- अन्ना ने राघव चड्ढा के भाजपा ज्वाइन करने पर दी अपनी प्रतिक्रिया
AAP Punjab MPs, (आज समाज), मुंबई: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने शनिवार को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की आम आदमी पार्टी (आप) से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि निजी फायदों के लिए इस तरह राजनीतिक पार्टियां बदलना ठीक नहीं है। अन्ना ने कहा, यह संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप भी नहीं है। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शुक्रवार को ‘आप’ से अलग होने की घोषणा की और बाद में पार्टी प्रमुख नितिन नवीन की मौजूदगी में बीजीपी में शामिल हो गए
संविधान की भावना के दायरे में काम करना चाहिए
अन्ना हजारे ने जोर देकर कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को संविधान की भावना के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और निजी फायदों से प्रेरित फैसलों से बचना चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक नैतिकता को बनाए रखने की जरूरत पर भी बल दिया। हजारे ने कहा, एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होना अनुचित है। उन्होंने कहा, हमारा संविधान ही सर्वोपरि है, हमारा देश संविधान के आधार पर चलता है। संविधान पार्टियां बदलने का कोई जिक्र नहीं है।
‘आप’ के गठन में मुख्य चेहरा अन्ना हजारे
अन्ना हजारे, 2011 के अपने भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन के जरिए ‘आप’ के गठन में मुख्य चेहरा और वैचारिक मार्गदर्शक थे, हालांकि बाद में मुख्यधारा की राजनीति में आने के कारण उन्होंने अरविंद केजरीवाल से दूरी बना ली थी। भाजपा में शामिल होने के बीच राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने, आप के छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ मिलकर, नियमों के अनुसार, सदन के सभापति को पार्टी छोड़ने की सूचना दे दी है। दूसरी तरफ, आप भी इस मामले में राज्यसभा सभापति को एक पत्र भेजने की तैयारी में है।
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