Home राज्य उत्तर प्रदेश योगी ने बौद्ध स्तूप में बजाया घण्टा, महिलाओं ने बांधी राखी

योगी ने बौद्ध स्तूप में बजाया घण्टा, महिलाओं ने बांधी राखी

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय म्यांमार दौरे के तहत रविवार को ‘संवाद द्वितीय’ कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म सेवा संघ के कार्यक्रम को सम्बोधित किया। उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की और उनसे बातचीत की। इस मौके पर आयोजित रक्षाबन्धन कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा समिति की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।

योगी आदित्यनाथ ने म्यांमार के सुप्रसिद्ध बौद्ध स्तूप श्वेडागोन पगोडा का भी भ्रमण किया। उन्होंने यहां स्तूप में भगवान बुद्ध की प्रतिमा के दर्शन किए और विजिटर बुक में अपना संदेश लिखा। साथ ही, उन्होंने मान्यता के अनुरूप स्तूप में लगे विशालकाय घंटे को भी बजाया। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउन्ट पर इन कार्यक्रमों की जानकारी, वीडियो और तस्वीरें भी साझा की।

मुख्यमंत्री यांगून के समयानुसार अपरान्ह तीन बजे से चार बजकर 50 मिनट तक सितागू इण्टरनेशनल बुद्धिस्ट एकेडमी में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम को सम्बोधित करेंगे। इसका सीधा प्रसारण दूरदर्शन पर भारतीय समयानुसार दोपहर दो बजे से तीन बजकर 50 मिनट तक देखा जा सकेगा।

योगी आदित्यनाथ के अलावा समापन समारोह को भारत के जनरल एन.सी. विज, डायरेक्टर वीआईएफ इण्डिया, सितागू इण्टरनेशनल बुद्धिस्ट अकादमी, म्यांमार के सयदा, यांगून क्षेत्र के मुख्यमंत्रीयू फ्यो मिन थीन भी सम्बोधित करेंगे। जबकि धन्यवाद प्रस्ताव एमआईएसआईएस के चेयरमैन्यू न्यून्त मॉन्ग शीन तथा भारत के जनरल एन.सी. विज, डायरेक्टर वीआईएफ इण्डिया ज्ञापित करेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ यह पहला विदेश दौरा है।

इससे पहले कल शनिवार को राज्यपाल राम नाईक ने म्यांमार की राजधानी यांगून में विवेकानन्द इण्टरनेशनल फाउण्डेशन नई दिल्ली, सितगू इण्टरनेशनल बुद्धिस्ट अकादमी, म्यांमार इन्स्टीट्यूट ऑफ इण्टरनेशनल एण्ड स्ट्रैटिजिक स्टडीज तथा जापान फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय ‘संवाद द्वितीय’ सम्मेलन के प्रथम दिन का उद्घाटन किया था।

सम्मेलन में ‘संघर्ष की स्थिति को टालना तथा पर्यावरणीय चेतना’ विषय पर भारत, म्यांमार, जापान सहित अन्य देशों के राजनेताओं, विद्वानों एवं धर्म गुरुओं द्वारा विमर्श किया जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पूर्व ‘संवाद प्रथम’ दो दिवसीय सम्मेलन 3 एवं 4 सितम्बर, 2015 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ था जिसका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था।

सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे की रिकॉर्डेड सम्बोधनों को भी प्रस्तुत किया जा चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन ‘संवाद द्वितीय’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपसी संघर्ष एवं मतभेदों को कैसे दूर किया जा सकता है तथा हम प्रेम और सौहार्द्र से किस प्रकार रह सकते हैं, हमें इन प्रश्नों के जवाब तलाशने होंगे। भारतीय प्राचीन परम्परा आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए तर्कशास्त्र एवं संवाद में विश्वास करती है। उन्होंने कहा है कि 21वीं सदी में हो रहे वैश्विक परिवर्तनों का हल भी बातचीत से ही निकलेगा।

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