यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ साउथ चाइना सी से मिडिल ईस्ट की ओर हुआ रवाना
US-Iran Military Action Update, (आज समाज), नई दिल्ली: ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन के बीच अमेरिका ईरान के आस-पास अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी में है। अमेरिकी नौसेना का यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ साउथ चाइना सी से मिडिल ईस्ट की ओर रवाना हो गया है। यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिकी नौसेना का एक न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर है। यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ताकतवर वॉरशिप में से एक माना जाता है।
ये फैसला ईरानी एयरस्पेस के बंद होने के ठीक एक घंटे बाद लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्ट्राइक ग्रुप को चीन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए साउथ चाइना सी में तैनात किया था, लेकिन अब इसकी मूवमेंट देखी गई है। इसे मिडिल ईस्ट पहुंचने में करीब एक हफ्ता लग सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी अधिकारियों की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। अमेरिका ने वेनेजुएला में भी हमले से पहले इसी तरह तैनाती बढ़ाई थी।
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट से कर्मचारियों को निकालना शुरू किया
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने कुछ सैन्य अड्डों से कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है। रॉयटर्स के अनुसार, कतर में स्थित अल उदैद एयर बेस (जो मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा अमेरिकी बेस है और करीब 10,000 सैनिक तैनात है) से कुछ कर्मचारियों को बुधवार शाम तक निकालने को कहा गया था। अमेरिकी अधिकारी ने इसे पोश्चर चेंज (तैनाती में बदलाव) बताया है, न कि पूरा इवैक्यूएशन। इसका कारण साफ नहीं बताया गया, लेकिन यह ईरान के साथ बढ़ते तनाव से जुड़ा माना जा रहा है।
मिडिल ईस्ट में 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात
मिडिल ईस्ट में अभी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी काफी मजबूत है। मिडिल ईस्ट और पर्शियन गल्फ में लगभग 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। फिलहाल मिडिल ईस्ट में करीब 6 नौसैनिक जहाज मौजूद हैं, जिनमें 3 गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल हैं, जो बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और अन्य आॅपरेशन के लिए सक्षम हैं।
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