Home लोकसभा चुनाव इलेक्शन नॉलेज What was the security deposit, why is it seized?: क्या होती जमानत राशि, क्यों हो जाती है जब्त?

What was the security deposit, why is it seized?: क्या होती जमानत राशि, क्यों हो जाती है जब्त?

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अंबाला। हर बार चुनावी शोर में आपको जमानत राशि शब्द जरूर सुनाई देता है। पर क्या आपको पता है कि आखिर यह जमानत राशि होती क्या है और इसे किन परिस्थितियों में जब्त कर लिया जाता है? तो आइए जानते हैं इसके बारे में में..

दरअसल सभी प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने के लिए जमानत के रूप में चुनाव आयोग के पास एक निश्चित रकम जमा करनी होती है। जब प्रत्याशी निश्चित प्रतिशत मत हासिल नहीं कर पाता, तो उसकी जमानत जब्त हो जाती है यानी यह राशि आयोग की हो जाती है।
-विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए जमानत राशि के की रकम अलग अलग होती है। चुनाव आयोग चाहे तो इस राशि को बढ़ा और घटा सकता है।
-लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 34(1)(ख) के अनुसार इस तरह की जमानत राशि का प्रावधान किया गया है।
-चुनाव आयोग के अनुसार अभी विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सामान्यय उम्मीदवार को दस हजार रुपए की प्रतिभूति राशि जमा करानी होगी।
-जबकि विधानसभा के लिए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी को 5000/- (मात्र पांच हजार रुपए) की प्रतिभूति राशि जमा करनी होती है।
-1996 तथा इससे पूर्व में आयोजित विधानसभा निर्वाचनों के दौरान सामान्यत तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए प्रतिभूति जमा राशि क्रमश: 250/- (मात्र दो सौ पचास रुपए) तथा 125/- (मात्र एक सौ पच्चीस रुपए) थी।
-साल 2009 की अधिनियम 41 द्वारा लगभग 1-2-2010 से प्रतिभूति जमा राशि की वृद्धि में परिवर्तन किया गया।
– ठीक इसी तरह लोकसभा चुनाव लड़ रहे सामान्य जाति के प्रत्याशियों के लिए जमानत राशि 25 हजार रुपए तय है।
-जबकि लोकसभा के लिए अनुसूचित जाति के लिए जमानत राशि साढ़े 12 हजार तय की गई है।
-लोकसभा के लिए 2009 से पहले जमानत राशि क्रमश: दस हजार और पांच रुपए निर्धारित थी, पर बाद में इसमें परिवर्तन किया गया।

कब जब्त कर ली जाती है राशि?
ऐसे हारे हुए अभ्यर्थी की, जो किसी निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए कुल विधिमान्य मतों की संख्या के छठे भाग से अधिक मत प्राप्त करने में असफल होता है, जमानत राशि जब्त हो जाती है। इसे उदाहरण से समझें। माल लें कि किसी विधानसभा सीट पर यदि कुल एक लाख वोटिंग हुई तो जमानत बचाने के लिए प्रत्येक प्रत्याशी को छठे भाग से अधिक यानि करीब 16 हजार 666 वोटों से अधिक वोट लेने होंगे। अगर इससे कम वोट मिलेंगे तो प्रत्याशि की जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।

प्रत्याशी                                 अब                         पहले
विधानसभा चुनाव
सामान्य                                10,000 रु.           5,000 रु.
एससी-एसटी                          5,000                 2,500

लोकसभा चुनाव
सामान्य                                25,000 रु.         10,000 रु.
एससी-एसटी                          12,500 रु.          5,000 रु

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