Home राजनीति Bhupen Hazarika’s son opposes citizenship bill: भूपेन हजारिका के बेटे ने नागरिकता विधेयक का विरोध किया

Bhupen Hazarika’s son opposes citizenship bill: भूपेन हजारिका के बेटे ने नागरिकता विधेयक का विरोध किया

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गुवाहाटी। नागरिकता संशोधन विधेयक के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधते हुए दिवंगत असमिया गायक-संगीतकार भूपेन हजारिका के बेटे तेज हजारिका ने कहा है कि इससे उनके पिता का घोषित रुख कमजोर होगा। अमेरिका में रहने वाले तेज ने कहा कि उन्हें अपने पिता को दिए गए ‘भारत रत्न’ को स्वीकार करने के लिए कोई न्योता ही नहीं भेजा गया है तो अस्वीकार करने जैसी कोई बात ही नहीं है। पिछले महीने  मोदी सरकार ने भूपेन हजारिका को मरणोपरांत देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ देने की घोषणा की थी।

किसी राजनीतिक पार्टी का नाम लिए बगैर तेज ने सोमवार को अपने फ ेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘मेरा मानना है कि मेरे पिता के नाम और शब्दों का इस्तेमाल कर सार्वजनिक प्रशंसा बटोरी जा रही है जबकि नागरिकता को लेकर दर्दनाक तरीके से अलोकप्रिय विधेयक पारित करने की योजनाएं हैं, जिससे असल में उनकार् हजारिका काी घोषित रुख कमजोर पड़ रहा है। भूपेनदा दिल से जिन चीजों पर यकीन करते थे, यह उसके ठीक उलट होगा।’ उन्होंने कहा कि कें्रद सरकार इस मामले में जिस तरह कदम बढ़ा रही है, उससे ऐसी राष्ट्रीय मान्यता देने की अहमियत कम होती है। तेज ने कहा, ‘‘अपने मुरीदों, जिनमें बहुत बड़ी संख्या में पूर्वोत्तर के लोग शामिल हैं, और भारत की जनजातीय आबादी सहित भारत की विशाल विविधता की खातिर उन्होंने उस चीज का समर्थन कभी नहीं किया होता, जो स्पष्ट तौर पर बहुसंख्यक की इच्छा और लाभ के खिलाफ जबरन एक कानून थोपने का ऐसा प्रयास लगता है जो घोर असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक और अभारतीय है।’ केंद्र की मोदी सरकार नागरिकता संशोधन विधेयक जल्द से जल्द पारित कराना चाह रही है। इस विधेयक में पाकिस्तान, अफ गानिस्तान और बांग्लादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता प्रदान किए जाने का प्रावधान है।

संसद के शीतकालीन सत्र में बीते आठ जनवरी को लोकसभा में यह विधेयक पारित हो चुका है और अभी राज्यसभा में लंबित है।’ उन्होंने लिखा, ‘कई पत्रकार मुझसे पूछ रहे हैं कि मैं अपने पिता के लिए ‘भारत रत्न’ स्वीकार करूंगा कि नहीं। मैं यहां आधिकारिक तौर पर जवाब दे रहा हूं कि मुझे अब तक कोई आमंत्रण ही नहीं मिला तो अस्वीकार करने के लिए कुछ है नहीं। केंद्र इस मामले में जिस तरह कदम बढ़ा रहा है, उससे ऐसी राष्ट्रीय मान्यता देने की अहमियत कम होती है।

 इस बीच, भूपेन हजारिका के भाई एवं जानेमाने गायक सौमेर हजारिका और उनके छोटे भाई जयंत हजारिका की पत्नी मनीषा हजारिका ने मीडिया को बताया कि परिवार ने न तो ‘भारत रत्न’ खारिज किया है और न ही मरणोपरांत सम्मान देने के लिए केंद्र की आलोचना की है। सौमेर ने कहा, ‘तेज ने आज अपने फेसबुक पोस्ट के मुद्दे पर मुझसे संपर्क नहीं किया है। भूपेन दा के परिवार के तौर पर हमने उन्हें दिए गए भारत रत्न अवॉर्ड का स्वागत किया है। हमने पूर्वोत्तर एवं देश के लोगों की एकता के लिए हमेशा खड़Þे होने वाले अपने भाई को सम्मान दिए जाने पर असम सरकार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।’ मनीषा ने कहा, ‘भूपेन हजारिका एक संस्था थे। वह राजनीति से ऊपर हैं और चूंकि वह असम को दुनिया के सामने ले गए इसलिए उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला। यदि इस सम्मान को परिवार कें्िरदत बना दिया जाता है तो यह सम्मान, समूचे पूर्वोत्तर और देश का अनादर होगा।’

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