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Bharatiya Janata Party has set a president: Pawan Bansal: भारतीय जनता पार्टी ने एक प्रेसिडेंट सेट कर दिया है : पवन बंसल

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सवाल: लंबे अर्से के बाद यहां से कोई रेल मंत्री बना और आपसे बहुत अपेक्षाएं थी। क्या आप उन अपेक्षाओं पर कुछ कर सके?
जवाब: जितना समय (केवल छह महीने) मुझे मिला उसमें मैंने जो कर दिया उसे करना मुश्किल था।
सवाल: आप कहतें हैं कि आपने छह महीने में किया, अभी हाल ही के दिनों में हरियाणा में रेल गई और कहा गया कि यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। मुझे याद आता है कि आपने कहा था कि हरियाणा को आप बहुत सारी रेल गाड़ियां, पटरियां और चीजें दे रहें हैं।
जवाब: हरियाणा की बात करें तो यहां सबसे एलान सोनीपत में रेल कोच फैक्ट्री का किया था उसे भारतीय जनता पार्टी सरकार ने नहीं किया। यह बहुत महत्वपूर्ण थी, अगर कांग्रेस की सरकार रहती तो अब तक रेल कोच फैक्ट्री बन गई होती। इन्होंने (भाजपा) उसको डाउन ग्रेड करके एक रिपेयर वकर्शाप बना दिया। दूसरा जो लंबे समय से मांग थी कि चंडीगढ़ से यमुनानगर के बीच सीधी रेल लाइन का उसके सर्वे के लिए हमने पहली बार आदेश दिया था। अभी हालही में जो बजट पेश हुआ है उसमें उन्होंने (भाजपा) उतना ही कहा है जितना हमने छह साल पहले कहा था। पूरे हरियाणा को देखा जाए तो मेरे छह महीने के कार्यकाल में जितनी ट्रेन हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा को मिली है वह इससे पहले कभी नहीं मिली थी।
सवाल: आप कहतें हैं कि छह महीने में इतना कुछ किया, अभी जो बजट आया है उसमें आप क्या संभावनाएं तलाशते हैं?
जवाब: जनरल के साथ रेलवे बजट मिल गया है इसलिए हरियाणा को क्या दिया है वह नहीं देखा। चंडीगढ़ के बारे में मैंने जानने की कोशिश की तो मेरे समय में चंडीगढ़ से यमुनानगर के बीच सीधी रेल लाइन का जिक्र इस बजट में किया गया है। हमारे से पहले का बद्दी वाला जो था, चंडीगढ़ से हरियाणा होते हुए बद्दी जाएगी वह भी बजट में शामिल है और उसका जिक्र इस बार के बजट में किया गया है। बाकी चंडीगढ़ के लिए बजट में कुछ नहीं है। रेलवे एक मॉडल सिग्नल जिसे पूरे हिन्दुस्तान को बहुत आवश्यकता है, मैं 2013 में उसे पास कर रहा था वह आज तक वहीं है। इस बार के बजट में उसका (मॉडल सिग्नल)जिक्र है।
सवाल: जैसे कि आप बता रहें हैं कि सोनीपत में रेल कोच फैक्ट्री की बात की थी, यदि मिल जाता तो इसका क्या फायदा होता?
जवाब : पूरे इलाके में उसके सहयोगी यूनिट खुलते, जो मैन्युफैक्चरिंग का होता। जिसे भारतीय जनता पार्टी हरियाणा को वंचित कर दिया।
सवाल: अभी हालही में हरियाणा में जींद का चुनाव हुआ है, जींद के चुनाव का आप क्या मानते हैं, भाजपा के नेता कहतें हैं कि इसका पूरा असर रीजन में होगा, इस चुनाव का संकेत है कि पूरे हरियाणा में भाजपा का परचम लहराएगा। इसे आप कैसे देखते हैं?
जवाब : पूरे रीजन का एक आइसोलेटेड केस है इसमें जरूर कांग्रेस हारी, कांग्रेस आज तक उसमें कभी नहीं जीती, यह सब कुछ कहने का भारतीय जनता पार्टी को तब मौका मिल गया कि वे जीत गए हैं उनका अपना ग्राफ बुरी तरह नीचे गिर चुका है, एक सीट का उनपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। जो चुनाव होंगे उसमें कांग्रेस बहुत अच्छे ढंग से चुनाव लड़ेगी और हरियाणा में विजयी रहेगी।
सवाल: पंजाब-हरियाणा की राजधानी है चंडीगढ़, आप यहां से सांसद और मंत्री रहे, इतना सब के बाद भी आपसे तमाम शिकायतें रहती है आखिर क्यों?
जवाब : शिकायतें रहनी तो एक अच्छी बात है, उसके बाद देखने की जरूरत है कि कुछ शिकायत होती है तो उस पर आप कार्यवाही क्या करते हैं। क्या उससे कुछ सीख कर आगे बढ़ते हो कि नहीं। शिकायत को गंभीरता से लेना चाहिए, जहां तक मैं समझता हूं कि लोगों की अपेक्षाएं बहुत होती है सभी की अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया जा सकता और शिकायत होती है, शिकायत पर काम करना चाहिए। हम अपनी बांसुरी बजाए यह अच्छा नहीं लगता, लेकिन पहली बार चंडीगढ़ में मेरे कार्यकाल में पार्क विकसित करने का काम शुरु हुआ। लोग कहते थे वास्तव में चंडीगढ़ पार्को का शहर है।
सवाल: आपने चंडीगढ़ को वेस्ट कनेक्टविटी देने की बात कही थी, आपने इंटरनेशनल एयरपोर्ट की बात की थी, उसमें हरियाणा और पंजाब ने भी पैसा लगाया और चंडीगढ़ का भी अपना शेयर था। इन सब के बावजूद जब इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनकर तैयार हुआ तो वह पंजाब के खाते में चला गया।
जवाब : पंजाब के खाते में नहीं गया, इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जब हरियाणा ने आधा पैसा दिया। चंडीगढ़ में जो है वह सही मायने में हैं एयरफोर्स एनक्लेव है, इसका टर्मिनल मोहाली में बनना था। जब हरियाणा ने पैसा देने की बात कही तो उस समय भी टर्मिनल मोहाली में ही जाना था, लेकिन हरियाणा का यह था कि इसपर हमारा पूरा एक अधिकार रहेगा।
सवाल: चंडीगढ़ को क्या मिला?
जवाब : मेरे हिसाब से चंडीगढ़ को सबकुछ नहीं मिला। जब फाइनल फैसला हुआ तो मैं चंडीगढ़ का एमपी रहता तो 70 करोड़ से जो टर्मिनल बना है इसे बर्बाद न होने देता। इसमें सिर्फ 20-25 लोगों के लिए स्किल डवलपमेंट का रास्ता खोल दिया। मेरा जो अंदाजा था भाजपा ने मखौल किया है। चंडीगढ़ का जो टर्मिनल होगा वह वास्तव में डोमेस्टिक और मोहाली का टर्मिनल इंटरनेशनल के लिए होगा। बाद में कांग्रेस की सरकार जाते ही इसके ठीक उल्टा काम कर दिया गया।
सवाल: जब आप संसदीय कार्य मंत्री थे तो कहते थे कि विपक्ष संसद नहीं चलाने दे रहा है। आज वही काम आपके लोग कर रहे हैं, तब आप कैसा महसूस करते हैं?
जवाब : भारतीय जनता पार्टी ने एक तरह का प्रेसिडेंट सेट कर दिया है। 1999 में जब कांग्रेस विपक्ष में आई तो सोनिया गांधी ने कहा कि हमें बहुत जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभानी है। मैं नाम नहीं लूंगा कांग्रेस का विरोध होता रहा है। जब 2004 में मैं मंत्री नहीं था, बाद में प्रदेश मंत्री जरूर हुआ था, मुझे राष्टÑपति का धन्यवाद प्रस्ताव पढ़ना था उस समय इन्हीं (भाजपा के) लोगों की वजह से बोल नहीं पाया था।
सवाल: आपके हिसाब से संसद में बवाल मचाने की शुरुआत भाजपा ने की।
जवाब : 14वीं से लेकर 15वीं लोकसभा में यह लोग (भाजपाई) इसी तरह बवाल करते रहे। बहुत मुश्किल होती थी, हर समय सभी के आगे हाथ जोड़ना पड़ता था।
सवाल: जो मुश्किलें आपने उठाई थी वही मुश्किलें आपलोग क्यों देते हो।
जवाब : जो चीज आप बोते हो वही तो काटते हो।
सवाल: आपको मुल्जिम बनाने के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन भी डाली गई, इस पर आप क्या बोलेंगे।
जवाब : यह इसलिए नहीं हुआ क्योंकि वह लोग आपस में कर रहे थे, उसे पवन बंसल पर डाल दिया। पवन बंसल ने एक बात भी नहीं कही। पूरी बात में पवन बंसल का शब्द नहीं आया। मैंने उनसे कहा था कि अगर आप पवन बंसल से सवाल कर रहे हो तो क्यों नहीं आपके हिरासत में जो मेरा भांजा था उससे क्यों नहीं कहा कि पवन बंसल को फोन कर दो। वह बात करके देखते कि वहां सामान पहुंचा है क्या करना है। इसका उनके सीबीआई अधिकारी के पास जवाब नहीं था। जो मैंबर इलेक्ट्रिकल बनाना चाहता ऐसा नहीं किया उसे मैंबर स्टाफ बनाया। यह फोन पर बात करते सुनाई देता है। उसमें यह बात करते सुनाई दे रहा है कि ऐसा काम कर दिया कि मैं जिंदगी भर मैंबर इलेक्ट्रिकल नहीं बन सकता क्योंकि मैंबर स्टाफ बना दिया गया है। यह बात असलियत में 17 मार्च 2013 की है। 18 मार्च 2013 को फाइल एसीसी के पास चली गई। मैं 19 को चंडीगढ़ आया 20 तारीख को मैं मोहाली गया, उनकी उसके बाद उससे बात हो रही है। इसमें वे लोग कह रहे हैं कि आप फिक्र मत करो कल मंत्री मिले थे और कह रहे थे कि अभी मैंने फाइल मूव ही नहीं की है। जबकि मैं सारा प्रोसेस कर चुका था। इसका क्या मतलब है। इस कारण वे लोग मुझे हाथ नहीं लगा पाए। इसका विक्टम मैं हू, और गुनाहगार कौन होगा यह लोग बताएंगे। उस समय ऐसा माहौल बना दिया था कि लोग सफाई सुनने के लिए तैयार नहीं थे।

ITV Network के प्रधान संपादक Ajay Shukla के साथ सामना सवालों का में पूर्व केन्द्रीय रेल मंत्री Pawan Kumar Bansal ने दिये जवाब.

 

 

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