Home राजनीति Court seeks response from center and Bihar and UP government in case of death of encephalitis: न्यायालय ने इन्सेफेलाइटिस से हुई मौत के मामले में केन्द्र और बिहार तथा उप्र सरकार से मांगा जवाब

Court seeks response from center and Bihar and UP government in case of death of encephalitis: न्यायालय ने इन्सेफेलाइटिस से हुई मौत के मामले में केन्द्र और बिहार तथा उप्र सरकार से मांगा जवाब

0 second read
0
0
97

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने इन्सेफेलाइटिस की बीमारी से मुजफ्फरपुर में 100 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में सोमवार को केन्द्र और बिहार सरकार को सात दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति बी. आर. गवई की अवकाश पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को इस बीमारी से राज्य में हुयी मौतों के बारे में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। पीठ ने बिहार सरकार को चिकित्सा सुविधाओं, पोषण एवं स्वच्छता और राज्य में स्वच्छता की स्थिति के बारे में एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश भी दिया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान एक वकील ने न्यायालय को बताया कि उत्तर प्रदेश में भी पहले इसी तरह से कई लोगों की जान जा चुकी है। न्यायालय ने इस तथ्य का संज्ञान लेते हुये उप्र सरकार को भी इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

इस मामले में अब 10 दिन बाद आगे सुनवाई की जायेगी। अधिवक्ता मनोहर प्रताप ने बिहार में इन्सेफेलाइटिस की बीमारी से बड़ी संख्या में बच्चों की मौत की घटनाओं को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि पिछले सप्ताहों मं इस बीमारी से 126 से अधिक बच्चों, जिनमें अधिकांश एक से दस साल की आयु के हैं, की मृत्यु होने से याचिकाकर्ता व्यथित है क्योंकि मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। याचिका में कहा गया है कि बच्चों की मौत इस महामारी की स्थिति से निबटने के प्रति बिहार और उप्र सरकार के साथ ही केन्द्र सरकार की प्रत्यक्ष लापरवाही का परिणाम है। याचिका में कहा गया है कि यह बीमारी हर साल होती है और इसे जापानी बुखार भी कहा जाता है। याचिका में दावा किया गया है कि इस बीमारी की वजह से हजारों बच्चे अपनी जान गंवा रहे हैं लेकिन सरकारें इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिये कुछ नहीं कर रही हैं। याचिका के अनुसार, ह्यह्य इस साल इस बीमारी का केन्द्र बिहार में मुजफ्फरपुर जिला है जहां पिछले एक सप्ताह में 126 से अधिक बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आसपास के अस्पतालों में चिकित्सकों, चिकित्सा सुविधाओं, सघन चिकित्सा केन्द्रों और दूसरे मेडिकल उपकरणों की बहुत अधिक कमी है और इन सुविधाओं की कमी की वजह से बच्चों की लगातार मौत हो रही है।ह्णह्ण याचिका में इस बीमारी का पिछले साल केन्द्र रहे उप्र के गोरखपुर जिले में इसकी रोकथाम और प्राथमिक उपचार के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिये सभी संभव कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। मनोहर प्रताप ने सरकारी तंत्र की लापरवाही के कारण इस बीमारी से अपनी संतान खोने वाले प्रत्येक परिवार को दस दस लाख रूपए मुआवजा दिलाने का अनुरोध भी न्यायालय से किया है। इसके अलावा, याचिका में तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक बोर्ड गठित करने और उसे मुजफ्फरपुर भेजने का केन्द्र को निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है। याचिकाह में कहा गया है कि केन्द्र और बिहार सरकार को इस बीमारी से ग्रस्त जिले में बच्चों के इलाज के लिये आवश्यक संख्या में चिकित्सकों के साथ तत्काल 500 सघन चिकित्सा इकाईयों की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि इस रोग से प्रभावित बच्चों का प्रभावी तरीके से उपचार हो सके। इंडियन जर्नल आफ मेडिकल रिसर्च में 2017 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार 2008 से 2014 के दौरान इन्सेफेलाइटिस के 44,000 से अधिक मामले सामने आये और इस दौरान करीब 6,000 लोगों की मृत्यु हुयी।

Load More Related Articles
Load More By Aajsamaaj Network
Load More In राजनीति

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

The true love story , 71 years after the death of husband and wife together: प्रेम की अदभुद् कहानी, 71 साल बाद पति-पत्नि की एक साथ मौत

जर्मनी। प्यार केवल दो शरीरों का नहीं दो आत्माओं का मिलन होता है। सच्चा प्रेम ईश्वर की भक्त…