कहा- मल्टी-डोर कोर्ट बनें, विवादों का महज ट्रायल न हो, उन्हें सुलझाया भी जाए
CJI Surya Kant, (आज समाज), पणजी: गोवा के पणजी में शुक्रवार को इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी आॅफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च के इवेंट मिडिएशन अवेयरनेस वॉकथॉन में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने शिरकत की। मध्यस्थता आज के संदर्भ में कितना महत्वपूर्ण विषय पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपने विचार रखे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि मध्यस्थता कानून की कमजोरी का संकेत नहीं है, बल्कि यह उसका सबसे बड़ा विकास है। यह न्याय के कल्चर से भागीदारी के कल्चर की ओर एक सच्चा बदलाव है, जहां हम सद्भाव पैदा करते हैं।
कार्यक्रम गोवा के सांकवाले गांव आयोजित किया गया था। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि वह एक मल्टी-डोर कोर्टहाउस की ओर बदलाव की कल्पना करते हैं, जहां कोर्ट सिर्फ ट्रायल की जगह नहीं, बल्कि विवाद समाधान के लिए एक व्यापक केंद्र हो। कार्यक्रम में उन्होंने 2 लाख मिडिएटर्स के साथ वॉकथॉन में भाग लिया। साथ ही पौधारोपण भी किया।
मीडिएशन को सफल और किफायती तौर पर स्वीकार किया जा रहा
मीडिएशन को सफल और किफायती के तौर पर स्वीकार किया जा रहा है। यह दोनों पक्षों के लिए विन-विन स्थिति है क्योंकि यह एक सेटलमेंट है।
मीडिएशन के मामले में, कोई भी मीडिएटर किसी भी पक्ष पर कुछ भी थोपेगा नहीं। यह सिर्फ वही है जो वे चाहते हैं या जो वे चाहते हैं।
मीडिएशन फॉर नेशन पहल शुरू की
सुप्रीम कोर्ट ने स्टेकहोल्डर्स को एक संदेश देने के लिए मीडिएशन फॉर नेशन पहल शुरू की है। यह संदेश न केवल न्याय के उपभोक्ताओं के लिए है, बल्कि बार और बेंच जैसे सीधे स्टेकहोल्डर्स के लिए भी है।
अच्छे परिणाम मिलेंगे
अगर लोग खुद को संवेदनशील बनाते हैं, तो वे इस बात से अवगत हो जाते हैं कि मीडिएशन एक सफल टूल है। इससे अच्छे परिणाम मिलेंगे, और ऐसा वास्तव में हुआ है। मीडिएशन वह प्रक्रिया है, जो पुराने और नए मामलों के लिए भी कारगर है। यह प्री-लिटिगेशन स्टेज के लिए भी जारी रहेगा, यहां तक कि मामला कोर्ट में ले जाने से पहले भी।
मीडिएशन के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित लोगों की जरूरत
सीजेआई ने कहा कि विवादों के निपटारे में मीडिएशन को ट्रायल के विकल्प के तौर पर अपनाने के लिए जागरूकता जरूरी है। उनके मुताबिक, हाल के वर्षों में मीडिएशन की सफलता दर में 30% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि देश में मीडिएशन के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित लोगों की जरूरत है।
अच्छे परिणाम आए सामने
जीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कमर्शियल विवाद, वैवाहिक मामले, मोटर एक्सीडेंट क्लेम और धारा 138 (चेक बाउंस) से जुड़े मामलों में मीडिएशन के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।
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