Home खास ख़बर Trinamool Congress delegation going to meet families suffering from Sonbhadar controversy: सोनभद्र विवाद के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे तृणमूल कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के सदस्य हिरासत में

Trinamool Congress delegation going to meet families suffering from Sonbhadar controversy: सोनभद्र विवाद के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे तृणमूल कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के सदस्य हिरासत में

0 second read
0
0
70

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में सामूहिक हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने जा रहे तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को शनिवार को यहां हवाईअड्डे पर हिरासत में ले लिया गया। पार्टी सांसद डेरेक ओब्रायन ने यह जानकारी दी। जमीन विवाद के चलते इस हफ्ते हुए खूनी संघर्ष में 10 लोगों की जान चली गई थी। तृणमूल कांग्रेस के इस प्रतिनिधिमंडल में ओब्रायन, सांसद एवं प्रतिनिधिमंडल के नेता सुनील मंडल और सांसद अबीर रंजन बिश्वास शामिल थे। तृणमूल की इस टीम को हिरासत में लेने से एक दिन पहले ही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को भी हिरासत में लिया गया था और उन्हें सोनभद्र घटना के घायलों एवं मृतक के परिवारों से मिलने सोनभद्र जाने के दौरान मिर्जापुर जिले में रोक दिया गया था। ओब्रायन ने ट्वीट किया, ‘‘तृणमूल संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को वाराणसी हवाईअड्डे पर हिरासत में ले लिया गया। एडीएम, एसपी ने हमें नहीं बताया कि किस धारा के तहत यह किया गया।

हमने उनसे कहा कि हम सहयोग करेंगे, हम पहले घायलों से मुलाकात करेंगे और फिर सोनभद्र के लिए रवाना होंगे जहां शोकसंतप्त परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने हमें वाराणसी हवाईअड्डे पर रोक लिया जब हम पीड़ितों से मिलने सोनभद्र जा रहे थे। धारा 144 का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है क्योंकि हमारी संख्या कम है।’’ ओब्रायन ने बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल यहां अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलने वाराणसी पहुंचा था और फिर वह शोकसंतप्त परिवारों से मिलने के लिए सोनभद्र जाने वाला था। तृणमूल प्रतिनिधिमंडल सोनभद्र के दौरे के बाद शाम की उड़ान से लौटने वाला था। पार्टी ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि उसके सांसदों की एक टीम उत्तर प्रदेश के सोनभद्र संघर्ष के पीड़ितों के परिवार से शनिवार को मुलाकात करने जाएगी। लोकसभा चुनाव के बाद से तृणमूल और भाजपा के बीच बढ़ी राजनीतिक हिंसा के चलते यह फैसला अहम माना जा रहा था।

Load More Related Articles
Load More By Aajsamaaj Network
Load More In खास ख़बर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

स्मृति शेष : भारतीय राजनीति के ‘अरुण’ का अस्त हो जाना

कुणाल वर्मा राजनीति में लंबा समय बिताकर, भारतीयों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़कर राजनीति…