
अमेरिकी विदेश नीति विशेषज्ञों के सर्वे पर आधारित है रिपोर्ट
US CFR Report, (आज समाज), नई दिल्ली: साल 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से टकराव हो सकता है। यह दावा अमेरिका के बड़े थिंक टैंक काउंसिल आॅन फॉरेन रिलेशंस ने किया है। सीएफआर की रिपोर्ट कॉन्फ्लिक्ट्स टू वॉच इन 2026 के अनुसार, कश्मीर में आतंकी गतिविधियां बढ़ने से दोनों देशों के बीच टकराव की मध्यम संभावना है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष होता है, तो उसका असर अमेरिका के हितों पर भी मध्यम स्तर तक पड़ सकता है। हालांकि जम्मू-कश्मीर में अभी कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं हुआ है, लेकिन खुफिया एजेंसियों के अनुसार इस सर्दी में जम्मू क्षेत्र में 30 से ज्यादा पाकिस्तानी आतंकी सक्रिय हैं।
दोनों देशों ने हथियारों की खरीद तेज की
वहीं दोनों देशों ने हथियारों की खरीद तेज कर दी है। भारत में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हाल ही में 79 हजार करोड़ रुपए के रक्षा सौदों को मंजूरी दी है, जिसमें ड्रोन, एयर-टू-एयर मिसाइल और गाइडेड बम शामिल हैं। उधर पाकिस्तान ने भी तुर्किये और चीन से नए ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए बातचीत शुरू की है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी संघर्ष की संभावना
रिपोर्ट में एक और बड़े खतरे की ओर इशारा किया गया है। सीएफआर के मुताबिक, 2026 में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी सशस्त्र संघर्ष की मध्यम संभावना है, हालांकि इसका असर अमेरिकी हितों पर कम होगा। अक्टूबर में 2600 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन पर पाकिस्तान और तालिबान शासित अफगानिस्तान के बीच भीषण झड़पें हुई थीं। दोनों देशों की सेनाओं ने कई इलाकों में एक-दूसरे पर गोलीबारी की थी और सीमा चौकियां तबाह होने के दावे किए थे।
अमेरिकी नीति निर्धारकों के लिए चेतावनी
सीएफआर की यह रिपोर्ट अमेरिकी विदेश नीति विशेषज्ञों के सर्वे पर आधारित है। इसका मकसद अमेरिकी नीति-निर्माताओं को उन क्षेत्रों के बारे में सतर्क करना है, जहां भविष्य में संघर्ष भड़क सकता है। रिपोर्ट में संघर्षों को तीन श्रेणियों टियर-1, टियर-2 और टियर-3 में बांटा गया है, ताकि यह समझा जा सके कि कहां संघर्ष की संभावना और उसका असर कितना गंभीर हो सकता है।
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