Home अर्थव्यवस्था वैश्विक संकेतों के कारण बीते सप्ताह सोना 32,000 रुपये के स्तर से नीचे फिसला

वैश्विक संकेतों के कारण बीते सप्ताह सोना 32,000 रुपये के स्तर से नीचे फिसला

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नयी दिल्ली। वैश्विक बाजारों में कमजोर संकेत और स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की मांग में गिरावट के कारण बीते सप्ताह राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की चमक कुछ फीकी पड़ गई और यह 32,000 रुपये के स्तर से नीचे 31,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं के कमजोर उठाव के कारण चांदी की कीमत भी 41,000 रुपये के स्तर से नीचे चली गई। बाजार सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के उम्मीद से बेहतर रोजगार के आंकड़े तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस माह के उत्तरार्द्ध में ब्याज दर में वृद्धि के संकेतों के कारण डॉलर मजबूत होने से सर्राफा मांग कमजोर हुई । इसका अन्य बाजारों पर भी प्रभाव पड़ा। इसके अलावा घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय आभूषण विक्रेताओं और फुटकर कारोबारियों की मांग घटने से सोने की कीमत प्रभावित हुई।

वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना सप्ताहांत में गिरावट दर्शाता 1,293.10 डॉलर प्रति औंस और चांदी कमजोरी के साथ 16.38 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कमजोर वैश्विक रुख के अनुरूप ही धीमी शुरुआत हुई और ये कीमतें सप्ताहांत में 770 – 770 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 31,600 रुपये और 31,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई। हालांकि छिटपुट सौदों के बीच एक सीमित दायरे में घट बढ़ के बाद गिन्नी की कीमत सप्ताहांत में 24,800 रुपये प्रति आठ ग्राम के पूर्व सप्ताहांत के स्तर पर ही बंद हुई।

चांदी तैयार की कीमत सप्ताहांत में 700 रुपये की गिरावट के साथ 40,500 रुपये प्रति किलो जबकि चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के दाम भी 730 रुपये की गिरावट के साथ 39,535 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। चांदी सिक्कों की कीमत लिवाल 76,000 रुपये और बिकवाल 77,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर स्थिरता का रुख दर्शाती बंद हुई।

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