Home टॉप न्यूज़ The threat of ‘Terror Black List’ stuck on Pakistan: पाकिस्तान पर मंडरा रहा ‘टेरर ब्लैक लिस्ट’ का खतरा, मोदी सरकार की इमरान खान को नसीहत

The threat of ‘Terror Black List’ stuck on Pakistan: पाकिस्तान पर मंडरा रहा ‘टेरर ब्लैक लिस्ट’ का खतरा, मोदी सरकार की इमरान खान को नसीहत

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नई दिल्ली। पाकिस्तान अपनी लगातार गिरती आर्थिक स्थिति को संभाल नहीं पा रहा है। पाकिस्तान को काली सूची में डालने का डर सता रहा है। लेकिन फिर भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। अभी पाकिस्तान को आईसीआरजी ने ग्रे सूची में डाला गया है। अब भारत ने शनिवार को पाकिस्तान को याद दिलाया कि उसे एफएटीएफ की ‘काली सूची’ में डाले जाने से बचने के लिए क्या करना चाहिए। बता दें कि पिछले वर्ष जून में एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ‘ग्रे सूची’ में डाला था। इस सूची में शामिल देशों के घरेलू कानून को धन शोधन और आतंकी वित्त पोषण पर नकेल कसने के लिहाज से कमजोर माना जाता है। फ्लोरिडा के ओरलैंडो में हुई एक बैठक के बाद जारी बयान में एफएटीएफ ने चिंता जतायी है कि ”पाकिस्तान न सिर्फ अपनी जनवरी की समय सीमा की कार्य योजना को लागू करने में असफल रहा है बल्कि उसने मई 2019 में भी कार्य योजना लागू नहीं की है। एफएटीएफ की चेतावनी के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को समय पर याद दिलाया है कि उसे आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने होंगे।

भारत ने शनिवार को कहा कि वह पाकिस्तान से आशा करता है कि वह एफएटीएफ कार्य योजना को सितंबर तक प्रभावी तरीके से लागू करेगा और उसकी धरती से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद तथा आतंकी वित्त पोषण संबंधी वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय कदम उठाएगा। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एफएटीएफ रिपोर्ट के संबंध में मीडिया के सवालों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि एफएटीएफ ने तय किया है कि जनवरी और मई 2019 के लिए तय कार्य योजना को लागू करने में पाकिस्तान की असफलता के मद्देनजर उसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह (आईसीआरजी) की ‘ग्रे सूची’ में रहने दिया जाए। उन्होंने कहा, ”हम पाकिस्तान से आशा करते हैं कि वह बचे हुए समय में, सितंबर 2019 तक एफएटीएफ कार्ययोजना को पूर्ण और प्रभावी तरीके से लागू करेगा। उसने एफएटीएफ से राजनीतिक वादा किया था कि वह अपनी धरती से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद तथा आतंकी वित्त पोषण संबंधी वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस, सत्यापन योग्य, अपरिवर्तनीय और विश्वसनीय कदम उठाएगा।

पेरिस स्थित वैश्विक संगठन एफएटीएफ आतंकी वित्त पोषण और धन शोधन को कम करने के लिए काम कर रहा है और उसने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद की देश में गतिविधियों का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए कहा है।

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