Home दुनिया The Lord Jesus kept the last step, the holy stairs are opened after 300 years: प्रभु यीशु ने रखे थे अंतिम पग, पवित्र सीढ़ियां 300 साल बाद खोली गर्इं

The Lord Jesus kept the last step, the holy stairs are opened after 300 years: प्रभु यीशु ने रखे थे अंतिम पग, पवित्र सीढ़ियां 300 साल बाद खोली गर्इं

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जिन सीढ़ियों पर यीशु आखिरी बार चले थे, उन पवित्र सीढ़ियों को 300 साल बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। माना जाता है कि सूली पर चढ़ने की सजा मिलने से पहले यीशु आखिरी बार इन सीढ़ियों पर चले थे। स्केला सैंक्टा या पवित्र सीढ़ियों को वर्ष 1723 से चिनार की लकड़ियों से ढककर रखा गया था ताकि उन्हें घिसने से बचाया जा सके। लेकिन, अब इन्हें आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। तीर्थयात्री बड़ी संख्या में सीढ़ियों को देखने के लिए आ रहे हैं। इन संगमरमर की सीढ़ियों में तीन छोटे कांस्य के क्रॉस बने हुए हैं। साथ ही इन सीढ़ियों में कुछ धब्बे भी हैं जिन्हें लोग यीशु की खून की बूंदें मान रहे हैं।
तीन सौ साल पहले पोप इनोसेंट-13 ने पवित्र सीढ़ियों को ढकने के आदेश दिए थे। उन्हें डर था कि तीर्थयात्रियों के हाथों और घुटने से सीढ़ियां घिस रही हैं क्योंकि कुछ जगहों पर सीढ़ियां 15 सेमी तक धंस गई थीं। क्या है मान्यता : माना जाता है कि यह 28 सीढ़ियां जेरूसलम में स्थित पोनिटियस पिलेट महल का हिस्सा थीं। इन्हें चौथी शताब्दी ईसा पश्चात कॉन्सटेंटाइन की महारानी हेलेना ने रोम में स्थानांतरित कराया था। महारानी हेलेना ने रोमन साम्राज्य में ईसाई धर्म को आधिकारिक धर्म का दर्जा दिया था।
कुछ दिनों के लिए ही खुलेंगी सीढ़ियां
एक साल तक पुनर्निर्माण के बाद इन पवित्र सीढ़ियों को लोगों के लिए खोल दिया गया है। ये सीढ़ियां दीदार के लिए 60 दिनों तक ही खुली रहेंगी। इसे इस्टर के दौरान 9 जून तक खुला रखा जाएगा। ये सीढ़ियां अब रोम के सेंट जॉन स्क्वायर के ओल्ड पापल महल में स्थित हैं। इन सीढ़ियों का अनावरण रोम के कार्डिनल विसार एंजिलो डी डोनाटिस ने किया । पुनर्निर्माण करने वाली टीम के प्रमुख पाउलो वायोलिनी ने कहा, जब हमने सीढ़ियों पर ढकी चिनार की लकड़ियों को हटाया तो हमें उनके नीचे से बड़ी तादाद में सिक्के और नोट मिले जो भेंट के रूप में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए थे। पिछले साठ सालों से इस पवित्र जगह का पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि 2020 तक महल का पुनर्निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

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