Iran US Israel War Ceasefire: ईरान पर हाइपरसोनिक मिसाइल से हमले की तैयारी में अमेरिका, ट्रम्प बोले- परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे

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Iran US Israel War Ceasefire: ईरान पर हाइपरसोनिक मिसाइल से हमले की तैयारी में अमेरिका
Iran US Israel War Ceasefire: ईरान पर हाइपरसोनिक मिसाइल से हमले की तैयारी में अमेरिका

अमेरिका की सेंट्रल कमांड के कमांडर ने राष्ट्रपति ट्रम्प को संभावित हमला करने के विकल्पों की जानकारी दी
Iran US Israel War Ceasefire, (आज समाज), तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका की सेंट्रल कमांड के कमांडर ने ईरान के खिलाफ संभावित हमला करने के विकल्पों की जानकारी राष्ट्रपति ट्रम्प को दी है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक रक्षा मंत्रालय कुछ नए और एडवांस हथियार इस्तेमाल करने पर भी विचार कर रहा है। इनमें डार्क ईगल नाम की हाइपरसोनिक मिसाइल भी शामिल है। यह मिसाइल करीब 2,000 मील (करीब 3,200 किलोमीटर) दूर तक निशाना साध सकती है और ईरान के बचे हुए बैलिस्टिक मिसाइल लांचरों को टारगेट कर सकती है।

एडमिरल ब्रैड कूपर ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में ट्रम्प के साथ बैठक में ये विकल्प पेश किए। इसमें बताया गया कि अगर ट्रम्प दोबारा हमले का फैसला लेते हैं, तो एक छोटा लेकिन बहुत ताकतवर हमला किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में ईरान की बची हुई सैन्य ताकत, उसके नेता और अहम ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को निशाना बनाया जा सकता है। इसके अलावा, बी-1बी लांसर बॉम्बर विमानों की मौजूदगी भी इलाके में बढ़ाई जा रही है। ये विमान भारी मात्रा में हथियार ले जाने में सक्षम हैं और हाइपरसोनिक हथियार भी ले जा सकते हैं।

युद्ध की वजह से हर अमेरिकी परिवार को हर महीने करीब 500 डॉलर का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह युद्ध की असली लागत के बारे में झूठ बोल रहा है। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नेतन्याहू के इस फैसले की वजह से अब तक अमेरिका को लगभग 100 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है, जो कि अमेरिकी रक्षा विभाग की तरफ से बताए गए खर्च (25 अरब डॉलर) से चार गुना ज्यादा है।

उन्होंने यह भी कहा कि असली नुकसान इससे भी ज्यादा है, क्योंकि इसका असर सीधे अमेरिकी जनता पर पड़ रहा है। उनके मुताबिक, इस युद्ध की वजह से हर अमेरिकी परिवार को हर महीने करीब 500 डॉलर का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। अराघची ने यह भी आरोप लगाया कि इजराइल फर्स्ट पॉलिसी का मतलब है अमेरिका लास्ट।

ईरान की अरब देशों को धमकी, राजा और उनके महल सुरक्षित नहीं रहेंगे

ईरान के सांसद महमूद नबावियन ने क्षेत्र के अरब देशों के शासकों को कड़ी चेतावनी दी है। एक रैली में उन्होंने कहा कि अगर ईरान के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया गया, तो अरब देशों के राजा और उनके महल सुरक्षित नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि, इन देशों की क्षेत्रीय सरकारें यह सुनिश्चित करें कि उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए न हो।

ईरान की सरकार ने 42,000 बेगुनाह और निहत्थे लोगों की हत्या की

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर आप (दुनिया) इससे सहमत हैं, तो मैंने जो किया वह पूरी तरह सफल रहा, क्योंकि हमारी सेना ने उन्हें पूरी तरह कमजोर कर दिया। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि ईरान की सरकार ने वहां विरोध प्रदर्शन करने वाले 42,000 बेगुनाह और निहत्थे लोगों की हत्या की है। यह एक उग्रवादी समूह है, लेकिन हमने उन्हें पूरी तरह कमजोर कर दिया है और उनकी अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है।

लेबनान के पीएम ने अमेरिकी राजदूत से मुलाकात की, तनाव कम करने और सीजफायर मजबूत करने पर हुई चर्चा

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने अमेरिका के राजदूत मिशेल इस्सा से मुलाकात की। यह बैठक ग्रैंड सेरायल में हुई। इस मुलाकात में इजराइल के साथ चल रहे तनाव को कम करने और सीजफायर को मजबूत करने पर बात हुई। साथ ही दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे कैसे बढ़ाया जाए, इस पर भी चर्चा की गई।

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