कहा- दुनियाभर में अरबपति सत्ता कब्जा रहे, भारत कमजोर लोगों को आगे ला रहा
NGO Oxfam, (आज समाज), नई दिल्ली: यूएन से जुड़ी ब्रिटिश एनजीओ आॅक्सफैम इंटरनेशनल ने भारतीय आरक्षण व्यवस्था की तारीफ की है। आॅक्सफैम ने सोमवार को अपनी सालाना असमानता रिपोर्ट जारी की। इसे स्विट्जरलैंड के दावोस शहर में हुई वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक के पहले दिन पेश किया गया।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की आरक्षण व्यवस्था इस बात का मजबूत उदाहरण है कि कैसे आम लोगों को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। जहां दुनियाभर में अरबपति राजनीति पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, वहां भारत की नीतियां अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों और समाज के पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ने का मौका दे रही है।
महिलाओं को भी मिल रहा आरक्षण
आॅक्सफैम ने भारत की राजनीतिक व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि भारत की नीतियां अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े समूहों को राजनीतिक आरक्षण देती है। इसकी मदद से सामाजिक रूप से पिछड़े समुदायों को चुनाव लड़ने और आगे बढ़ने के मौके मिलते हैं। रिपोर्ट में लिखा है कि भारत ने महिलाओं के लिए भी 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है, जिससे उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरियां मिलने में आसानी हो रही है।
दुनिया के 25% लोगों को भरपेट खाना नहीं मिल रहा
रिपोर्ट में बताया गया कि दुनिया में अरबपतियों की संपत्ति पिछले पांच साल के औसत के मुकाबले तीन गुना तेजी से बढ़ी है। वहीं दूसरी ओर 25% लोगों को रोजाना भरपेट खाना नहीं मिल पा रहा है। पिछले साल अरबपतियों की कुल संपत्ति में 2.5 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई। यह रकम दुनिया की आधी आबादी, करीब 4.1 अरब लोगों की कुल संपत्ति के बराबर है। अगर इतनी ही रकम गरीबों पर खर्च की जाती, तो दुनिया से गरीबी 26 बार खत्म की जा सकती थी।
अमीर लोगों के मुताबिक होते हैं चुनाव
आॅक्सफैम ने इस साल की अपनी रिपोर्ट को अमीरों के शासन का विरोध: अरबपतियों की ताकत से आजादी की रक्षा नाम दिया। इसमें दावा किया गया कि आम नागरिकों की तुलना में अरबपतियों के राजनीतिक पद संभालने की संभावना 4 हजार गुना ज्यादा है। रिपोर्ट में 66 देशों में हुए सर्वे का हवाला देते हुए कहा, करीब आधे लोगों का मानना है कि देश में होने वाले चुनाव अमीर लोगों के मुताबिक ही होता है। वे इन चुनावों को फंड कर खरीद लेते हैं। कई देशों में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है क्योंकि मीडिया, सोशल मीडिया और राजनीति पर अमीर लोगों का कंट्रोल बढ़ रहा है।
आॅक्सफैम ने कहा कि आम लोग तब शक्तिशाली बनते हैं, जब देश में राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियां उन्हें सही निर्णय लेने की शक्ति दे। समाज में कई गरीब और पिछड़े समूहों तक सरकारें नहीं पहुंच पातीं। ऐसे में ट्रेड यूनियन, सामाजिक संगठन और जमीनी स्तर के आंदोलन आगे आते हैं। ये संगठन लोगों को जागरूक करते हैं और उनकी आवाज सरकारों तक पहुंचाते हैं।
ट्रम्प की नीतियां ने अमीरों को टैक्स में छूट दी
इस रिपोर्ट में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का जिक्र भी किया गया है। आॅक्सफैम ने कहा कि दुनियाभर में अमीरों की संपत्ति उस दौर में बढ़ी है, जब ट्रम्प प्रशासन अमीरों के पक्ष में नीतियां अपना रहा था। ट्रम्प की नीतियों में सुपर-रिच के लिए टैक्स में कटौती, बड़ी कंपनियों पर टैक्स लगाने की कोशिशों को कमजोर करना और एआई से जुड़ी कंपनियों को बढ़ावा देना शामिल है, जिससे सबसे ज्यादा फायदा अमीर इंवेस्टर्स को हुआ।
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