LOKSABHA ELECTION 2019: फिर डाल पर बैताल

विक्रम परसों गुजरात में क्या हुआ तुझे पता है।
न मैं क्या जानूं बैताल।
बेवकूफ कहीं का। तुझे यह तक नहीं पता कि कल 58 साल बाद साबरमती किनारे बापू के आश्रम में खूब रमन चमन था। यहां आगे की पंक्ति और पीछे की पंक्ति पर खूब तीर चले। सामने मां, बेटे और पितामह बैठे थे। सभी की नजरें बेटी को खोज रही थी।
अच्छा। पर वो कहां थीं।
अरे वह पीछे की तरफ चौथी कतार में नजर आई।
अच्छा। फिर क्या हुआ।
तूं भी न बिल्कुल नादान है रे विक्रम। तूं कभी कतार में लगा है, जो तुझे चौथी कतार का मतलब समझ में आएगा।
चल छोड़। तुझे गांधीनगर की रैली में मंच की कहानी बताता हूं।
गुजरात से विपक्ष का शंखनाद हुआ है। मंच से हार्दिक अभिनंदन भी हुआ है। तुझे पता है इस हार्दिक अभिनंदन के बाद मां किस कतार में बैठ गईं।
न मुझे क्या पता।
अरे हार्दिक अभिनंदन के बाद उसकी पीछे की सीट वाली दूसरी कतार में।
अब तूं बता। इस कतार का क्या मतलब है?
मैं क्या जानूं।
तूं निरा मुर्ख ही रहेगा विक्रम। चल छोड़ मुझे। मैं चला। मैं डाल पर ही ठीक हूं। हट! ये ले मैं चला…

-कुणाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *