Home देश India disappointed with permits and fees for pilgrims: कतारपुर में तीर्थयात्रियों के लिए परमिट और शुल्क से भारत निराश

India disappointed with permits and fees for pilgrims: कतारपुर में तीर्थयात्रियों के लिए परमिट और शुल्क से भारत निराश

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पाकिस्तान ने कतरारपुर साहिब खोलकर ये जाहिर करने की कोशिश की थी कि पाकिस्तान अमन और दोस्ती चाहता है लेकिन अब करतारपुर कारिडोर के लिए तीर्थयात्रियों के लिए परिमट और शुल्क लगाने की बात से पाकिस्तान की नीयत का पता चल जाता है। सिखों के प्रथम गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के अवसर पर पाकिस्तान में करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के लिए खोले जा रहे गलियारे से जाने वाले सिख तीर्थयात्रियों के परमिट जारी करने और चार्ज (शुल्क) लगाये जाने के पाकिस्तान के प्रस्ताव पर भारत ने निराशा जाहिर की है। सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने टेलीविजन पर करतारपुर के बारे में सिख समुदाय को जो उदारता के संकेत दिये थे, बातचीत में भारत को पता चला कि पाकिस्तान सरकार बेहद संकुचित सोच के साथ बात कर रही है। हमें इस बात की निराशा है कि तीर्थयात्रियों के लिए परमिट की व्यवस्था बनाने और इसके लिए शुल्क लगाने की बात भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा प्रदर्शित उदारता और बैठक में बातचीत का कोई मेल नहीं है। भारत निस्संदेह करतारपुर गलियारे के लिए आगे बढ़ रहा है और उसका इस बारे में एक स्पष्ट एवं सुविचारित मत है लेकिन पाकिस्तान संदेह से घिरा हुआ है। उल्लेखनीय है कि गत 14 तारीख को वाघा-अटारी सीमा चौकी पर भारत एवं पाकिस्तान की सरकारी प्रतिनिधिमंडलों की बैठक में करतारपुर गलियारे को खोलने की योजना के तकनीकी पहलुओं पर विचार किया गया था। इसमें भारत ने ग्राउंड जीरो पर पैसेंजर कॉम्प्लैक्स की परियोजना का खाका पाकिस्तानी अधिकारियों से साझा किया था और उनसे भी इसी तरह के इंतजाम करने का आग्रह किया था। भारत ने रोजाना पांच हजार यात्रियों तथा विशेष मौकों पर अतिरिक्त दस हजार यानी कुल मिला कर 15 हजार यात्रियों के जाने की व्यवस्था की योजना पेश की है। जबकि पाकिस्तान की तरफ से रोजाना केवल 500 लोगों को दर्शन की इजाजत देने की बात कही जा रही है। पाकिस्तान की संकुचित सोच के लिए पंजाब के कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कहा था कि पाकिस्तान को और उदार होने की जरुरत है।

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