Yogesh Kumar Goyal

Florence Nightingale was a symbol of kindness and service: दया और सेवा की प्रतिमूर्ति थी फ्लोरेंस नाइटिंगेल

पूरी दुनिया पिछले सवा साल से भी अधिक समय से कोरोना संक्रमण से जूझ रही है। अभी तक दुनियाभर में 33 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 9 करोड़ से भी ज्यादा लोगों के प्राण बचाने....Read More

What impact will the electoral results have on national politics? राष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर डालेंगे चुनावी नतीजे?

चार राज्यों और एक केन्द्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव परिणामों का समग्रता से आकलन करें तो जहां केरल और असम में पहले से सत्तारूढ़ दल ही पुन: सत्ता हासिल करने में सफल हुए हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में 200 पार....Read More

Oxygen crisis and Tsunami of havoc wreaking havoc: आॅक्सीजन संकट और कहर बरपाती कोरोना की सुनामी

लांसेट जर्नल में भारत को लेकर प्रकाशित हुए हालिया अध्ययन में दावा किया गया था कि जल्द ही देश में प्रतिदिन औसतन 1750 लोगों की मौत हो सकती है, जो तेजी से बढ़ते हुए जून के पहले सप्ताह में प्रतिदिन....Read More

Why is Shriram called Maryada Purushottam?: मर्यादा पुरुषोत्तम क्यों कहलाते हैं श्रीराम?

बहुत लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में राममंदिर निर्माण का करोड़ों देशवासियों का सपना साकार होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय तक चले मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट के आदेश पर....Read More

Haseen Vishakanyaon ka mayavi jaal: हसीन विषकन्याओं का मायावी जाल

दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के दो अधिकारियों को जासूसी करते हुए पकड़े जाने पर पिछले दिनों भारत से निष्कासित किया गया था और अब आईएसआई के लिए जासूसी कर रहे भारत के तीन रक्षाकर्मियों को राजस्थान पुलिस ने दबोचा है।....Read More

Childhood in labor captivity: श्रम की कैद में बचपन

बालश्रम की समस्या पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। हालांकि इस समस्या के समाधान के लिए बालश्रम पर प्रतिबंध लगाने हेतु कई देशों द्वारा कानून भी बनाए गए हैं लेकिन फिर भी स्थिति में अपेक्षित सुधार....Read More

Global warming and weather worsening: ग्लोबल वार्मिंग और मौसम का बिगड़ता मिजाज

पर्यावरण की सुरक्षा तथा संरक्षण के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 5 जून को पूरी दुनिया में ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा तथा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) द्वारा 16 जून 1972 को स्टॉकहोम में पर्यावरण के प्रति....Read More