अक्षय तृतीया, घर में होगा सुख और समृद्धि का वास तो जानिए उपाए

शुभा दुबे/अक्षय तृतीया हिन्दू धर्म की चार अति श्रेष्ठ तिथियों में से एक है। भविष्य पुराण में कहा गया है कि इस तिथि की युगादि तिथियों में गणना होती है। सतयुग और त्रेता युग का प्रारंभ इसी तिथि से हुआ है। यही नहीं भगवान विष्णु का नर-नारायण, हयग्रीव और परशुराम जी का अवतरण भी इसी दिन हुआ और ब्रह्माजी के पुत्र अक्षय कुमार का आविर्भाव भी इसी दिन हुआ था। इस साल यह पर्व 18 अप्रैल को पड़ रहा है और तृतीया का असर 19 अप्रैल को भी दोपहर तक है।

मान्यता है कि इस दिन भगवान के पूजन से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और परिवार में बरकत होती है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे उपायों के बारे में जिन्हें इस दिन अपनाएंगे तो परिवार में सुख समृद्धि आयेगी और दुःखों का सर्वनाश होगा।

क्या करें-
– इस दिन सोने या चांदी की चीजें अवश्य खरीदनी चाहिए। संभव हो तो माता लक्ष्मी की सोने या चांदी से बनी चरण पादुका लाकर घर में स्थित मंदिर में रखें और नियमित पूजन करें। एक बार लक्ष्मीजी के चरण घर में आ गये तो वह आपके घर पर ही बनी रहेंगी।
-अक्षय तृतीया के दिन जल से भरे घड़े, कुल्हड़, पंखे, खडाऊं, छाता, चावल, नमक, घी, खरबूजा, ककड़ी, चीनी, साग, इमली, सत्तू आदि गरमी में लाभकारी वस्तुओं का दान पुण्यकारी माना गया है।
-इस दिन बिना कोई पंचांग देखे कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह-प्रवेश, वस्त्र-आभूषणों की खरीददारी या घर, भूखंड, वाहन आदि की खरीददारी आदि कार्य किए जा सकते हैं।
-इस दिन पितरों को किया गया तर्पण या किसी भी प्रकार का दान, अक्षय फल प्रदान करने वाला है।
-इस दिन गंगा स्नान करने से तथा भगवत पूजन से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं।
-इस दिन जाने-अनजाने अपराधों के लिए सच्चे मन से ईश्वर से क्षमा प्रार्थना करे तो भगवान अपराधों को क्षमा कर देते हैं और सद्गुण प्रदान करते हैं।
-इस दिन पूजन के बाद फल, फूल, बरतन तथा वस्त्र आदि ब्राह्मणों को दान के रूप में दिये जाते हैं। ब्राह्मण को भोजन करवाना कल्याणकारी है।
-इस दिन 11 कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर पूजा घर में रखें। कौड़ियों में लक्ष्मी जी को आकर्षित करने की अद्भुत क्षमता होती है।
-इस दिन भूखे को भोजन जरूर कराएं और जरूरतमंद को बिना मांगे कुछ दे देंगे तो आपकी भी जरूरतें पूरी होती रहेंगी।
-इस दिन वस्त्र दान, कुमकुम दान, छाछ दान, चंदन दान, नारियल दान और जल दान करने से चमत्कारी लाभ प्राप्त होता है।

क्या ना करें
-इस दिन पूजा में भगवान विष्णु को तुलसी जी जरूर अर्पित करें लेकिन तुलसी के पत्ते नहाने के बाद ही तोड़ने चाहिए।
-इस दिन किसी से झूठ नहीं बोलें और ना ही किसी पर क्रोध करें और किसी को नुकसान भी नहीं पहुँचाएं।
-अक्षय तृतीया पर पूजा स्थान को अच्छी तरह से साफ करें और वहां किसी प्रकार के जाले आदि नहीं बने होने चाहिए।
-बुजुर्गों का सम्मान करें और उन्हें उनकी जरूरत का सामान मुहैया कराएं।

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