Home खास ख़बर Homosexuality is not acceptable in the army- Bipin Rawat:समलैंगिकता सेना में स्वीकार्य नहीं-बिपिन रावत

Homosexuality is not acceptable in the army- Bipin Rawat:समलैंगिकता सेना में स्वीकार्य नहीं-बिपिन रावत

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सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा हटाई गई संमलैंगिकता की धारा 377 पर कहा कि सेना में यह लागू नहीं हो सकती है। सेना में अनुशासन की जरुरत होती है। वार्षिक संवाददाता सम्मेलन के दौरान जनरल रावत ने कहा- सेना में ऐसी चीजों पर रोक है। उन्होंने आगे कहा कि सेना कानून के ऊपर नहीं है। रावत ने कहा- हम इसे सेना के अंदर नहीं होने देंगे। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से एडल्ट्री पर दिए गए फैसले के बारे में बिपिन रावत ने कहा कि इस मामले में सेना रुढ़िवादी है। गौरतलब है कि धारा 377 को सुप्रीम कोर्ट ने खत्म कर समलैंगिकों को राहत दी थी। अपने ऐतिहासिक फैसले में 2018 में उच्च न्यायालय ने पांच सदस्यों की संवैधानिक पीठ द्वारा धारा 377 को खत्म किया गया था जिसमें अप्राकृतिक यौन संबंधों को अपराध माना जाता था। यह कानून लगभ 158 साल पुराना था। कोर्ट ने कहा कि यह बराबरी के अधिकार का उल्लंघन करता है। बतौर सेनाध्यक्ष सेना में ऐसे पाप की इजाजत नहीं दे सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे सेना में नहीं लागू किया जा सकता है।

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