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फ्रांस के सबसे युवा राष्ट्रपति बने इमैनुएल मैक्रों

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पेरिस। यूरोप समर्थक मध्यमार्गी नेता इमैनुएल मैक्रों फ़्रांस के अगले राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए हैं। मैक्रों को 66.06 फ़ीसदी वोट मिले हैं और उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी धुर दक्षिणपंथी नेता मरी ली पेन को हराया जिन्हें 33.94 फ़ीसदी वोट मिले। वैसे 39 साल के युवा मैक्रों ने इससे पहले कोई निर्वाचित पद नहीं संभाला है। लेकिन फ़ांसीसी गणतंत्र में 1958 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि चुना गया राष्ट्रपति फ़्रांस के दो प्रमुख राजनीतिक दलों – सोशलिस्ट और सेंटर राइट रिपब्लिकन पार्टी से नहीं हैं।

मैक्रों फ्रांस में नेपोलियन के बाद सबसे नौजवान नेता हैं। वह इस सप्ताह के बाद नई सरकार का गठन शुरू करेंगे। स्थानीय मीडिया इस बारे में कयास लगाया जा रहा है कि वह किसे अपना प्रधानमंत्री चुनेंगे। बीबीसी के अनुसार, अपने पहले संबोधन में मैक्रों ने वादा किया कि वह देश में मौजूद भेदभाव वाली शक्तियों से लड़ेंगे ताकि यूरोपीय संघ और उनके देशवासियों के बीच संपर्क को पुनर्स्थापित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि वह विचारों के आधार पर बंटे हुए देश को जोड़ेंगे और चरमपंथ व जलवायु परिवर्तन के ख़तरों का मुकाबला करेंगे। उन्होंने मध्य पेरिस में विख्यात लूव्र म्यूज़ियम के बाहर जश्न मना रहे समर्थकों की एक रैली को भी संबोधित किया और कहा कि उनकी जीत फ़्रांस के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है।

मैक्रों को अब एक नई सरकार बनानी होगी। हालांकि उनके राजनीतिक आंदोलन एन मार्श का कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नेशनल एसेंबली में नहीं है। जून में होने वाले संसदीय चुनाव में वह अपना राजनीतिक आधार बनाने की कोशिश करेंगे। मैक्रों की टीम का कहना है कि ‘नए राष्ट्रपति’ ने विरोधी उम्मीदवार मरीन ली पेन से टेलीफ़ोन पर बातचीत की जो सौहार्दपूर्ण रही। एक भाषण में मरीन ली पेन ने उन एक करोड़ 10 लाख मतदाताओं का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उनके लिए मतदान किया था।

उन्होंने कहा कि चुनाव ने दिखा दिया है कि फ़्रांस ‘देशभक्तों और वैश्वीकरण के हिमायतियों’ में विभाजित है। उन्होंने कहा कि उनकी नेशनल फ़्रंट पार्टी को पुनर्विचार करने की ज़रूरत है और उसकी शुरुआत वह तुरंत करेंगी ताकि आगामी संसदीय चुनाव में उन्हें जीत हासिल हो सके।उन्होंने मैक्रों को शुभकामनाएं दी हैं कि वह फ़्रांस के सामने मौजूद चुनौतियों पर विजय हासिल करें।
राष्ट्रपति फ़्रांस्वां ओलांद ने भी इमैनुएल मैक्रों को बधाई दी और कहा कि चुनाव परिणामों ने दर्शाया है कि फ़्रांस के लोग ‘गणतंत्र के मूल्यों’ के लिए एकजुट होना चाह रहे थे। उधर, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के प्रवक्ता ने इमैनुएल मैक्रों की कामयाबी पर बधाई दी और कहा कि मैक्रों की सफलता एक मज़बूत और एकीकृत यूरोप की जीत है।

मैक्रों ने जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल से फ़ोन पर बात की। उनके सलाहकारों ने इस बातचीत को गर्मजोशी भरी बातचीत बताया। ख़बरों के मुताबिक मैक्रों ने पुष्टि की है कि जल्दी ही वो चांसलर मर्केल से बर्लिन में मुलाकात करेंगे। यूरोपीयन कमीशन के प्रमुख ज्यां क्लॉड युंकर ने भी मैक्रों के बारे में ऐसी ही राय व्यक्त की है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इमैनुएल मैक्रों को सोशल मीडिया के ज़रिए बधाई दी और कहा कि वह उनके साथ मिलकर काम करने का इंतज़ार कर रहे हैं।

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