Home खेल क्रिकेट London Diaries played to save the honor, returned with victory: लंदन डायरी-सम्मान बचाने के लिए खेले, जीत के साथ लौटे

London Diaries played to save the honor, returned with victory: लंदन डायरी-सम्मान बचाने के लिए खेले, जीत के साथ लौटे

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लंदन। पाकिस्तान की टीम शुक्रवार को लॉर्ड्स के मैदान में 350 रन नहीं बना पाई। सो वह सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। तो दूसरी पारी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खेलने के लिए कौन से बात प्रेरित कर रही थी भला। क्या पाकिस्तानी टीम औपचारिकता निभा रही थी। सेमीफाइनल में पहुंचने की असंभव शर्तों के साथ मैदान में उतरे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पता था कि पहले तो 350 का स्कोर बनाना नामुमकिन है और उसके बाद 311 रन से जीतना तो एकदम गैरमुमकिन बात है। लेकिन अपनी पराजय को अवश्यंभावी मान कर भी यहां पहुंचे पाकिस्तानियों और पहले ही दौड़ से बाहर हो चुके बांग्लादेशियों के लिए इस मैच में जीत सबसे जरूरी चीज थी। वह जीत जो सब कुछ गंवाने के बाद भी अपने मायने रखती है। वह जीत जो सम्मान के साथ विश्व कप से विदाई का जज्बा देती है।
विश्व कप में अपने ढुलमुल प्रदर्शन और भारत से हारने के लिए पाकिस्तान टीम की पहले ही क्लास लगने वाली है पर यदि पाकिस्तानी टीम बांग्लादेश से हार कर स्वदेश लौटते तो बहुत भद पिटती। खिलाड़ियों का देश में घुसना मुश्किल हो जाता। बांग्लादेश वह टीम है, जो किसी को भी हरा सकती है। 2007 में तो उन्होंने टीम इंडिया को भी हरा दिया था, जिससे हमारे खिलाड़ियों का अपने देश में घुसना मुहाल हो गया था। भारत में खिलाड़ियों के घर पर पत्थर फेंके गए और बड़ा हंगामा हुआ था। उस साल पाकिस्तान टीम के कोच बॉब वूल्मर ने तो आयरलैंड से मिली हार के बाद आत्महत्या ही कर ली थी। क्रिकेट की दीवानगी में डूबे प्रशंसक जीत के बाद खिलाड़ियों को सिर आंखों पर बिठाते हैं, जबकि हारने पर दुश्मन बन जाते हैं। भारत से हारकर पाकिस्तान टीम की खूब फजीहत हो चुकी है। वह मामला अब ठंडा पड़ गया है पर बांग्लादेश से हार जाते तो मामला फिर ताजा हो जाता। पाक फैन्स इस हार को बर्दास्त नहीं कर पाते। सो पाकिस्तान की यह जीत सम्मान बचाने वाली जीत है। या यों कहें कि जान बचाने की कवायद है। पहले चिर प्रतिद्वंद्वी भारत-पाकिस्तान और इंग्लैंड-आॅस्टेÑलिया माने जाते थे। पर अब तो नए नए प्रतिद्वंद्वी खड़े होने लगे हैं। आॅस्टेÑलिया-भारत, बांग्लादेश-पाकिस्तान के साथ साथ अब अफगानिस्तान भी मुकाबिल खड़ा हो गया है। गुरुवार को लीड्स में अंकतालिका में सबसे नीचे की दो टीमों के मुकाबले में वेस्टइंडीज ने अफगानिस्तान को हराया और कह कर चल दिए कि जीत के साथ लौट रहे हैं। सम्मान बचा लिया। यही पाकिस्तानी भी कहने वाले हैं। यों भी पाकिस्तान इस विश्व कप में इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड जैसी टीमों को पराजित करके और पांच जीत, एक वाशआउट के ग्यारह अंक लेकर शान से स्वदेश लौटेगा।

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