India will be the largest country where TV sets will be set in every house: Javadekar: जल्दी ही भारत ऐसा सबसे बड़ा देश होगा जहां हर घर में टीवी सेट होंगे : जावड़ेकर

 श्रीनगर। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को कहा कि भारत जल्दी ही दुनिया में सबसे बड़ा देश बन जाएगा जहां हर घर में एक टीवी सेट होगा। जावड़ेकर ने यहां कहा, ह्यह्यएक नया सपना है कि आने वाले वर्षों में हर घर में एक टीवी सेट हो। भारत में करीब 25 करोड़ घर हैं और 18 करोड़ टीवी सेट हैं। अब भी सात करोड़ ऐसे घर हैं जिसमें टीवी सेट नहीं हैं।ह्णह्ण जावड़ेकर कश्मीर में फ्री डिश टीवी सेट टॉप बॉक्सों के मुफ्त वितरण के लिए आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसके अलावा जम्मू कश्मीर के लिए दूरदर्शन के चैनल डीडी कशीर की धुन भी जारी की गयी। जावड़ेकर ने डोगरी में पहले समाचार बुलेटिन की भी शुरूआत की। डीडी कशीर पर शनिवार शाम से रोजाना डोगरी बुलेटिन का प्रसारण किया जाएगा। उन्होंने कहा, ह्यह्यआज, हम एक छोटी सी शुरूआत कर रहे हैं, जिसमें हम दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों और गरीब लोगों को फ्री डिश टीवी के सेट-टॉप बॉक्स दे रहे हैं।

जैसे ही हमारी अर्थव्यवस्था विकसित होती है और लोग भोजन, कपड़े, आवास, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और आजीविका की छह बुनियादी जरूरतों को पूरा करने पर टीवी खरीद लेंगे।ह्णह्ण उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में, भारत हर घर में टीवी वाला सबसे बड़ा देश होगा। ह्यह्यऐसा मेरा मानना ??है।ह्णह्ण जावड़ेकर ने कहा कि आज विभिन्न क्षेत्रों में 700 से अधिक टीवी चैनल हैं। 1992-93 में निजी चैनलों के आने के बाद इस क्षेत्र में क्रांति हुई। मंत्री ने देश भर में टीवी के प्रसार के लिए केबल टीवी की शुरूआत को श्रेय दिया। उन्होंने खुशी व्यक्त की कि लगभग नौ करोड़ लोगों की पहुंच डीटीएच सेवाओं के माध्यम से टीवी तक है। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में कहा कि फ्री डीटीएच कनेक्शन से सीमाई क्षेत्रों में सूचना के प्रसार में मदद मिलेगी जो सड़कों या अन्य संचार साधनों से ठीक से नहीं जुड़े हैं। सिंह ने कहा, ह्यह्यसीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी। उन्हें मनोरंजन और जानकारी का एक माध्यम मिलेगाह्णह्ण उधमपुर के लोकसभा सदस्य ने कहा कि डीडी कशीर चैनल पर डोगरी बुलेटिन के संबंध में जम्मू के लोगों की लंबे समय से लंबित मांग थी।

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