रास्ता चुनौतीपूर्ण है। वित्त मंत्रालय की ताजा मंथली इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025-26 के शानदार प्रदर्शन के बाद चालू वित्त वर्ष 2026-27 के शुरूआती महीनों में भी आर्थिक गतिविधियों ने अपनी मजबूती बनाए रखी है। हालांकि, आसमान मानसूनी बारिश, उभरते अल-नीनो के खतरे और वैश्विक अनिश्चितताओं ने अर्थव्यवस्था के भविष्य को लेकर कुछ चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।

वित्त मंत्रालय ने जारी किए यह आंकड़े

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ चुनिंदा हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स घरेलू आर्थिक गतिविधियों की ताकत को दिखाते हैं। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में हल्की सुस्ती भी देखी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ई-वे बिल जेनरेशन, पीएमआई इंडेक्स, बिजली की खपत और आॅटोमोबाइल की बिक्री में लगातार तेजी बनी हुई है।

वहीं इस सबके बावजूद कोर इंडस्ट्रीज, ईंधन की खपत, हवाई यात्री यातायात, उपभोक्ता विश्वास और श्रम बाजार से जुड़े कुछ संकेतकों में थोड़ी नरमी आई है। इसके बावजूद, नीतिगत सुधारों और निवेश की गति के कारण औद्योगिक गतिविधियां लगातार मजबूत बनी हुई हैं, और संशोधित आईआईपी व डब्ल्यूपीआई फ्रेमवर्क से औद्योगिक और मूल्य गतिशीलता को अधिक कुशलता से मापे जाने की उम्मीद है।

कच्चे तेल की कीमत गिरने से मिली राहत

भारत के लिए महंगाई के मोर्चे पर अच्छी खबर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमोडिटी और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट, तथा यूरिया जैसे प्रमुख इनपुट की कीमतों में नरमी से आयातित महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकार के पास प्रमुख कृषि उत्पादों का पर्याप्त बफर स्टॉक है और निरंतर सप्लाई-साइड प्रबंधन से संभावित बाधाओं को दूर करने में मदद मिल रही है।