Dr Sanjeev Mishra

Government should remove mistrust and fear: अविश्वास व डर तो दूर करो सरकार

कभी सीएए और एनआरसी से डरे लोग एक सड़क जाम कर बैठ जाते हैं और देश का बड़ा हिस्सा उनके साथ खड़ा दिखता है। कभी अपनी खेती जाने और कृषि कार्य में संकट बढ़ जाने का डर बताते किसान दिल्ली....Read More

thenge par sarakaar, manamaanee ho rahee jaanaleva: ठेंगे पर सरकार, मनमानी हो रही जानलेवा

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहीं प्रयागराज की सांसद रीता बहुगुणा जोशी के लिए यह दीवाली अंधियारों की सौगात लाई है। उनकी इकलौती पौत्री को रोक के बावजूद चले पटाखों का शिकार होना पड़ा। छह साल की बच्ची की जान....Read More

Police ke Iqbal per sawal: पुलिस के इकबाल पर सवाल

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की पुलिस एक बार फिर शहादत की शिकार है। कानपुर देहात में पुलिस एक ऐसे कुख्यात अपराधी को पकड़ने गयी थी, जो पहले पुलिसिया लापरवाही की बदौलत बरी हो चुका था। उसका हौसला....Read More

Save the environment by learning from Corona:  कोरोना से सीख कर बचा लो पर्यावरण

अभी पांच जून को हमने हर साल की तरह पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया है। कोरोना काल ने इस वर्ष देश को पर्यावरण दिवस के नाम पर होने वाली तमाम औपचारिकताओं से तो बचा लिया किन्तु पर्यावरण संरक्षण की....Read More

Lessons from Corona, now ban tobacco: कोरोना से मिला सबक, अब लगाओ तंबाकू पर रोक

देश इस समय कोरोना की महामारी से जूझ रहा है। कोरोना के तमाम लक्षण श्वांस रोगों से जुड़े होते हैं और श्वांस रोगों के पीछे बड़ा कारण तम्बाकू का प्रयोग भी है। अभी 31 मई को पूरी दुनिया में विश्व....Read More

Ramjan given gift of Zakat and Aman: जकात व अमन की सौगात दे गया रमजान

मुंशी प्रेमचंद की कहानी ईदगाह हर ईद पर याद आती है। हर ईद इस उम्मीद के साथ आती है कि कोई हामिद अपनी दादी के जलते हाथों की परवाह कर चिमटा लाएगा। इस बार ईद तो आई पर ईदगाहों पर....Read More

Countries facing the pinnacle of inhumanity: अमानवीयता की पराकाष्ठा झेलता देश

शायर मुनव्वर राना की ये पंक्तियां देश भर में मजदूरों का हाल बयां कर रही हैं। कोरोना संकट की भेंट चढ़कर बेरोजगार हुए मजदूरों के साथ कदम-दर-कदम अमानवीयता के नए-नए पैमाने गढ़े जा रहे हैं। कहीं मजदूर रेल पटरी की....Read More

When will see the tears of the workers death: कब दिखेंगे मजदूरों की मौत के आंसू

कोरोना को लेकर पूरा देश चिंता में डूबा है। घर से रोजी-रोटी की चाह लेकर दूर-देश कमाने गए ये मजदूर भी चिंतित हुए। राह न मिली तो कोई सड़क पर तो कोई पटरी-पटरी चल पड़ा। वे घर पहुंचना चाहते थे,....Read More

Alcohol is necessary or helplessness in Gandhi’s country!:”गांधी के देश में शराब जरूरी या मजबूरी!

कोरोना संकट के चलते बार-बार बढ़ते लॉक डाउन के बीच सोमवार को देश में एक साथ शराब की दुकानें खुलीं तो विमर्श का नया दौर शुरू हो गया। प्रफुल्लित शराबी दुकानों के बार पंक्तिबद्ध नजर आए तो गांधी से लेकर....Read More

Not every Muslim is Tabligi: हर मुसलमान तबलीगी तो नहीं

पूरा देश इस समय कोरोना के साथ मुसलमानों की चर्चा में भी जुटा है। तबलीगी जमात की गल्तियों की सजा देश तो भुगत ही रहा है, मुसलमानों को भी समग्र रूप से एक अलग ही विषादपूर्ण वातावरण का सामना करना....Read More

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