IPL हिस्ट्री: 2014 में सिर्फ भारतीयों का जलवा, 2015 में चमके विदेशी खिलाड़ी

आइपीएल हिस्ट्री में आज हम आपको बताने जा रहे हैं आइपीएल 2014 और आइपीएल 2015 के बारे में। इस बार का आइपीएल पिछले आइपीएल से कई मायनों में अलग था, जानिए कैसे-

2014 में पहली बाद दो देशों में हुआ आयोजन

भारत में आम चुनाव की वजह से पहली बार दो देशों में टूर्नामेंट का आयोजन हुआ। शुरुआती 20 मैच संयुक्त अरब अमीरात में और अंतिम 40 मैच भारत में खेले गए। पुणे वॉरियर्स इंडिया के हटने से एक बार फिर टीमों की संख्या आठ रह गई। गौतम गंभीर की कप्तानी में कोलकाता ने किंग्स इलेवन पंजाब को हराकर दूसरी बार खिताब जीता।

क्या था खास

660 रन (सबसे ज्यादा) बनाए सातवें सत्र में कोलकाता के रोबिन उथप्पा ने।

23 विकेट (सबसे ज्यादा) लिए चेन्नई के मोहित शर्मा ने।

02 हैट्रिक लगीं इस बार। दोनों ही राजस्थान के गेंदबाजों प्रवीण तांबे और शेन वाटसन के नाम रहीं।

03 शतक लगे सातवें सत्र में। वीरेंद्र सहवाग (पंजाब), ऋद्धिमान साहा (पंजाब) और लेंडल सिमंस (मुंबई) ने एक-एक शतक जड़ा।

विवाद

पुणे पिछले सत्र के लिए पूर्ण मताधिकार शुल्क का भुगतान करने मेंअसफल रही थी। ऐसे में बीसीसीआइ ने बैंक गारंटी को भुनाते हुए फ्रेंचाइजी को लीग से बाहर निकालने का फैसला किया।

2015 में बड़ी स्क्रीन पर दिखाए गए मैच

बीसीसीआइ ने देशभर में आइपीएल का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से ‘आइपीएल फैन पार्क’ के नाम से नई पहल की। इसके तहत देश के 15 शहरों में बड़ी स्क्रीन पर मैच दिखाए गए। इसमें ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर मुफ्त प्रवेश दिया गया। फाइनल में मुंबई ने चेन्नई को हराकर अपना दूसरा खिताब जीता।

क्या था खास

562 रन (सबसे ज्यादा) सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वार्नर ने बनाए।

26 विकेट (सबसे ज्यादा) चेन्नई के ड्वेन ब्रावो ने झटके।

00 हैट्रिक बनीं इस बार।

04 शतक बने सातवें सत्र में, लेकिन इस बार एक भी भारतीय बल्लेबाज शतकीय पारी नहीं खेल सका।

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