- आशा वर्कर्स एवं फैसिलिटेटर का न्यूनतम मासिक वेतन 26 हजार रुपये लागू किया जाए
Jind News ,आज समाज , जींद। अलेवा व निडाना पीएचसी में आशा वर्करों एवं फैसिलिटेटरों की बैठकें सुमन ललितखेड़ा व मुकेश की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि भाजपा सरकार की मजदूर, कर्मचारी विरोधी नीतियों, आशा वर्कर्स की लंबित मांगों को अनदेखा करने और चारों लेबर कोड्स लागू करने के खिलाफ जिला की आशा वर्कर्स एवं फैसिलिटेटर आठ दिसंबर को करनाल में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के कार्यालय के सामने होने वाले राज्य स्तरीय महापड़ाव में भारी संख्या में शामिल होंगी।
करनाल का यह महापड़ाव आशा वर्कर्स का अब तक का सबसे बड़ा जमावड़ा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने आशा वर्कर्स के साथ घोर अन्याय किया है। आशा वर्करों को पिछले दो वर्षों से कोई भी रजिस्टर नही मिला है। जिसमें आशा वर्कर या फैसिलिटेटर अपनी गतिविधियां दर्ज कर सके। मजबूरीवश अपने पैसों लगा कर सरकारी काम करने के लिए रजिस्टर खरीदने पड़ रहे हैं। जिसका एक भी पैसा सरकार नहीं दे रही है।
करनाल महापड़ाव अन्याय के खिलाफ निर्णायक जवाब
मार्च 2025 में घोषित निश्चित वेतन वृद्धि आज तक लागू नहीं की गई। बजट कटौती, बकाया मानदेय न देना, डिजिटल हैल्थ मिशन के नाम पर हक छीनना और चार लेबर कोड्स लागू कर वर्षों की मेहनत से हासिल श्रम अधिकारों को एक झटके में छीन लेना यह सब मेहनतकश आबादी के साथ खुली लूट है। अब चुप रहने का समय खत्म हो चुका है। आठ दिसंबर का करनाल महापड़ाव इस अन्याय के खिलाफ निर्णायक जवाब होगा। महापड़ाव की तैयारियों के तहत पिछले दिनों पीएचसी स्तर पर भी बैठकों का दौर जारी है। उन्होंने मांग की कि चारों लेबर कोड्स तुरंत रद्द हों, पुराने श्रम कानून बहाल हों।
हड़ताल का बकाया मानदेय तुरंत हो जारी
आशा वर्कर्स एवं फैसिलिटेटर का न्यूनतम मासिक वेतन 26 हजार रुपये लागू हो, सभी को स्थायी कर्मचारी बनाया जाए। तीसरे दर्जे का कर्मचारी घोषित कर पेंशन, ग्रेच्युटी, एक्सग्रेशिया सहित सभी सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएं। मार्च 2025 में घोषित निश्चित वेतन वृद्धि तुरंत लागू हो, सारा बकाया मानदेय जारी हो।
परियोजनाओं का निजीकरण बंद होए पर्याप्त बजट आवंटन हो। डिजिटल हैल्थ मिशन व एनईपी रद्द हों। आंदोलन के सारे मुकदमे रद्द हों, हड़ताल का बकाया मानदेय तुरंत जारी हो। सरकारी काम के लिए सरकार की तरफ से रजिस्टर आदि दिए जाएं तथा जो रजिस्टर पिछले दो वर्षों से खरीदे जा रहे हैं उनकी पेमेंट दी जाए।
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