Former Union Minister Vinod Sharma addresses activist conference: पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा ने कार्यकर्ता सम्मेलन को किया संबोधित: विनोद शर्मा की मनो-मनो

अंबाला सिटी। अंबाला के पूरे क्षेत्र का विकास रास्ता जिस आईएमटी होकर जा रहा था उसे कुमारी सैलजा ने रोक दिया। सैलजा ने साजिश के तहत अंबाला में आईएमटी नहीं लगने दिया। जिन्होंने हमारे अंबाला के बच्चों से रोजगार का हक छीन लिया उनसे हमारा कोई संबंध नहीं। हम उनके साथ हैं जो अंबाला के विकास की बात करेगा, जो हमारे बच्चों के साथ न्याय करेगा। यह बातें पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा ने कही। वे रविवार को अंबाला में आयोजित भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन में बोल रहे थे। सम्मेलन में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।


विनोद शर्मा ने कहा कि जिस आईएमटी के लिए उन्होंने अपना जी जान लगा दिया था, उस आईएमटी को अंबाला में नहीं लगने दिया गया। मैंने इसीलिए कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। मैं सिर्फ उनके साथ हूं जो अंबाला के विकास की बात करेगा। विनोद शर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तारीफ करते हुए कहा कि देर से ही सही लेकिन मनोहर लाल ने अंबाला में आईएमटी की बात कर एक उम्मीद जगाई है। एक मुख्यमंत्री अगर कोई बात कहता है तो उसके कई सार्थक मायने होते हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की पहल से निश्चित तौर पर अंबाला के विकास का मार्ग आसान होगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा ने अंबाला में बनने वाली आईएमटी के कैंसिल होने के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस हाईकमान व कांग्रेसी सांसद कुमारी सैलजा को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि सैलजा ने आईएमटी का विरोध किया और कांग्रेस हाईकमान ने उसकी मदद की। यही कारण रहा है कि अंबाला व आस पास के हजारों युवाओं का रोजगार का सपना टूट गया। यदि तत्कालीन प्रदेश सरकार चाहती तो विरोध के बावजूद भी अंबाला में आईएमटी का निर्माण हो सकता था। कांग्रेस व कुछ स्वार्थी कांग्रेसी नेताओं ने युवाओं के रोजगार का अधिकार छीना और इसी कारण मैंने कांग्रेस को अलविदा कह दिया था।
कांग्रेस हाईकमान ने आईएमटी का विरोध करने वाली कुमारी सैलजा को इनाम के तौर पर राज्यसभा में सांसद बनाकर भेज दिया। जनता से कुछ छुपा नहीं, वह सब जानती है। अंबाला के लोगों ने इस लोकसभा चुनाव में सैलजा को करारी हार का तोहफा देकर शानदार जवाब दिया है। इसके बावजूद कांग्रेस हाईकमान ने सबक नहीं सीखा, बल्कि कुमारी सैलजा को कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष बना दिया।
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आईएमटी स्थापित होता तो मिलता हर घर रोजगार
विनोद शर्मा ने कहा कि अगर अंबाला में आईएमटी की स्थापना हो जाती तो घर-घर में रोजगार होता। अंबाला के युवाओं को रोजगार के लिए अपना घर छोड़कर न जाना पड़ता। आईएमटी बनने के बाद निश्चिततौर पर एक साल में ही अंबाला क्षेत्र के 10 हजार युवाओं को रोजगार मिलता, लेकिन सैलजा द्वारा किए गए विरोध के कारण रोहतक में आईएमटी का निर्माण हो गया, पर अंबाला में नहीं हो पाया। जबकि इन दोनों स्थानों पर आईएमटी स्थापित करने की घोषणा एक ही दिन हुई थी।
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आईएमटी की घोषणा पर सीएम की तारीफ
विनोद शर्मा ने कहा कि अब सीएम मनोहर लाल ने अंबाला में आईएमटी बनाने का वायदा किया है। मेरा मानना है कि सीएम जब कोई घोषणा कर रहे हैं तो उसका एक महत्व है और मुझे विश्वास है कि सीएम अंबाला में आईएमटी लगवाकर रहेंगे। अंबाला के लोगों को उनका समर्थन करना चाहिए जो अंबाला के विकास की बात करें, आईएमटी लगवाने की बात करें, ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके। सीएम मनोहर लाल ने तृतीय व चुतुर्थ श्रेणी में इंटरव्यू प्रणाली को खत्म किया, जिसकी मांग हम लंबे समय से करते रहे थे। हमें विश्वास है कि सीएम प्रथम व द्वितीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में भी इंटरव्यू प्रणाली को खत्म करेंगे, ताकि योग्य उम्मीदवारों को नौकरी मिल सके।

Today, India’s value has increased in the eyes of the world – Prime Minister Narendra Modi: आज दुनिया की नजरों में भारत का मान बढ़ा-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के दौरे से भारत वापस लौट रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत दिल्ली में किया गया। भाजपा के अध्यक्ष जे.पी.नड्डा ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उन्होंने एयरपोर्ट के बाहर बने मंच मंच से वहां उपस्थित लोगों का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों का सर झुकाकर नमन करता हूं। सबसे पहले इतनी तादाद में यहां उपस्थित होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। 2014 में भी चुनाव जीतने के बाद यूएन गया था आज दुनिया की नजरों में भारत का मान बढ़ा है। एक सौ तीस करोड़ देशवासियों के चलते देश का मान बढ़ा है। लोकतंत्र की ताकत की बड़ी अहमियत होती है। लोकतंत्र की ताकत की अहमियत का रूप अमेरिका में देखा। अमेरिका के ह्यूस्टन में जो भाई-बहनों ने किया उसकी चर्चा हर तरफ है। अमेरिका में रहने वाले भारतीयों का दिल से धन्यवाद है। अमेरिका में हर जुबान पर हाउडी मोदी की चर्चा थी। तीन साल पहले आज के दिन पूरी रात नहीं सोया। हर पल टेलीफोन की घंटी बजने के इंतजार में था। 28 सितंबर को ही जवानों के पराक्रम की गाथा लिखी गई। सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले जवनों को नमन। कल से शक्ति की उपासना का पर्व शुरू होने वाला है। देशवासियों को नवरात्री की अग्रिम बधाई। अपना संबोधन समाप्त कर पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर उपस्थित सभी लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। लोगों ने मोबाइल की लाइट जलाकर पीएम मोदी का अभिवादन किया।

Three terrorists killed in encounter in Jammu and Kashmir, one soldier martyred: जम्मू कश्मीर में एनकाउंटर में 3 आतंकी ढेर, एक जवान शहीद

नई दिल्ली। आज सुबह से जम्मू के रामबन इलाके में आतंकियों से सेना का एनकाउंटर चल रहा था। भारतीय सेना के शनिवार को तीन आतंकियों को मार गिराने के बाद एनकाउंटर खत्म हुआ। जिले के बटोटे डोडा हाइवे पर 5 संदिग्ध आतंकियों और सेना के बीच गोलीबारी हुई। उस समय सुरक्षाबलों द्वारा जब उन्हें करारा जवाब दिया जा रहा था तब इन आतंकियों ने एक बीजेपी कार्यकर्ता विजय कुमार वर्मा को बंधक बना लिया। जम्मू के आईजी मुकेश सिंह ने बताया कि सभी तीन आतंकियों को मार गिराया गया है। इस घटना में एक जवान शहीद हुए जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। साथ ही, बीजेपी कार्यकर्ता को छुड़ा लिया गया है। इससे पहले, जम्मू कश्मीर पुलिस ने बताया कि पांच आतंकियों का एक ग्रुप रामबन जिले के बटोते में फंसा हुआ था। पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी की जिसके बाद गोलीबारी हुई।

फंसे हुए आतंकी भी सुरक्षाबलों पर सुबह से ही फायरिंग कर रहे थे ताकि वे वहां से भाग सकें। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया कि आज सुबह लगभग 7.30 बजे संदिग्ध आतंकियों ने बटोटे में एनएच 244 पर एक गाड़ी को रोकने की कोशिश की। गाड़ी के चालक ने गाड़ी रोकने की जगह तुरंत पास के आर्मी पोस्ट पर फोन किया। सेना तुरंत हरकत में आई। अधिक सेना के इलाके में भेज दिया गयाृ। कर्नल आनंद ने कहा कि दोपहर 1 बजे के करीब तीन आतंकी घर में घुसे और बीजेपी कार्यकर्ता को बंधक बना लिया। ऐसा माना जा रहा है कि आतंकवादी किश्तवाड़ की तरफ से आए और उन्होंने राजमार्ग पर अस्थायी शिविर में रात गुजारी। जम्मू स्थित रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने कहा, ” आज शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे, दो संदिग्धों ने एक वाहन को बटोटे में राजमार्ग पर रोकने की कोशिश की। चालक ने समझदारी दिखाते हुए वाहन को रोका नहीं और तुरंत ही नजदीकी सेना की चौकी को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, ”क्यूआरटी फौरन हरकत में आया और संदिग्धों का पता लगाया। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद एहतियाती तौर पर राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।

Pakistan gave a befitting reply to Pakistan, Pakistan created the business of terrorism with hate ideology: पाकिस्तान को भारत ने दिया करारा जवाब, पाकिस्तान ने नफरत की विचारधारा से आतंकवाद का कारोबार खड़ा किया

नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के संयुक्त राष्ट्र महासभा के संबोधन का करारा जवाब दिया। इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र में अपने 50 मिनट के भाषण में आधे से ज्यादा समय कश्मीर का ही रोना रोते रहे। भारत ने पलटवार करते हुए कहा कि उसके नागरिकों को उनकी तरफ से बोलने के लिए किसी भी व्यक्ति की जरूरत नहीं है और ”कम से कम उन लोगों की तो कतई नहीं जिन्होंने नफरत की विचारधारा से आतंकवाद का कारोबार खड़ा किया है। भारत की ओर से इमरान खान द्वारा दिए गए बयान पर जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया और इमरान के झूठ को और बेकार के आरोपों को सिरे से खारिज किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने कहा, ”ऐसा माना जाता है कि इस मंच से बोले गए हर शब्द का इतिहास से वास्ता है। दुर्भाग्य से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से हमने आज जो भी सुना वह दोहरे अर्थों में दुनिया का निर्मम चित्रण था। हम बनाम वह, अमीर बनाम गरीब, उत्तर बनाम दक्षिण, विकसित बनाम विकासशील, मुस्लिम बनाम अन्य था। एक ऐसी पटकथा जो संयुक्त राष्ट्र में विभाजन को बढ़ावा देती है।

मतभेदों को भड़काने और नफरत पैदा करने की कोशिश जिसे सीधे तौर पर ‘घृणा भाषण कहा जा सकता है। मैत्रा ने कहा कि महासभा में विरले ही अवसर का ऐसा ”दुरुपयोग, बल्कि हनन देखा गया हो। उन्होंने कहा, ”कूटनीति में शब्द मायने रखते हैं। ”तबाही, ”खून-खराबा, ”नस्लीय श्रेष्ठता, ”बंदूक उठाओ और ”अंत तक लड़ाई करो जैसे वाक्यांशों का इस्तेमाल मध्यकालीन मानसिकता को दशार्ता है न कि 21वीं सदी की दूरदृष्टि को। उन्होंने कहा, ”हम आपसे अनुरोध करेंगे कि आप इतिहास की अपनी समझ को ताजा करें। साल 1971 में पाकिस्तान द्वारा अपने ही लोगों के खिलाफ किए क्रूर नरसंहार और उसमें लेफ्टिनेंट जनरल ए ए के निआजी की भूमिका को न भूलें। एक ऐसी कड़वी सच्चाई जिसकी बांग्लादेश की माननीय प्रधानमंत्री ने आज दोपहर को इस महासभा को याद दिलाई।
मैत्रा ने कहा कि खान की ”परमाणु विध्वंस की धमकी अस्थिरता का सूचक है न कि शासन कला की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खान का आतंकवाद पर स्पष्टीकरण भड़काऊ है। उन्होंने कहा, ”भारत के लोगों को अपने लिए बोलने वाले किसी व्यक्ति की जरूरत नहीं है और कम से कम उनकी तो बिल्कुल नहीं जिन्होंने नफरत की विचारधारा से आतंकवाद का कारोबार खड़ा किया है।
खान ने अपने भाषण में संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों को यह पुष्टि करने के लिए पाकिस्तान आने का न्योता दिया कि वहां कोई आतंकवादी संगठन नहीं है। मैत्रा ने कहा कि दुनिया उन्हें उस वादे पर कायम रखेगा। उन्होंने कहा कि कुछ सवाल है जिस पर पाकिस्तान प्रस्तावित सत्यापन के अग्रदूत के रूप में जवाब दे सकता है और वह है कि क्या खान ”न्यूयॉर्क शहर से इस बात से मना कर पाएंगे कि वह ओसामा बिन लादेन के खुलेआम समर्थक थे? उन्होंने कहा, ”क्या पाकिस्तान इस बात की पुष्टि कर सकता है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 130 आतंकवादी और 25 आतंकवादी संगठन उसके यहां नहीं है? उन्होंने कहा, ”क्या पाकिस्तान यह मानेगा कि वह दुनिया में एकमात्र देश है जो संयुक्त राष्ट्र की अलकायदा और इस्लामिक स्टेट प्रतिबंध सूची में शामिल लोगों को पेंशन देता है।

मैत्रा ने कहा, ”क्या पाकिस्तान बता सकता है कि यहां न्यूयॉर्क में उसके प्रमुख बैंक हबीब बैंक को आतंकवाद के वित्त पोषण पर लाखों डॉलर के जुमार्ने के बाद अपनी दुकान बंद करनी पड़ी? प्रथम सचिव ने कहा, ”क्या पाकिस्तान इससे इनकार करेगा कि वित्तीय कार्रवाई कार्य बल ने देश को 27 प्रमुख मानकों में से 20 से अधिक के उल्लंघन के लिए नोटिस दिया? उन्होंने कहा कि कभी क्रिकेट खिलाड़ी रहे और ”जेंटलमैन खेल में विश्वास रखने वाले खान ने आज ऐसा भाषण दिया जो ”दर्रा आदम खेल की बंदूकों की मंडी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ऐसा देश है जहां 1947 में 23 फीसदी रहे अल्पसंख्यक समुदाय की संख्या घटकर आज तीन फीसद रह गई है और उसने ईसाइयों, सिखों, अहमदियों, हिंदुओं, शियाओं, पश्तूनों, सिंधियों और बलोचों पर कठोर ईशनिंदा कानून लगाए, व्यवस्थित मुकदमें चलाए, घोर उल्लंघन किए और जबरन धर्म परिवर्तन किया। मैत्रा ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद और घृणा भाषण को बढ़ावा दिया वहीं भारत जम्मू कश्मीर में विकास की मुख्यधारा के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ”विविधता, अनेकवाद और सहिष्णुता के साथ ही भारत के फलते-फूलते और जीवंत लोकतंत्र में जम्मू कश्मीर के साथ-साथ लद्दाख को अच्छे तरीके से मुख्यधारा में लाया जा रहा है।

ED’s office will not go, I have nothing to do with bank scam – Sharad Pawar: ईडी के दफ्तर नहीं जाएंगे, बैंक घोटाले से मेरा लेना देना नहीं-शरद पवार

मुंबई। राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने ईडी के दफ्तर आज जाने की जिद छोड़ दी। उन्हें पुलिस प्रशासन ने बढ़ी मश्क्कत के बाद मनाया। उन्होंने घर से बाहर आकर मीडिया को संबोधित किया और कहा कि आज मैं दो बजे प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर में जाने वाला था लेकिन प्रशासन और पुलिस के अनुरोध पर नहीं जाऊंगा। शरद पवार ने कहा कि कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मैंने प्रवर्तन निदेशालय न जाने का फैसला लिया है। यह भी बताया कि मैं ईडी के दफ्तर यह ही बताने जाने वाला था कि बैंक घोटाले में मेरा कोई लेना-देना नहीं है। बताया जा रहा है कि मुंबई पुलिस के कमीश्नर और ज्वाइंट सीपी शरद पवार से अनुरोध करने उनके घर गए थे। उनका कहना था कि कई जगहों पर निषेधज्ञा लागू है, इसलिए वे ईडी दफ्तर पूछताछ के लिए न जाएं। बता दें कि इससे पहले ईडी ने शरद पवार को ईमेल भेजकर उन्हें दफ्तर में न आने की बात कही थी। ईडी ने शरद पवार को एक ईमेल भेजा था, जिसमें कहा गया कि आज उनसे पूछताछ की जरूरत नहीं है और उन्हें ईडी दफ्तर नहीं आने के लिए कहा गया है। नवाब मलिक ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय के के मेल के मुताबिक, जब ईडी को जरूरत पड़ेगी, उनसे पूछताछ कर लेगी। दरअसल मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय ने पवार और उनके भतीजे अजीत पवार को महाराष्ट्र स्टेट कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड में कई करोड़ के घोटाले के मामले में नामजद किया था, जिसके सिलसिले में वे आज ईडी कायार्लय में हाजिर होंगे। बता दें कि शरद पवार दो बजे ईडी दफ्तर में पेश होने वाले हैं।

ED refused to send Sharad Pawar to office by sending mail: ईडी ने मेल भेज कर शरद पवार को आॅफिस आने से किया मना

मुंबई। विधानसभा चुनाव महाराष्ट्र में होने वाले हैं इसके ठीक पहले महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार को ईडी का नोटिस मिला जिस पर उन्होंने जवाब दिया था कि वह जांच में पूरा सहयोग देंगे और खुद ईडी आॅफिस जाकर पेश होंगे। शुक्रवार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दफ्तर जाने का उन्होंने एलान किया था। जिसके बाद शुक्रवार को ईडी की ओर से उन्हें आॅफिस न आने के लिए कहा गया था। हालांकि शरद पवार फिर भी अड़े थे कि वह ईडी के आफिस जरूर जाएंगे। बता दें कि उन पर महाराष्ट्र राज्य सहकारी (एमएससी) बैंक घोटाले में मनी लांड्रिंग का आरोप है। हालांकि ईडी ने अबतक उन्हें पूछताछ के लिए नहीं बुलाया है, इसके बावजूद पवार शुक्रवार को दोपहर दो बजे ईडी दफ्तर पहुंचेंगे। ईडी दफ्तर पहुंचने से पहले शरद पवार के घर पर और एनसीपी कार्यालय में मुंबई पुलिस पहुंची हुई है। उनके समर्थक ईडी दफ्तर के बाहर पहुंच चुके हैं। इसको लेकर बलार्ड पियर स्थित ईडी दफ्तर के बाहर और दक्षिण मुंबई के अन्य क्षेत्रों में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी गई है।

एनसीपी लीडर नवाब मलिक ने मुंबई में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने पार्टी प्रमुख शरद पवार को ईमेल भेजा है, जिसमें कहा है कि उन्हें शुक्रवार को ईडी दफ्तर आने की कोई आवश्यकता नहीं है। जब जरुरत होगी, ईडी उन्हें सूचित करेगा। मलिक ने कहा कि इसके बावजूद पवार ईडी दफ्तर जाने का दृढ़ निश्चय कर चुके हैं। शिवसेना नेता संजय राउत अपनी धुर विरोधी पार्टी एनसीपी के प्रमुख शरद पवार के समर्थन में उतरे हैं। मनी लांड्रिंग के आरोपों से घिरे एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बारे में उन्होंने कहा है कि उन पर लगे आरोपों पर लोग विश्वास नहीं रखते।

राउत ने कहा कि जिस तरह से उनका नाम इस मामले में आया है, उसे लोग स्वीकार नहीं करेंगे। शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि आज एक बड़ा इवेंट होने वाला है। हम अलग पार्टी के हैं, वे अलग पार्टी के हैं। फिर भी उनपर जो आरोप लगे हैं उसपर विश्वास नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो टाइमिंग है, वह भी सोचने वाली है। संजय राउत ने पवार को भारतीय राजनीति का भीष्म पितामह बताते हुए कहा कि पूरा महाराष्ट्र जानता है जिस बैंक में घोटाले को लेकर ईडी ने एफआईआर में नाम दर्ज किया है, उस बैंक में शरद पवार किसी भी पद पर नहीं रहे हैं। शिकायतकर्ता ने भी कहा है कि उन्होंने शरद पवार का कहीं भी नाम नहीं दिया था। अन्ना हजारे भी उन्हें क्लीन चिट दे चुके हैं। ईडी उनके साथ ठीक नहीं कर रही है।

Opportunism in action against Pawar – Rahul Gandhi: पवार के खिलाफ कार्रवाई में अवसरवाद की बू-राहुल गाांधी

एजेंसी,नई दिल्ली। महाराष्ट्र में विधान सभा चुनाव होने हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार ने अपने खिलाफ ईडी की कार्रवाई को चुनावों से प्रेरित बताया था। उन्होंने स्वयं कहा था कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और ईडी के सामने प्रस्तुत होंगे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश होने से पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शरद पवार के प्रति अपना समर्थन दिखाया। राहुल गांधी ने कहा कि शरद पवार के प्रति प्रतिशोध के तहत कारवाई करने वाली सरकार उन्हें निशाना बना रही है। उन्होंने यह दावा भी किया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पवार के खिलाफ हो रही कार्रवाई से अवसरवाद की बू आती है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ”शरद पवार जी प्रतिशोध वाली सरकार के निशाने पर आए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई महाराष्ट्र में चुनाव से एक महीने पहले की जा रही है। इससे अवसरवाद की बू आती है। गौरतलब है कि पवार शुक्रवार को ईडी के सामने पेश होंगे। उन्होंने गुरुवार को अपनी पार्टी के कार्यकतार्ओं से अपील की है कि वे ईडी के आॅफिस के पास ना आएं। शरद पवार ने बुधवार को कहा था कि वह महाराष्ट्र राज्य सहकारी (एमएससी) बैंक घोटाले के संबंध में अपने खिलाफ दर्ज धनशोधन के मामले में ईडी के सामने पेश होंगे।

The current ruler can learn a lot from the natural knowledge of Manmohan Singh- Sonia Gandhi: मौजूदा शासक मनमोहन सिंह के नैसर्गिक ज्ञान से बहुत कुछ सीख सकते हैं- सोनिया गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के जन्मदिन पर उनके शतआयु होने की कामना की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय के शासक उनके ज्ञान से बहुत कुछ सीख सकते हैं। आगे उन्होंने कहा कि हम राष्ट्र निर्माण, समावेशी विकास और अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने में मनमोहन सिंह के शानदार योगदान को याद करते हैं। उनके बेहतरीन नेतृत्व ने यह सुनिश्चित किया कि मुश्किल समय में भी भारत प्रतिबद्धित विकास की तरफ बढ़े। मौजूदा समय के शासक उनके नैसर्गिक ज्ञान से बहुत कुछ सीख सकते हैं। कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व वित्त मंत्री के स्वस्थ रहने और समृद्ध रहने की कामना की। इसके अलावार आईएनएक्स मीडिया मामले में तिहाड़ जेल में बंद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने भी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जन्मदिन की बधाई दी और कहा कि सिर्फ सिंह ही इस समय देश को आर्थिक मंदी से बाहर निकालने का रास्ता दिखा सकते हैं इसलिए सरकार को उनकी बातों को सुनना चाहिए। पी. चिदंबरम की ओर से उनके परिवार ने ट्विटर पर पोस्ट की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर मनमोहन सिंह को जन्मदिन की बधाई। आप दीघार्यु हों। मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वह मनमोहन सिंह की बातों को सुने। अगर इस वक्त देश को कोई आर्थिक बदहाली से बाहर निकालने का रास्ता दिखा सकता है तो वह मनमोहन सिंह हैं।

Ayodhya dispute: Supreme Court gives ultimatum, will not give time after October 18: अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने दिया अलटीमेटम, 18 अक्टूबर के बाद नहीं देंगे समय

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में पहले से दोनों पक्षों को साफ कर दिया है कि सुनवाई समय से समाप्त हो जानी चाहिए। गुरुवार को एक बार फिर रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद जमीन विवाद की सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि इस मामले से जुड़े सभी पक्ष 18 अक्टूबर तक अपनी दलीलें खत्म करें। इसके बाद एक दिन का भी अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का 32वां दिन है।
इससे पहले अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्षकारों ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष स्वीकार किया कि कोर्ट में मामले की सुनवाई के इस स्तर पर उन्होंने गलती से राम चबूतरे को भगवान राम का जन्मस्थान मान लिया था और भारतीय पुरातत्व सवेर्क्षण (एएसआई) की खुदाई की रिपोर्ट को विसंगतियों और अवसन्नताओं से भरा हुआ बताने के कारण उन्हें कोर्ट के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। मामले की 31वें दिन की सुनवाई में सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि वे राम चबूतरा को भगवान राम के जन्मस्थान के रूप में स्वीकार नहीं करते हैं, हालांकि उन्होंने 1885 में फैजाबाद कोर्ट के उस निर्णय को चुनौती नहीं दी कि हिंदू भगवान के जन्मस्थान के तौर पर उस चबूतरे पर पूजा करते हैं।

The history of Maharashtra has not taught us to bow to the power of Delhi – Sharad Pawar: महाराष्ट्र के इतिहास ने हमें दिल्ली की सत्ता के आगे झुकना नहीं सिखाया- शरद पवार

नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार का कॉपरेटिव बैंक घोटाले में नाम आने के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि एमएससी बैंक मामले में मेरा नाम ईसीआईआर में दर्ज किया गया है। ऐसे में मैं इसकी जांच में पूरा सहयोग करूंगा प्रवर्तन निदेशाल के सामने पेश भी होउंगा। ऐसा मेरे जीवन में दूसरी बार हो रहा है। इससे पहले साल 1980 में मुझे एक आंदोलन के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया था। मुझे गिरफ्तारी से कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे इस देश के संविधान और न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। महाराष्ट्र के इतिहास ने हमें दिल्ली की सत्ता के आगे झुकना नहीं सिखाया गया है। मैं शिवाजी के आदर्शों पर चलता हूं। बचपन में सीखा था कि दिल्ली की ताकत के आगे कभी नहीं झुकना है। उन्होंने कहा कि मैं अपने खिलाफ हो रही कार्रवाई के विवरण में नहीं जाना चाहता। महाराष्ट्र चुनाव का समय है, पूरे राज्य का दौरा कर रहा हूं और मुझे अच्छी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर पवार ने कहा था कि मुझे जेल जाने में कोई भी परेशानी नहीं है। मुझे खुशी होगी क्योंकि मैंने ऐसा अनुभव पहले कभी भी नहीं किया है।

No such terror of administration seen anywhere in the world – Ghulam Nabi Azad: प्रशासन का इतना आतंक दुनिया में कहीं नहीं देखा-गुलाम नबी आजाद

 नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नवी आजाद जम्मू-कश्मीर के दौरे पर थे। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद तीन बार कोशिश की कश्मीर जाने के लिए लेकिन प्रशासन ने उन्हें एयरपोर्ट से ही बैंरग लौटा दिया था। इसके बाद उन्होंन अदालत में याचिका दायर कर जम्मू-कश्मीर जाने की इजाजत मांगी थी। बुधवार को कश्मीर का दौरा करने के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को कहा कि प्रशासन का इतना आतंक मैंने दुनिया में कहीं नहीं देखा है। लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद ने जम्मू में कहा कि कश्मीरियों में जितनी निराशा और संकट है, जम्मू में भी वही ही स्थिति है। सत्ता पक्ष के 100-200 लोगों को छोड़कर कोई भी खुश नहीं है। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय में गुलाम नवी आजाद ने अपने गृहराज्य जम्मू-कश्मीर जाने की याचिका दाखिल कर अनुमति मांगी थी। अदालत की ओर से उन्हें निर्देश दिए थे कि वहां के प्रशासन से अनुमति लेकर उन क्षेत्रों में वह जा सकते हैं। बाद में आजाद ने बयान दिया था कि वह जम्मू-कश्मीर के केवल 10 प्रतिशत हिस्से में ही जा सके।
बता दें कि माकपा के नेता सीताराम येचुरी ने अपनी पार्टी के बीमार सहयोगी मोहम्मद यूसुफ तारिगामी का हालचाल जानने के लिए शीर्ष अदालत का रुख किया था और उन्हें कुछ शर्तों के साथ यात्रा करने की अनुमति दे दी गई थी। उच्चतम न्यायालय ने जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किये जाने के बाद नजरबंद राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा को अपनी मां से मुलाकात करने की भी अनुमति दे दी थी।

Jaish terrorists can commit suicide attacks on Indian Airbase: आतंकी के निशाने पर भारतीय एयरबेस, जैश आतंंकी कर सकते हैं आत्मघाती हमले

केंद्र सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल-370 हटाने के बाद वहां आतंकी पूरी कोशिश कर रहे हैं माहौल खराब करने का और अशांति फैलाने का। अब खुफिया एजेंसियों ने अर्लट जारी किया है कि आतंकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं। खुफिया एजेंसियों के अनुसार आतंकी जम्मू-कश्मीर और उसके आस-पास के इलाकों में स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों पर आत्मघाती हमले कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के आठ से 10 आतंकी जम्मू-कश्मीर और उसके आस-पास स्थित भारतीय वायुसेना के ठिकानों पर आत्मघाती हमला कर सकते हैं। खुफिया एजेंसियों ने इस बाबत अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद कई सैन्य प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

सूचना के बाद उत्तर भारत के अपने पांच एयरबेस श्रीनगर, अवंतिपोरा, जम्मू, पठानकोट और हिंडन एयरबेस के लिए वायुसेना ने हाईअलर्ट जारी कर दिया है। वायुसेना के बड़े अधिकारी हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संभावित खतरों से निपटने के लिए सेना, वायुसेना और स्थानीय पुलिस की मदद ली जा रही है। मिली सूचना के अनुसार जैश ए महोम्मद आतंकी संगठन पीएम मोदी और एनएसए डोभाल पर हमला करने का प्लान बना रहा है। इसके लिए आतंकियों का एक विशेष दस्ता तैयार किया जा रहा है। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का बदला लेने के लिए भारत में बड़ा हमला करने फिराक में है। जानकारी के अनुसार पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई का एक अधिकारी भी इसमें जैश की मदद कर रहा है।इस संबंध में जैश के आतंकी शमशेर वानी और उसके आका के बीच हुई लिखित बातचीत की जानकारी एक विदेशी खुफिया एजेंसी को मिली थी। जहां से यह जानकारी भारतीय खुफिया अधिकारियों को मिली। इस जानकारी के अनुसार आतंकी सितंबर में बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहे थे। जानकारी मिलते ही जम्मू, पठानकोट, जयपुर, गांधीनगर और लखनऊ समेत कुल 30 अतिसंवेदनशील शहरों में पुलिस को अलर्ट जारी कर दिया गया है।

Now victim arrested in Chinmayanand case for demanding extortion : चिन्मयानंद केस में अब पीड़ित को रंगदारी मांगने के आरोप में हुई गिरफ्तार

शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली छात्रा को एसआईटी ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि कल जब छात्रा घर से कोर्ट जाने के लिए निकली तो रास्ते में एसआईटी की टीम ने उसे घेर लिया था। सूचना थी कि वह बिना सूचना दिए घर से बाहर निकल गई है। जबकि वह अपने भाई और सुरक्षा के लिए मिले गनर को साथ लेकर कोर्ट के लिए रवाना हुई थी। चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली 23 साल की कानून की छात्रा को ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली के मामले में एसआईटी और लोकल पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार किया। एसआईटी प्रमुख और पुलिस महानिरीक्षक नवीन अरोड़ा ने यहां बताया कि छात्रा से मंगलवार को पूछताछ की गई थी। पुख्ता सूबत मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर मेडिकल जांच कराई जा रही है। मेडिकल जांच के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। इसके बाद कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।
उन्होंने बताया कि चिन्मयानंद को ब्लैकमेल कर पांच करोड़ मांगने के मामले में तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है ।उनमें संजय और विक्रम ने स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने चिन्मयानंद से पांच करोड़ रूपए मांगे थे । दूसरी ओर युवती ने ब्लैकमेलिंग और जबरन उगाही के मामले में शामिल होने के पुख्ता सूबत मिले हैं। बता दें कि छात्रा ने
मंगलवार को एक स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने विचारार्थ स्वीकार कर लिया। इस पर 26 सितंबर को सुनवाई होगी। हालांकि इसके पहले ही छात्रा को गिरफ्तार कर लिया। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि छात्रा को एसआईटी (विशेष जांच दल) ने कथित तौर पर रंगदारी वसूलने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। छात्रा के वकील अनूप त्रिवेदी ने पत्रकारों को बताया था कि एडीजे सुधीर कुमार की अदालत ने स्वामी चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली छात्रा की अग्रिम जमानत याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली। अदालत ने इस मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड 26 सितंबर को तलब किए हैं।

Superstar of the century Amitabh Bachchan will receive Dada Saheb Phalke Award: सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को मिलेगा दादा साहब फाल्के पुरस्कार

नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपर स्टार कहें या मेगास्टार इस नाम के आगे सब कम ही लगता है। सदी के महानायक कहे जाने वाले इस अद्वितीय कलाकार का नाम है अमिताभ बच्चन। केंद्र सरकार में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सदी के इस महानायक को फिल्मों का सबसे बड़ा पुरस्कार ‘दादा साहेब फाल्के पुरस्कार’ देने घोषणा की। उन्होंने ट्वीट कर यह जानकारी दी कि 2018 का दादा साहब फाल्के अवार्ड अमिताभ बच्चन को दिया जाएगा।
अमिताभ बच्चन उन चंद अभिनेताओं में से एक हैं जिनकी दमदार एक्टिंग ने उनके आलोचकों को भी चौंकाया। उनके उत्साह और काम करने के लगन ने आज उन्हें ऐसे मुकाम पर पहुंचाया है जिसे पाने का मुकाम हर कोई संजोता है। उम्र के इस पड़ाव पर भी अमिताभ किसी भी युवा को मात देने का माद्दा रखते हैं। वह आज भी किसी कम उम्र युवा की तरह काम करते हैं। वह केवल फिल्मों में ही नहीं बल्कि टीवी पर भी सक्रीय हैं। बता दें कि दादा साहब फाल्के पुरस्कार भारत सरकार की ओर से दिया जाने वाला एक वार्षिक पुरस्कार है, जो किसी व्यक्ति विशेष को भारतीय सिनेमा में उसके आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है। उस वर्ष राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए आयोजित 17वें समारोह में पहली बार यह सम्मान अभिनेत्री देविका रानी को प्रदान किया गया था।

Center to prepare guidelines for dealing with misuse of social media – Supreme Court: सोशल मीडिया के दुरुपयोग से निपटने के लिए केंद्र दिशा-निर्देश तैयार करे-सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सोशला मीडिया अगर कुछ अच्छा कर रहा है तो उसके उतने ही गलत इस्तेमाल भी हो रहे हैं। अगर सोशल मीडिया के माध्यम से अगर ऊंचाइयों तक पहुंच रहा है तो कुछ लोग इसका प्रयोग आतंक, नफरत फैलाने में कर रहे हैं। इसके माध्यम से कोई भी सूचना भले ही वह फेक हो लेकिन मिनटों में देश दुनिया तक पहुंच जाती है। अब उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को इसके खतरनाक रूप पर टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रौद्योगिकी ने ‘खतरनाक’ मोड़ ले लिया है और देश में सोशल मीडिया के दुरूपयोग पर अंकुश लगाने के लिये निश्चित समय के भीतर दिशानिर्देश बनाने की आवश्यकता है। न्यायालय ने केंद्र से कहा कि वह तीन सप्ताह के भीतर बताये कि इसके लिये दिशानिर्देश तैयार करने के लिये कितना समय चाहिए। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ ने किसी संदेश या आनलाइन विवरण के जनक का पता लगाने में कुछ सोशल मीडिया मंचों की असमर्थता पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि अब इसमें सरकार को दखल देना चाहिए। पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत या उच्च न्यायालय इस वैज्ञानिक मुद्दे पर निर्णय लेने में सक्षम नहीं है और इन मुद्दों से निबटने के लिये सरकार को ही उचित दिशानिर्देश बनाने होंगे।

8 killed, more than 100 injured in PoK earthquake: पीओके में भूकंप से 8 की मौत, 100 से ज्यादा घायल, दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके

नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर और जम्मू-कश्मीर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र पाकिस्तान में बताया जा रहा है। दिल्ली एनसीआर के अलावा चंडीगढ़ए पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। जम्मू कश्मीर के जिन हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए वो इलाके हैं- राजौरी और पूंछ। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में मंगलवार की दोपहर करीब चार बजकर इकतीस मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप के बाद लोग अचानक दहशत में आ गए और कई जगहों पर लोग अपने घरों और ऑफिसों के अंदर से बाहर निकल गए। उधर पाकिस्तान के उत्तरी हिस्से में इस्लामाबाद, पेशावर, रावलपिंडी और लाहौर समेत कई शहरों में  झटके महसूस किये गये। ‘डॉन न्यूज टीवी की खबर के अनुसार भूकंप के झटके आठ से दस सेकंड तक महसूस किये गये। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.7 मापी गई। यूरोपियन मैडिटेर्रियन सिसमेलॉजिकल सेंटर (ईएमएससी) के मुताबिक, भूकंप का केन्द्र लाहौर से 173 किलोमीटर दूर रहा। भूकंप का केन्द्र पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का मीरपुर बतााया जा रहा है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, मंगलवार की दोपहर 5.8 मैग्नीट्यूड के भूकंप ने इस्लामाबाद, पीओके, पेशावर, रावलपिंडी और लाहौर समेत पाकिस्तान के कई शहरों और वहां के उत्तरी हिस्सों को हिलाकर रख दिया है। पीओके में भूकंप से 8 की मौत, 100 से ज्यादा घायल हैं।

Terrorist attack should not be big or small, good or bad – PM Modi: आतंकवादी हमले को बड़ा या छोटा, अच्छा या बुरा नहीं होना चाहिए- पीएम मोदी

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी सोमवार को आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। इस वार्ता के दौरान उन्होंने चीन का नाम लिए बिना ही उस पर निशाना साधा। वह सोमवार को 74वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र से इतर ‘लीडर्स डायलॉग आॅन स्ट्रेटेजिक रिस्पांसेस टू टेरेरिस्ट ऐंड वॉयलेंट एक्ट्रिमिस्ट नरेटिव्ज: आतंकवाद और हिंसक कट्टरपंथी विमर्श पर रणनीतिक प्रतिक्रिया से संबंधित नेतृत्व वार्ता कार्यक्रम में बोल रहे थे। वहां पीएम मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से चीन द्वारा पाकिस्तान की मदद किए जाने पर कहा कि आतंकवादियों को किसी भी तरीके से धन और हथियार नहीं मिलने देने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मकसद को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र लिस्टिंग और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे मशीनीकरण के राजनीतिकरण से बचा जाना चाहिए।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद की परिभाषा एक ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी होने वाले आतंकवादी हमले को ‘बड़ा या छोटा या ‘अच्छा या बुरा नहीं बल्कि ‘आतंकवादी कार्रवाई ही माना जाना चाहिए। सोमवार को 74वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र से इतर ‘लीडर्स डायलॉग आॅन स्ट्रेटेजिक रिस्पांसेस टू टेरेरिस्ट ऐंड वॉयलेंट एक्ट्रिमिस्ट नरेटिव्ज: आतंकवाद और हिंसक कट्टरपंथी विमर्श पर रणनीतिक प्रतिक्रिया से संबंधित नेतृत्व वार्ता: में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बहुपक्षीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को संस्थागत रूप देने का आह्वान किया और जोर देकर कहा कि इस दिशा में भारत मित्र देशों के क्षमता निर्माण और पहले से जारी सहयोग को बढ़ाने की खातिर काम करेगा।
इस बैठक के बाद विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) ए गितेश शर्मा ने कहा, ”प्रधानमंत्री ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह जरूरी है कि आतंकवादियों को पैसा और हथियार हासिल नहीं होने दिए जाएं। मोदी ने यह भी जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची और वित्तीय कार्य योजना बल (एफएटीएफ) जैसी प्रणालियों का राजनीतिकरण नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन प्रणालियों को लागू करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में होने वाले आतंकवादी हमले को ” आतंकवाद ही माना जाना चाहिए, इसे ‘बड़ा या छोटा अथवा ‘अच्छा या बुरा नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय और क्षेत्रीय ढांचे के जरिए खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया और जारी सहयोग में ‘गुणात्मक सुधार की जरूरत है। भारत के अनुभव को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता और समावेशी विकास, आतंकवाद, कट्टरपंथ और अतिवाद को बढ़ावा देने वाली विचारधाराओं के खिलाफ बेहद अहम हथियार हैं। मोदी ने कहा कि जिस तरह दुनिया ने जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के खिलाफ एकजुटता दिखाई है उसी तरह आतंकवाद के खिलाफ भी वैश्विक एकता और इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करना चाहिए।
बैठक में आतंकवाद तथा हिंसक कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाली आॅनलाइन उपलब्ध सामग्री को खत्म करने के लिए ‘क्राइस्टचर्च कॉल टू एक्शन के बारे में भी चर्चा हुई। भारत ने भी आतंकवाद, घृणा और हिंसा को बढ़ावा देने वाली सामग्री से साइबर स्पेस को मुक्त करने से जुड़े ‘क्राइस्ट चर्च कॉल का समर्थन किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने क्राइस्ट चर्च कॉल का समर्थन करने पर भारत की प्रशंसा की और कहा कि भारत के समर्थन से यह संपूर्ण पहल एक नए स्तर पर पहुंच गई है।

500 terrorists ready to infiltrat in Kashmir, Indian security force alert : कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में 500 आतंकी, भारतीय सुरक्षा बल सतर्क

एजेंसी, नई दिल्ली। पाकिस्तान लगातार प्रयास कर रहा है कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को विश्व पटल पर उठाया जाए लेकिन अब तक उसे मुंह की खानी पड़ी है। वह किसी भी मंच पर अपनी बात नहीं मनवा पाया है। इसके बावजूद पाकिस्तान की कायराना हरकतें जारी हैं। वह लगातार कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश कर रहा है ताकि घाटी का माहौल बिगाड़ा जा सके। अब घाटी में अशांति पैदा करने के लिए करीब 450-500 प्रशिक्षित आतंकवादियों के घुसपैठ की कोशिश में हैं। सूचना मिलने के बाद भारतीय सुरक्षा बलों को जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर घुसपैठ की किसी भी कोशिश से प्रभावी तौर पर निपटने के लिए पूरी छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की योजना कश्मीर में अशांति फैलाने की है ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने यह दिखाया जा सके कि भारत द्वारा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाये जाने के बाद से घाटी में स्थिति बिगड़ रही है। सैन्य सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि भारत में घुसने का इंतजार कर रहे कुछ आतंकवादियों को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के शिविर में प्रशिक्षित किया गया, जहां भारतीय वायु सेना ने फरवरी में बम गिराये थे। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान ने हाल ही में बालाकोट आतंकवादी शिविर को फिर से सक्रिय किया है। सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों का एक बड़ा समूह पाकिस्तानी सीमा की ओर लीपा घाटी में आतंकी लॉन्च पैड्स पर इंतजार कर रहा है। खुफिया सूचनाओं के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह कई प्रमुख शहरों में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं।

Ayodhya case: Controversy is over Rama’s birthplace as to where he is? – Muslim party: अयोध्या मामला: विवाद तो राम के जन्मस्थान को लेकर हैं कि वह है कहां?-मुस्लिम पक्षकार

नई दिल्ली, एजेंसी। अयोध्या विवाद मामल में लगातार सुनवाई जारी है। मुस्लिम पक्ष इस समय अपना पक्ष रख रहा है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद की 29वें दिन सुनवाई हुई। इसमें मुस्लिम पक्षकार ने राम जन्म के बारे में प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि विवाद तो राम के जन्मस्थान को लेकर हैं कि वह है कहां? सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से पेश राजीव धवन ने दलील दी हम राम का सम्मान करते हैं, जन्मस्थान का भी सम्मान करते हैं। इस देश में अगर राम और अल्लाह का सम्मान नहीं होगा, देश खत्म हो जाएगा। धवन ने कहा कि विवाद तो राम के जन्मस्थान को लेकर है कि वह कहां है! उन्होंने कहा कि पूरी विवादित जमीन जन्मस्थान नहीं हो सकती! जैसा कि हिंदू पक्ष दावा करते हैं। कुछ तो निश्चित स्थान होगा। पूरा क्षेत्र जन्मस्थान नहीं हो सकता।
धवन ने हिंदू पक्ष द्वारा परिक्रमा के संबंध में गवाहों द्वारा दी गई गवाहियां उसके समक्ष रखीं। उन्होंने हिन्दू पक्ष के गवाहों की गवाही पढ़ते हुए बताया कि परिक्रमा के बारे में सभी गवाहों ने अलग अलग बात कही है। कुछ ने कहा राम चबूतरे परिक्रमा होती थी, कुछ ने कहा कि दक्षिण में परिक्रमा होती थी। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्पष्ट किया था कि अयोध्या मामले की सुनवाई मध्यस्थता के प्रयासों के लिए रोकी नहीं जायेगी और उम्मीद जतायी कि 18 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी हो जायेगी। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की पांच सदस्यीय पीठ ने आज अयोध्या मामले की सुनवाई करते हुए 18 अक्टूबर तक दलीलें पूरी करने की समय सीमा तय कर दी। इस विवाद की सुनवाई कर रही पीठ में न्यायमूर्ति गोगोई के अलावा न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड,न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर शामिल हैं।

न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा कि अयोध्या मामले की सुनवाई के साथ-साथ इसके समाधान के लिए समानांतर रुप से मध्यस्थता के प्रयास जारी रखे जा सकते हैं। पीठ ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं सी एस वैद्यनाथ और राजीव धवन की तरफ से सुनवाई पूरी करने के लिए दिये गये अनुमानित समय के मद्देनजर इस वर्ष 18 अक्टूबर तक सुनवाई खत्म हो सकती है। उसने कहा कि सभी पक्ष इस मामले में 18 अक्टूबर तक अपनी दलीलें पूरी कर लें। न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा कि यदि दलीलें पूरी करने के लिए समय कम रहेगा तो वह शनिवार को भी सुनवाई करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्यस्थता के जरिये इस मामले के समाधान के लिए संबंधित पक्षों पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। इस मामले के सभी पक्ष बातचीत के जरिये इस विवाद का समाधान कर सकते हैं और उसका नतीजा पीठ के सामने रख सकते हैं। अयोध्या मामले की रोजाना सुनवाई छह सितंबर से शुरू हुई थी। पहले निमोर्ही अखाड़ा की तरफ से दलीलें दी गई। उसके बाद रामलला रिपीट रामलला और राम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति ने दलीलें रखी। हिंदू पक्षकारों की दलीलें पूरी हो जाने क बाद मुस्लिम पक्षों की तरफ से दलीलें शुरू हुई हैं।

50 thousand temples closed in Kashmir to be opened – central government: कश्मीर में बंद पड़े 50 हजार मंदिर खोले जाएंगें-केंद्र सरकार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से एलान किया कि जल्द ही कश्मीर में बंद पड़े 50 हजार मंदिरों को फिर से खोलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार की ओर सर्वे का काम भी शुरू कर दिया है। एक संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने यह बात कही। वहीं दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षा बलों के तलाशी अभियान के दौरान सोमवार को करीब 40 किलो विस्फोटक मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि बिलावर तहसील की मल्हार पट्टी में सुरक्षा बल तलाशी ले रहे थे, तभी यह विस्फोटक बरामद हुए।