Home खास ख़बर हरियाणा के बजट में कैप्टन अभिमन्यु ने खोला पिटारा

हरियाणा के बजट में कैप्टन अभिमन्यु ने खोला पिटारा

चंडीगढ़। हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने शुक्रवार को हरियाणा प्रदेश का चौथा बजट पेश करते हुए हर वर्ग की जनता को राहत दी है, हालांकि इस बजट में वित्त मंत्री ने कोई नया ‘कर’ नहीं लगाया है।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने 2018-19 के बजट में कोई नये कर का प्रस्ताव नहीं किया है। विधान सभा में आज प्रस्तुत कुल 1.15 लाख करोड़ रुपये के बजट प्रस्तावों में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कौशल विकास और बुनियादी ढांचा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में खर्च बढ़ाने पर जोर दिया गया है। यहां राज्य विधानसभा में लगातार चौथे साल बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने कहा कि बजट का मकसद संतुलित वृद्धि के नये युग में प्रवेश करना है। वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने‘ हरियाणा एक हरियाणवी एक’ विचार के साथ सभीसम्बद्ध पक्षों को साथ लेने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार राजकोषीय प्रबंधन के संदर्भ में हरियाणा को एकमाडल राज्य बनाने पर जोर दे रही है।
वित्त मंत्री ने कुल 1,15,198.29 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जो 2017-18 के संशोधित अनुमान 1,00,739.38 करोड़ रुपये के मुकाबले 14.4 प्रतिशत अधिक है। अभिमन्यू ने अपने 96 मिनट के भाषण में पूंजी व्यय मद में 30,012 करोड़ रुपये तथा राजस्व व्यय में 85,187 करोड़ रुपये का निर्धारण किया है। बजट में किसी नये कर का प्रस्ताव नहीं किया गया है। वित्त मंत्री ने 76,933.02 करोड़ रुपये के कुल राजस्व प्राप्त करने को लेकर भरोसा जताया। यह 2017-18 के के मुकाबले करीब10 प्रतिशत अधिक है।
बजट में कृषि एवं संबंधित क्षेत्र के आबंटन में सर्वाधिक वृद्धि की गयी है। इस क्षेत्र को 4,097.46 करोड़ रुपये आबंटित किया गया है जो 2017-18 के 2,709.69 करोड़ रुपये के मुकाबले 51.22 प्रतिशत अधिक है। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के लिये बजट में 4,769.61 करोड़ रुपये आबंटित किया गया है जो चालू वित्त वर्ष के मुकाबले 25.02 प्रतिशत अधिक है। वहीं शिक्षा क्षेत्र के लिये वित्त मंत्री ने 13,978.22 करोड़ रुपये आबंटित किया है।यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है।
वित्त मंत्री ने कौशल विकास के लिये 657.94 करोड़ रुपये, बिजली क्षेत्र के लिये 15,372.16 करोड़ रुपये, उद्योग के लिये 399.86 करोड़ रुपये, ग्रामीण विकास के लिये 4,301.88 करोड़ रुपये तथा शहरी विकास के लिये 5,626.84 करोड़ रुपये आबंटित किये हैं। बजट में राजकोषीय घाटा 2018-19 में 19,399.34 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया है जो 2017-18 में 17,240.45 करोड़ रुपये था।

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