Home खास ख़बर The health benefits raised by 1000 patients in health camps, cancer patients also told their problems: स्वास्थ्य शिविर में 1000 मरीजों ने उठाया लाभ, कैंसर मरीजों ने भी बताई अपनी परेशानी

The health benefits raised by 1000 patients in health camps, cancer patients also told their problems: स्वास्थ्य शिविर में 1000 मरीजों ने उठाया लाभ, कैंसर मरीजों ने भी बताई अपनी परेशानी

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श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति (रजि.) एवं जीओ गीता परिवार की ओर से अंबाला शहर के राम बाग में आयोजित किए गए दिव्य गीता सत्संग एवं ध्यान साधना कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। कैंप का शुभारंभ अंबाला शहर विधायक असीम गोयल एवं श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने दीप प्रज्जवलित करके किया। समिति द्वारा लगाए गए मेडिकल कैंप में करीब 1000 लोगों ने आकर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई और लोगों को मुफ्त दवाईयां भी वितरित की गई। इस मेडिकल कैंप के दौरान मेदांता अस्पताल गुरुग्राम से आई विशेषज्ञों की टीम ने मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की। जिक्र करना जरूरी है कि श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के सान्निध्य में समय समय पर सामाजिक कार्य किए जाते हैं और पहले भी कई बार मेडिकल कैंप लगाए गए हैं।
शुक्रवार को लगाए गए मेडिकल कैंप में सबसे ज्यादा मरीज आंखों से संबंधित परेशानी को लेकर कैंप में पहुंचे और कैंप में मौजूद डॉ. कपिल वोहरा ने मरीजों की परेशानी को समझा और उन्हें आंखों की परेशानी से बचने टिप्स देने के साथ साथ दवाईयां दी। मेदांता अस्पताल ग्रुरुग्राम की तरफ से आए विशेषज्ञों में कैंसर के डॉ. मोहित कादियान ने मरीजों की जांच की। शिविर में करीब 20 मरीज कैंसर की जांच करवाने पहुंचे और डॉक्टर मोहित कादियान ने कहा कि महिलाओं में स्तन कैंसर की ज्यादा संभावनाएं देखी गई हैं और इस कैंप में भी ऐसे ही मरीजों ने ज्यादा संपर्क किया है। वहीं शिविर के दौरान मरीजों की मैमोग्राफी, एक्सरे और अन्य सभी तरह के टेस्ट मुफ्त किए गए और दवाईयां भी वितरित की गई।
कैंप के दौरान हृदय रोग विशेष डॉ. सुरेंद्र तनेजा ने मरीजों की जांच की। इस दौरान करीब 50 मरीज अपनी जांच करवाने पहुंचे और डॉक्टर्स ने हर मरीज को खाने पीने में नमक कम खाने के साथ साथ तली हुए खाद्य पदार्थों को छोड़ने की सलाह दी। श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति (रजि.) एवं जीओ गीता परिवार की ओर से लगाए गए इस कैंप में जरनल फिजिशियन डॉ. विरेंद्र जीत सिंह ने हड्डी से संबंधित परेशानी को लेकर आए मरीजों की जांच की। इस दौरान एक्सरे भी मुफ्त किए गए। इस दौरान करीब 150 मरीजों ने आकर हड्डी से संबंधित बिमारियों की जांच करवाई। कैंप के दौरान डॉ. उवेश ने न्यूरो संबंधित मरीजों की जांच की और उन्हें मुफ्त दवाईयां दी गई। इसके अलावा कैंप में आए सैंकड़ों लोगों ने मुफ्त बीपी जांच, ईसीजी, खून जांच समेत कई तरह के टैस्ट करवाएं। मेडिकल कैंप में आए मरीजों की सेवा में सुरेंद्र मदान, मनमोहन कपूर, सुभाष मनचंदा, रविंद्र घेरा, राज आनंद, जगदीश सचदेवा, रमेश सचदेवा, रतनचंद, अनिल गर्ग, उमेश गांधी, विवेक चड्ढा, पीपी बजाज, कृष्ण मनोचा एवं राकेश अरोड़ा ने विशेष सहयोग किया।

शनिवार को भी लगेगा मुफ्त मेडिकल शिविर: डॉ. अशोक
जीओ गीता परिवार के कन्वीनर डॉ. सम्राट अशोक ने बताया कि शिविर के दौरान मरीजों के सभी तरह के टैस्ट मुफ्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को भी यह शिविर जारी रहेगा और मेदांता के विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों की जांच करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी महिला के स्तन या फिर छाती में दर्द हो तो एक बार शिविर में जरूर आकर जांच करवाए। क्योंकि इस शिविर में प्राइवेट अस्पताल में 4000 रुपए में होने वाला मेमोग्राफी टेस्ट भी मुफ्त किया जा रहा है और अन्य टेस्ट भी पूरी तरह मुफ्त हैं।

18वें अध्याय में पूरी गीता का सार: स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज


इससे पूर्व सुबह ध्यान साधना करवाई गई गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने चेत्र मास की आमावस्या पर गीता जी के 18वें अध्याय का पाठ करवाया। उन्होंने गीता जी को पढ़ने का तरीका बताते हुए कहा कि गीता जी 18 अध्याय हैं और उन्हें तिथि वाईस पाठ करना चाहिए। एकम तिथि से एकादशी तिथि तक रोजाना एक अध्याय, द्वाद्वशी को 12 व 13 वा अध्याय, त्रियोद्धशी तिथि को 14 वा व 15वा अध्याय, चतुर्दर्शी तिथि 16वा व 17वां अध्याय और अमावस्या व पूर्णिमा को 18वां अध्याय का पाठ करने से एक पक्ष में पूरी गीता का सार है। ध्यान साधना करवाते हुए उन्होंने कहा कि जीवन का स्वाभाविक आनंद ध्यान ही है। उन्होंने कहा कि इस संसार का पूर्ण आनंद जीव के अंदर ही है और जीव आनंद को बाहर संसार की वस्तुओं तलाश रहा है। स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि माला फेरना कोई बुरी बात नही, लेकिन अभ्यास मंत्र अंदर से चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समस्याएं अंदर हैं और कर्म बंधन नहीं मन बंधन है। अभ्यास केवल बाहर रहता है अंदर तक नहीं जा पाता, आनंद तो अपने अंदर है इसे पाने के लिए ध्यान के माध्यम से अंदर गोता लगाना पड़ेगा, फिर देखना मन कितना आनंद ले पाता है।

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