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.Forced coalition government or BJP strong government:महागठबंधन की मजबूर सरकार, बीजेपी मजबूत सरकार

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नई दिल्ली। बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक चल रही है। जिसमें आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारियों पर फोकस किया जा रहा है। दोबारा सत्ता पाने के लिए बीजेपी अपनी एड़ी चोटी का जोर लगा देना चाहती है। बता दें कि आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा के लिए करीब दस हजार से ज्यादा भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य दो दिवसीय मंथन को लेकर राजधानी में जुटे हैं। राष्ट्रीय अधिवेशन का आज यानि शनिवार को दूसरा दिन है। अधिवेशन का समापन भाषण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देते हुए कार्यकतार्ओं को 2019 लोकसभा चुनाव के लिए जीत का मंत्र देंगे।

इससे पहले, शुक्रवार को अधिवेशन की शुरूआत बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के भाषण के जरिए हुई। जिसमें शाह ने कहा कि आरक्षण से युवाओं का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी से छोटे कारोबारियों को राहत दी गई है। इस मौके पर रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश सिर्फ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही उज्ज्वल भविष्य की ओर देख सकता है। राष्ट्रीय अधिवेशन में नितिन गडकरी ने कहा कि पिछली सरकारों में भ्रष्टाचार अपने चरम पर था। लेकिन हमारे सत्ता में आने के बाद सुशासन, कारोबार की सुगमता और विकास मोदी जी ने दिया है। हमारी सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान वही किया जो हमने वादा किया था।
बता दें कि राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वित्तमंत्री अरूण जेटली और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रामलीला मैदान में मौजूद हैं।
इस मौके पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जमीन की कैमिस्ट्री एक बार फिर मोदी जी को प्रधानमंत्री बना देगी। कोई कारण नही 282 सीटों के आंकड़ों का पार करेंगे। देश के अहित करने वाले उम्मीदों से भरा समाज स्वीकार नहीं करेंगा। नेतृत्व और संगठन दोनों हमारे पास है और कोई कारण नहीं कि हम पिछले आंकड़ों को पार न करें। इस गठबंधन की उम्र ज्यादा नहीं है। देश में एक बार फिर बीजेपी की सरकार बनेंगी।

नरेंद्र मोदी – देश का चौकीदार रुकने वाला नहीं है…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय अधिवेशन में कहा कि कभी दो कमरों में चलने वाली पार्टी, दो सांसदों वाली पार्टी इतने विशाल रूप में अपना अधिवेशन कर रही है यह अविस्मराण्ीय है। विवेकानंद की बात से शुरु करता हूं हर राष्ट्र की एक नियति होती है एक संदेश होता है और हर राष्टÑ का एक ध्येय होता है। भारत को भी अपने ध्येय को प्राप्त करना ही है। राष्ट्रीय परिषद की बैठक है जो अटल जी के बिना हो रही है जहां से भी वह देख रहे होंगे खुश हो रहे होंगे। अटल जी की परिपाटी को पागे बढ़ाना है। उन्हें नमन करता हूं। केंद्र में और देश के 16 राज्यों में हम सरकार चला रहें हैं या सरकार में शामिल हैं। सभी कार्यकर्ताओं को नमन करता हूं। प्रस्तावों को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे। यह कार्यकर्ताओं का दायित्व है। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सरकार पर भष्ट्राचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। गर्व कर सकते हैं कि हम पर एक भी दाग नहीं है।

2004 से 2014 तक भारत ने भष्ट्राचार और घोटालों में 10 वर्ष बिता दिया। सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के प्रथम प्रधानमंत्री होते तो देश की तस्वीर और होती। देश अब ईमानदारी की ओर चल पड़ा है। भाजपा सरकार सिर्फ विकास की बात करती है। हम सबका साथ और सबका विकास की बात करतें है तो हम देश के सभी व्यक्ति के विकास करतें हैं। सामन्य श्रेणी के गरीब युवा को 10 प्रतिशत आरक्षण नये भारत के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है। युवा आकांक्षाओं को नया आयाम देने का प्रयास है। बाबा साहेब ने जो अधिकार दिया है वो आगे भी रहने वाला है। शिक्षा में दस प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। सीटें भी बढ़ेंगी। सामान्य वर्ग के गरीबों को समानता की तरफ ले जाता है। समाज के किसी भी वर्ग के अधिकार को कम किए बिना इसकी सामान्य वर्ग के लिए यह व्यवस्था की गई है। आरक्षण पर भ्रम फैलाने की कोशिश हो सकती है परंतु इसे सफल नहीं होने देना है। उर्जा से भरपूर युवा शक्ति के लिए देश आगे आना चाहता है। न्यू इंडिया के अभूतपर्व उर्जा से परिपूर्ण युवा चाहता है कि देश की आर्थिक सामरिक प्रगति हो ।

हमारी सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयास किया है। राजनीति विरोध के लिए बेटी बचाओं और बेटी पढ़ाओं जैसी सोच का मजाक बनातें हैं। मैटरनीटि लीव 12 से 26 हफ्ते कर दी गई है। बेटियों सक्षम भी हें और शक्तिशाली भी हैं। पहली बार बेटियां फाइटर प्लेन उड़ा रहीं हैं। किसानों की समस्याओं का समाधान करने की बात करतें है तो पहले की परिस्थतियों को ध्यान देना पड़ता है अन्नदाता को केवल मतदाता ही बना रखा है मतपेटी भरने का मार्ग। हम अन्न को शक्तिशाली बनाना चाहते हैं। कोशिश है कि किसानों को लागत का डेढ़ गुना एमएसजी पर मिले।  दालों की कीमत को लेकर ब्रेकिंग नहीं दिखाई देती है।

 किसानों पर ऋण का भार भी है और लागत भी बढ़ रही है। हमने पूरी ईमानदारी से इसके लिए प्रयास किया है। आयुष्मान योजना , जनधन योजना, उज्जवला योजना को नरेंद्र मोदी के नाम से नहीं जानी जाती हैं। बीजेपी में यही सिखाया जाता है स्वयं से बड़ा दल और दल से बड़ा देश होता है। विकास के कार्यों में जो गति बीजेपी ने दी है वह अभूतपूर्व है। व्यवस्था कायाकल्प कर दिया यह दावा नहीं लेकिन कमियों को दूर करने का बहुत ईमानदारी से प्रयास किया है।कांग्रेस की विकास गति बहुत ही धीरे रही है। कांग्रेस के हिसाब से 18000 गावों तक बिजली पहुंचने में कितना समय लगता। हर घर में शौचालय बनने में अगला दशक तक लगता। हर घर में गैस पहुंचाने में कितना समय लगता। कैसे 21 वी सदी की नई उचाई पर पहुंच पाते। 2014 के बाद इसे नई गति मिली है। ईमानदारी से टैक्स देने वालों की कोई कदर नहीं थी। मध्यम वर्ग जिंदगी भर की कमाई कांग्रेस के निजी तिजोरी बन गई थी। कांग्रेस ने साठ साल में 18 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया गया। आजादी से 2008 तक। कांग्रेस शासन के आखिरी छ साल में 34 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया गया। कांग्रेस प्रासेसे में बैंकों को मजबूर किया जाता था। कॉमन प्रासेसे में 10 या 20 लाख रुपया मिलता था। गॉरेंटी के लिए बैंक कागज मांगता था।

कांग्रेस प्रोसेस से लोन के लिए नामदार का एक फोन पर लोन पास हो जाता था। एक लोन को चुकाने के लिए दूसरा लोन मिलता था। हमनें कांग्रेस प्रोसेस वाली व्यवस्था में लगाम लगाई है। विदेशी बिचौलियों को पकड़ कर वापस लाया गया। पहले ऐसे बिचौलियों को तो जहाज तैयार रहते थे। बिचौलियों के लिए वकील भेजे जाते थे। चाहें जितनी गाली दें ये, चौकीदार रुकने वाला नहीं है। चोर चाहें देश में हो या विदेश में ये चौकीदार एक को भी छोड़ने वाला नहीं है। टॉट की बोर खाली हो तो कीमत कम होगी, लेकिन चावल भर दे तो उसका दाम बदल जाता है। लेकिन अगर कोई समझना ही नहीं चाहता उसे समझाया नहीं जा सकता।

महागठबंधन की मजबूर सरकार, बीजेपी मजबूत सरकार

जिन दलों का जन्म कांग्रेस के विरोध में हुआ वही विरोधी दल एक जुट हो रहे हैं। उस जमाने में जब कांग्रेस इतनी गर्त में नहीं थी तब ये दल इसके विरोध में खड़े हुए आज उसके साथ खड़े हो रहे हैं। इस गठबंधन का ट्रेलर भी बाहर आया। गठबंधन के कर्नाटक मुख्यमंत्री कहते हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री के बजाय कर्लक बना कर रख दिया गया है। राजनीति विचार पर की जाती है यह पहला अवसर है कि एक व्यक्ति के विरोध में सारे खड़े हो रहे हैं। इनका इरादा क्या है ये मिलकर देश में मजबूर सरकार बनाने पर जुट गए हैं न कि मजबूत सरकार। ताकि भष्टाचार कर सकें। वह मजबूर सरकार चाहते हैं कि बीच में कमाई खा सकें। हम मजबूत सरकार चाहता है कि सेना को मजबूती मिलें। देश मजबूत सरकार चाहता है। ये मिलकर देश में मजबूर सरकार बनाने पर जुट गए हैं न कि 2 जी घोटाला हो सके। अंतरिक्ष कंपनियों में घोटाला हो सके। स्वास्थ्य सेवाओं में घोटला कर सकें। कांग्रेस ने देश के विकास में रोड़े अटकाएं हैं। स्वच्छ भारत अभियान का विरोध किया। इसी मानसिकता ने देश को गंदा रखा। योग की बात हुई, मेक इन इंडिया की बात, जीएसटी की बात पर भी विरोध करती हैं। हर वह काम जिससे देश के लोगों के जीवन में परिवर्तन आता है उसे कांग्रेस पसंद नहीं करती है।

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