Home टॉप न्यूज़ At present the judiciary is in danger-Chief Justice Ranjan Gogoi: इस समय न्याय पालिका खतरे में-चीफ जस्टिस रंजन गोगोई

At present the judiciary is in danger-Chief Justice Ranjan Gogoi: इस समय न्याय पालिका खतरे में-चीफ जस्टिस रंजन गोगोई

0 second read
0
0
86

शनिवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोप को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस समय न्याय पालिका खतरे में है। साफ तौर पर कहा कि वह इन आरोपो का जवाब नहीं देना चाहते हैं। साथ ही बताया कि अगले हफ्ते कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई होनी है यही कारण है कि मुझ पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। दरअसल, एक महिला ने कई जजों को पत्र लिखकर चीफ जस्टिस पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे, जिस मामले में सुप्रीम कोर्ट की एक स्पेशल बेंच ने सुनवाई की।
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से एक नोटिस जारी किया गया जिसमें कहा गया कि एक विशेष पीठ का गठन किया गया है जो सार्वजनिक महत्व के मुद्दे पर सुनवाई करेगी। सीजेआई गोगोई, न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और संजीव खन्ना की पीठ ने शनिवार सुबह इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने सवाल किया कि क्या चीफ जस्टिस के 20 सालों के कार्यकाल का यही ईनाम है? 20 सालों की सेवा के बाद मेरे खाते में सिर्फ 6.80 लाख रुपये हैं। यहां तक कि मेरे चपरासी के पास भी मुझसे ज्यादा पैसे हैं। लोग पैसे के मामले में मुझ पर ऊंगली नहीं उठा सकते थे, इसलिए इस तरह का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को बलि का बकरा नहीं बनाया जा सकता है।
चीफ जस्टिस ने कहा कि इसके पीछे कोई एक व्यक्ति नहीं है, बल्कि कई लोगों का हाथ है। इसके पीछे कोई बड़ी ताकत होगी, वे लोग सीजेआई के कार्यालय को निष्क्रिय करना चाहते हैं। सीजेआई ने कहा कि मैं देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करूंगा। सीजेआई ने कहा कि मैंने आज अदालत में बैठने का असामान्य और असाधारण कदम उठाया है क्योंकि चीजें बहुत आगे बढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस कुर्सी पर बैठूंगा और बिना किसी भय के न्यायपालिका से जुड़े अपने कर्तव्य पूरे करता रहूंगा। शनिवार को सार्वजनिक महत्व के एक मुद्दे पर विशेष सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में गठित एक पीठ ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता से जुड़े इस मुद्दे पर सुनवाई की। इस पीठ का गठन उस वक्त किया गया जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सीजेआई रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के संबंध में अधिकारियों को बताया।
सुप्रीम कोर्ट के महासचिव संजीव सुधाकर कलगांवकर ने बताया कि महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोप दुर्भावनापूर्ण और निराधार हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि ये दुर्भावनापूर्ण आरोप हैं और इस पर सुनवाई अभी होगी। सीजेआई पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला ने कई जजों को चिट्ठी भेजी है। संजीव सुधाकर ने भी इस बात की पुष्टि की। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा ने कहा कि अनैतिक आरोपों से न्यायपालिका पर से लोगों का विश्वास हटने लगेगा। वह इस समय न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर चिंतत हैं।

Load More Related Articles
Load More By Aajsamaaj Network
Load More In टॉप न्यूज़

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

Djokovic has a chance to make history: जोकोविच के पास इतिहास रचने का मौका

पेरिस(एजेंसी)। फ्रेंच ओपन में दुनिया के नंबर वन पुरुष खिलाड़ी नोवाक जोकोविच के पास इतिहास र…