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Hopefully Shivraj will accept Congress’s true plan of debt waiver after elections- Kamal Nath: उम्मीद है चुनाव बाद शिवराज कर्जमाफी की कांग्रेस की सच्ची योजना को स्वीकार करेंगे-कमलनाथ

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नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में किसानों के कर्जमाफी को लेकर पूरे चुनावों में खूब सियासत हुई। इस राजनीति में दोनों मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल रहे। बुधवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कर्जमाफी के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा। उस पत्र में कमलनाथ ने लिखा कि आचार संहिता खत्म होते ही राज्य सरकार शेष किसानों के कर्जमाफ करेगी। साथ ही कमलनाथ ने शिवराज चौहान से इस पत्र में उम्मीद की कि आचार संहिता समाप्त होने के वाद शिवराज कर्जमाफी की सच्चाई स्वीकार करेंगे। इस पत्र में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद ग्रहण करते ही उन्होंने 17 दिसंबर को कर्जमाफी के आदेश जारी कर प्रक्रिया शुरू की।

22 फरवरी से कर्जमाफी के प्रमाणपत्र वितरित करना शुरू कर 10 मार्च को आचार संहिता लगने तक करीब 21 लाख किसानों के कर्जमाफ किए। आचार संहिता समाप्त होते ही कर्जमाफी की प्रक्रिया फिर शुरू कर कांग्रेस अपने वचन पत्र में दिए वचन को पूरा करेगी। कमलनाथ का आरोप था कि पूर्व मुख्यमंत्री ने आम चुनावों को देखते हुए कर्जमाफी को लेकर किसानों को लगातार गुमराह और भ्रमित करते हुए दुष्प्रचार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कर्जमाफी के सच्चे प्रयासों को झुठलाने की चौहान ने तमाम कोशिशें कीं, लेकिन कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति डांवाडोल होने के बावजूद आचार संहिता के पहले करीब 21 लाख किसानों के दो लाख रुपए के कर्जमाफ किए। उन्होंने कहा कि ये एक सच्चाई है, जिसे चौहान ने राजनीतिक कारणों से सार्वजनिक तौर पर स्वीकार नहीं किया। कमलनाथ ने कहा कि महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश की भाजपा सरकार कर्जमाफी पर जो काम तीन साल में नहीं कर पाई, वो प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने तीन महीने से भी कम समय में कर दिखाया।

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