Kunal Verma

Good bye! अलविदा!

हर एक भारतीय को मंथन करना चाहिए कि क्या उसने वो सबकुछ पाया जो पिछले साल सोचा था। क्या हम उस समाज में अपनी हिस्सेदारी बेहतर तरीके से निभा सके जिस समाज के लिए हम हमेशा रटते रहते हैं। राजनीतिक....Read More

Police encounter and our double-edged sword: पुलिस का एनकाउंटर और हमारी दोधारी तलवार

हैदराबाद पुलिस द्वारा गैंगरेप के आरोपियों का एनकाउंटर करने के बाद कम से कम स्थानीय पुलिस ने तो अपनी खोई प्रतिष्ठा वापस पा ली है। दूसरे राज्यों की पुलिस पर भी दबाव है कि वो इस तरह के आरोपियों को....Read More

Ram name in the mouth, Godse ideology in the heart: मुंह में राम, दिल में गोडसे वाली विचारधारा

मुंह में राम, बगल में छूरी वाली कहावत तो आपने खूब सुनी होगी। पर इन दिनों मुंह में राम दिल में गोडसे वाली विचारधारा पनप रही है। या यूं कहें पनप चुकी है। महात्मा गांधी की विचारधारा से आप सहमत....Read More

History has repeated itself in Maharashtra: महाराष्ट्र में इतिहास ने स्वयं को दोहराया है

भारतीय राजनीति क्रिकेट के टी-20 मैच की तरह हो गई है। कब मैच किसकी तरफ पलट जाए कहा नहीं जा सकता है। शुरुआती बैट्समैन फेल हो गए तो नौंवे नंबर पर आने वाला बैट्समैन भी अंतिम ओवर में क्या कर....Read More

Yearning to get rid of the shackles in nda alliance: मंथन- एनडीए गठबंधन में बंधनों से मुक्त होने की तड़प

हरियाणा और महाराष्टÑ विधानसभा चुनाव के बाद अब झारखंड में हो रहे विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन में दरार साफ नजर आने लगी है। ऐसा लग रहा है मानो सभी क्षेत्रीय दल गठबंधन के बंधनों से खुद को मुक्त करना....Read More

Mujhe kabar nahi mandir hai ya maszid…: मुझे खबर नहीं मंदिर जले हैं या मस्जिद… मेरी निगाह के आगे तो सब धुंआ है मियां…

शायर डॉ. राहत इंदौरी ने जब इन पंक्तियों को लिखा होगा तो उनके मन में क्या चल रहा होगा यह तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन आज जब रामजन्म भूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और इसके बाद....Read More

Understand the seriousness of spying on WhatsApp: व्हाट्सऐप पर जासूसी की गंभीरता को समझें

वीं सदी का 19वां वर्ष उत्तरार्ध की ओर अग्रसर है। यह युग हर हाथ में इंटरनेट युक्त मोबाइल फोन के लिए जाना जाएगा। उसमें भी सोशल मीडिया में जन-भागीदारी की तो बात ही कुछ और है। इस स्थिति में मोबाइल....Read More

Need to understand the motives of Kashmir’s enemies: कश्मीर के दुश्मनों की मंशा को समझने की जरूरत

हर साल की तरह इस साल भी कश्मीर में सेब का उत्पादन बेहद उत्साहजनक रहा है। कुछ ऐसा ही हाल केसर का भी है। सेब और केसर उत्पादक क्षेत्र के लोग बेहद खुशहाल हैं, लेकिन उनके अंदर आतंकवाद का भय....Read More

The meaning of Modi Magic and BJP’s misery: त्वरित टिप्पणी: मोदी मैजिक और भाजपा की ‘दुर्गति’ के मायने

चुनाव से पहले का दृश्य... सभी कहते रहे : आर्थिक मंदी है, लोग परेशान हैं। आॅटो सेक्टर की बैंड बजी है। भाजपा के नेता कहते रहे : कहां मंदी है? गाड़ियों की एडवांस बुकिंग ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आॅनलाइन....Read More

There is a fine line between the limit of expression and the river: अभिव्यक्ति के दायरे और दरिया के बीच बारीक लकीर है

साल 2015 में जब शार्ली एब्दो के व्यंग्यात्मक अभिव्यिक्ति पर हमला हुआ था तो इसे बेहद चौंकाने वाला कहा गया था, पर यह शायद इतना भी चौंकाने वाला नहीं था। क्योंकि अभिव्यक्ति के दायरे और इसके दरिया बन जाने में....Read More

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