BMC Election Result: मुंबई में पहली बार बन सकता है भाजपा का मेयर

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BMC Election Result: मुंबई में पहली बार बन सकता है भाजपा का मेयर
BMC Election Result: मुंबई में पहली बार बन सकता है भाजपा का मेयर

227 सीटों में से 118 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है भाजपा गठबंधन
BMC Election Result, (आज समाज), मुंबई: आजादी के बाद 77 सालों से मुंबई नगर निगम पर कांग्रेस और शिवसेना का ही कब्जा रहा है। 1947 से 1967 तक यानी 20 साल तक कांग्रेस का मेयर रहा। वहीं 1992 से लेकर 2022 यानी 30 सालों तक मेयर की कुर्सी पर शिवसेना काबिज रही। भाजपा 45 साल के इतिहास में पहली बार मुंबई में अपना मेयर बनाने की स्थिति में पहुंची है।

दरअसल 1980 में पार्टी के गठन के बाद भाजपा ने 1992 से 2017 तक मुंबई में शिवसेना को सपोर्ट दिया था। बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव रिजल्ट में भाजपा गठबंधन को कुल 227 सीटों में से 118 सीटों पर बढ़त हासिल है। जिसमें से भाजपा 90, शिवसेना शिंदे 28 सीटों पर आगे चल रही है।

ऐसे होता है मेयर का चुनाव

बीएमसी में अलग-अलग वार्डों से चुनकर कुल 227 पार्षद आते हैं, जिन्हें मुंबई में नगर सेवक या फिर कॉरपोरेटर कहा जाता है। जिस पार्टी का बहुमत होता है, उसी की मेयर पद की उम्मीदवारी में सबसे बड़ी दावेदार होती है। नगर निकाय चुनाव में जीतकर आने वाले पार्षद ही मेयर का चुनाव करते हैं। मेयर का कार्यकाल 2.5 साल का होता है, वहीं पार्षद 5 साल के लिए चुने जाते हैं। एक मेयर का कार्यकाल पूरा होने के बाद दूसरे मेयर का चुनाव होता है।

मेयर के पास क्या-क्या पावर होती है

बीएमसी में मेयर और कमिश्नर दो पद सबसे बड़े होते हैं। मेयर नगर निगम की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं। शहर का औपचारिक प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रस्तावों और बहसों पर चर्चा करते हैं। मतलब मेयर का काम ज्यादातर औपचारिक और प्रतिनिधित्व तक सीमित होता है। जबकि असली प्रशासनिक और कार्यकारी जिम्मेदारी कमिश्नर के पास होती है। कमिश्नर शहर का रोजमर्रा प्रशासन चलाते हैं। बजट, शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और कर्मचारियों का कंट्रोल उनके हाथ में होता है। कमिश्नर आम तौर पर आईएएस अधिकारी होते हैं।

1997 से 2017 तक रहा शिवसेना का मेयर, 74,000 करोड़ है बीएमसी का बजट

74,000 करोड़ रुपए के बजट वाली एशिया की सबसे बड़ी सिविक बॉडी बीएमसी पर बिना बंटे शिवसेना ने (1997-2017) तक राज किया था। तब भाजपा उसकी सहयोगी थी। मुंबई नगर निगम का बजट गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के बजट से भी बड़ा है।

2019 से 2022 तक किशोरी पेडनेकर रही मेयर

मुंबई के मेयर का पद संभालने वाली आखिरी शख्स शिवसेना की किशोरी पेडनेकर थीं, जिन्होंने 22 नवंबर 2019 से 8 मार्च 2022 तक यह पद संभाला था। हालांकि तब शिवसेना में बंटवारा नहीं हुआ था। उसके बाद से यह पद खाली था। तब से, बीएमसी के प्रशासन की जिम्मेदारी नगर आयुक्त संभाल रहे हैं।

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