Home देश Quit the weapons and come to eat with me in Raj Bhavan – Satyalal Malik: हथियार छोड़ो और राजभवन में मेरे साथ भोजन करने आओ-सत्यपाल मलिक

Quit the weapons and come to eat with me in Raj Bhavan – Satyalal Malik: हथियार छोड़ो और राजभवन में मेरे साथ भोजन करने आओ-सत्यपाल मलिक

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श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में आतंक को खत्म करने के लिए घाटी के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने हथियार छोड़ने का अनुरोध किया। राज्यपाल ने आतंकियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कश्मीर के युवाओं को भी इस राह से दूर होने का न्यौता दिया। उन्होंने कहा कि मैं युवाओं से पूछना चाहता हूं कि आतंक के रास्ते से जम्मू-कश्मीर को क्या मिलेगा। उन्होंने युवाओं से हथियार छोड़ने की अपील की और कहा, ”मैं कश्मीर के युवाओं को बताना चाहूंगा कि हथियार छोड़ दो और मेरे साथ भोजन करने राजभवन आओ। फिर मुझे बताओ कि जिस रास्ते को तुमने चुना है, उससे कश्मीर को क्या मिलेगा।’ समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, उन्होंने कहा कि वार्ता ही एक मार्ग है जिसके जरिए संविधान के दायरे के भीतर जो चाहते हैं वो उन्हें मिल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को हिंसा के जरिए नहीं झुकाया जा सकता। अपने प्रशासन की उपलब्धियों के बारे में संवाददाता सम्मेलन में के दौरान राज्यपाल मलिक ने ये बातें कही।
उन्होंने कहा, ”जो भी आप चाहते हैं उसे वार्ता के जरिए हासिल किया जा सकता है । आपका अपना संविधान है, आपका अलग झंडा है। और भी जो चाहिए वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए और भारतीय संविधान के दायरे में रहकर मिलेगा।
राज्यपाल ने कहा कि आतंकियों को अभी भले इसका अहसास नहीं हो लेकिन 10 वर्ष में पछतावा होगा कि उन्होंने गलत रास्ता अख्तियार किया। मलिक ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद की समस्या युवाओं में बेरोजगारी के कारण ही मौजूद नहीं है बल्कि कुछ दशकों से नेता भी लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को आजादी और कभी-कभी स्वायत्तता के सपने दिखए गए।
उन्होंने कहा, ”जब ये चीजें काम नहीं करती है तो कट्टरपंथ के जरिए जन्नत का सपना दिखाते हैं। मैं युवाओं से कहना चाहूंगा कि दो स्वर्ग है, एक कश्मीर है और अगर वे अच्छे मुस्लिम बने तो दूसरा भी उन्हें नसीब होगा। कश्मीर में इस्लामिक स्टेट की मौजूदगी के बारे में राज्यपाल ने कहा, ”ये कश्मीर की बबार्दी के रास्ते हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव के बारे में सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनाव करवाने के समय पर चुनाव आयोग फैसला लेगा।

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