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Upper Caste Reservation Bill Updates:विपक्ष खुले दिल से करें बिल का समर्थन-अरुण जेटली

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया। आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया। इस बिल को लोकसभा केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने मंगलवार को बिल पेश किया। बता दें कि बिल पास होने के लिए 67 प्रतिशत सांसदों का समर्थन जरुरी है। शाम को पांच बजे के बाद इस बिल पर चर्चा शुरु हुई। अरुण जेटली ने संसद में बहस के दौरान कहा कि मुझे लगता है आज इसका समय आ गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के मेनिफेस्टों में लिखा हुआ है, उसका समर्थन कीजिए।

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आगे कहा है कि इस आरक्षण बिल के तहत बराबरी लाने का प्रयास है। साथ ही कहा कि सरकार से सहायता पाने ओर न पाने वाले संस्थानों में लागू होगा आरक्षण। वहीं विपक्ष पर तंज कसते हुए जेटली ने कहा कि आरक्षण पर जुमले की बात विपक्ष ने ही कही थी। उन्होंने कहा कि अनारक्षित गरीबों को आरक्षण देने की कोशिश है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि संसद में पास होकर आरक्षण का 50 प्रतिशत दायरा बढ़ सकता है।

आर्थिक रूप से पिछड़ों पर लागू नहीं होगा। साथ ही कहा कि पिछली सरकारों ने सही तरीके से सवर्ण आरक्षण के लिए प्रयास नहीं किए थे। विपक्ष खुले दिल से इसका समर्थन करें ना नुकुर के साथ नहीं। बिल पर शिकायत के साथ बिल का समर्थन न करें। यह बिल सभी के लिए है।

अपडेट-
बहस के दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने जो 50 फीसदी आरक्षण की सीमा तय की थी वो जाति आधारित थी। उन्होंने कहा कि अदालत को ये सीमा इसलिए तय करनी पड़ी थी क्योंकि संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण की श्रेणी में ला सके।

अपडेट-

लोकसभा में सवर्ण आरक्षण बिल पर चर्चा जारी है लभगभ 8 बजे लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के सांसद जय प्रकाश यादव ने सवर्ण आरक्षण बिल का विरोध किया। उन्होने विरोध करते हुए कहा कि सवर्ण आरक्षण बिल धोखा है। उन्होंने कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी को मिलने वाले 49.5 फीसदी आरक्षण को बढ़ाकर 85 फीसदी किया जाए। उन्होंने नारा दोहराते हुए कहा कि जितनी जिसकी हिस्सेदारी, उसको उतनी भागेदारी।

अपडेट-

शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन सवर्ण आरक्षण पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव ने कहा कि कैबिनेट में पिछड़े मंत्रियों की संख्या बराबर होनी चाहिए लिहाजा पिछड़े मंत्रियों की संख्या बराबर की जाए। वहीं बीजू जनता दल ने बिल का समर्थन किया है। भारतरूहारी महताब ने कहा कि समय समय पर आर्थिक समीक्षा की जानी चाहिए। बीजू जनता दल के नेताओं ने एक साथ मिलकर कहा कि हमारी पार्टी बिल का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि हमारे नेता बीजू पटनायक ने एक बार कहा था कि गरीबों की कोई जाति नहीं होती।

 

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