Home टॉप न्यूज़ मप्र में किसानों का आंदोलन फिर शुरू, चप्‍पे-चप्‍पे पर पुलिस बल तैनात

मप्र में किसानों का आंदोलन फिर शुरू, चप्‍पे-चप्‍पे पर पुलिस बल तैनात

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मंदसौर । किसान महासंघ के आह्वान पर पिछले साल जून में हुए किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर के पिपल्या मंडी इलाके में पुलिस की फायरिंग में हुई छह किसानों की मौत की वर्षगांठ पर मध्यप्रदेश में शुक्रवार को किसान आंदोलन शुरू हो गया है। किसान महासंघ के आह्वान पर एक जून से 10 जून तक गांव बंद रखे जाएंगे। किसान आंदोलन को देखते हुए प्रदेश की पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने की पूरी तैयारी कर रखी है।
प्रदेश के सबसे संवेदनशील जिले मंदसौर और नीमच में शुक्रवार को सुबह किसान आंदोलन शुरू होने के बाद दूध की आपूर्ति बंद कर दी गई, हालांकि, कड़ी सुरक्षा के बीच कुछ लोगों ने दुग्ध समिति को दूध जमा करवाया, जबकि अधिकांश किसानों ने दूध देने से इनकार करते हुए भगवान शिव का दूध से अभिषेक किया। वहीं किसानों के आंदोलन को देखते हुए उज्‍जैन संभाग में सबसे ज्‍यादा पुलिस बल की अतिरिक्‍त तैनाती की गई हैं।
प्रशासन की कड़ी निगरानी के बीच शुरू हुए किसान आंदोलन का प्रभाव काफी कम देखने को मिल रहा है। मंदसौर जिले में किसान मंडियों में अपनी उपज और फल-सब्जियां लेकर पहुंच रहे हैं लेकिन आंदोलन के चलते इनके दाम दोगुने हो गए हैं। आंदोलन 10 दिन चलने वाला है, इसलिए लोग थोक में सब्जियां और अन्य सामान खरीद रहे हैं ताकि 10 दिन तक कोई परेशान न हो। प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल रहे, इसके लिए जगह-जगह पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इधर, नीचम जिले में भी शुक्रवार को सुबह से ग्रामीण इलाकों में पुलिस की सुरक्षा के बीच दूध और सब्जी की आपूर्ति जारी है। अब तक जिले में हालात सामान्य है। प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस हाई अलर्ट पर है। मंदसौर में पांच एसएएफ कंपनियों के साथ ही दंगानिरोधी पांच वज्र वाहन भी तैनात की गई है।
वहीं प्रदेश के बड़वानी में आम दिनों की तरह ही शुक्रवार सुबह फल मंडी लगी, लेकिन यहां कुछ किसान कम पहुंचे। उज्जैन में भी हालात सामान्य हैं, दूध और सब्जी बेचने पर कहीं किसी तरह की रोक-टोक नजर नहीं आई है क्योंकि किसान आंदोलन से पहले ही लोगों ने दूध और सब्जी का स्टॉक कर लिया था। रतलाम जिले में हालात सामान्य हैं। देवास में रोज की तरह ही सब्जी मंडी खुली, सब्जी के दामों में कमी रही, लेकिन ग्राहक कम पहुंचे। सेंधवा में सुबह आम दिनों की तरह सब्जी की थोक और फल मंडी खुली। खरगोन में भी सब्जी मंडी खुली हुई है और दूध विक्रेता भी घर-घर जाकर दूध बांट रहे हैं।
किसान आंदोलन के संबंध में कलेक्टर-एसपी शुक्रवार को सुबह से गांवों के भ्रमण पर निकल चुके हैं और जगह-जगह जायजा ले रहे हैं। किसान आंदोलन के दौरान तैनात पुलिस बल भी अलर्ट पर है। कुल मिलाकर किसान आंदोलन शुरू तो हो गया है, लेकिन फिलहाल उतना प्रभावी नजर नहीं आ रहा है।

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