Home खास ख़बर मुख्यमंत्री ने कहा, चार साल में 40 लाख गरीबों को पक्का मकान बनाकर देगी सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा, चार साल में 40 लाख गरीबों को पक्का मकान बनाकर देगी सरकार

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दमोह: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अगले चार साल में 40 लाख गरीबों को पक्का मकान बनाकर दिया जायेगा। हर साल 10 लाख मकान बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संवेदनशील सरकार है। गरीबों और मेहनतकशोंके विकास में कोई कमी नहीं रहने दी जायेगी। सबके सहयोग से प्रदेश में चल रहा विकास का महायज्ञ अब थमेगा नहीं। हमारी सरकार, हर नागरिक और हर मेहनतकश मजदूर मिल-जुलकर इस विकास यज्ञ को पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज दमोह जिला मुख्यालय में दमोह और सागर जिले के असंगठित श्रमिकों व तेन्दूपत्ता संग्राहकों के संयुक्त सम्मेलन और जिलास्तरीय अंत्योदय मेले को सम्बोधित कर रहे थे। सम्मेलन व अन्त्योदय मेले मेंउन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत 40 हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया। उन्होंने हितग्राहियों को भू-अधिकार पट्टे भी वितरित किये। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत डॉ. गौरव नायकको नर्सिंग होम स्थापना हेतु एक करोड़ रूपये की ऋण मंजूरी सहित अन्य हितग्राहियों को भी स्वीकृति पत्र बांटे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चरण पादुका योजना के तहत सागर और दमोह जिले के करीब 18 हजार 452 तेन्दूपत्तासंग्राहकों को जूते, चप्पल, साड़ियां व पानी की कुप्पी आदि सामग्रियां भी वितरित कीं। मुख्यमंत्री ने 5 दिव्यांगों को बैटरीचलित मोट्रेड ट्रॉयसिकल और 3 दिव्यांगों को लैपटॉप भी वितरित किये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दमोह जिले में होने वाले117 करोड 12 लाख रूपये के विकास कार्यो का भूमिपूजन और करीब 23 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यो का लोकार्पण भी इस मौके पर किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां गरीबों को गेहूं, चाँवल और नमक, एक-एक रूपये किलो के मान से दिया जा रहा है। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में रहने वाला कोई भी व्यक्ति भूखा नहींसोयेगा। हर गरीब व्यक्ति को जमीन का पट्टा देकर उसका पक्का मकान बनाया जायेगा। हर गरीब का इलाज कराया जायेगा। उसके बच्चों की कक्षा एक से पी.एच.डी. तक की पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अन्त्योदयआवास योजना के तहत हर साल 10 लाख मकान बनाकर दिये जायेंगे। जिस हितग्राही के नाम से मकान बनेगा, राशि भी उसी के बैंकखातें में जारी की जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में मौजूद असंगठित श्रमिकों और तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना (संबल) की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सभी श्रेणी के मेहनतकश मजूदर, ढ़ाई एकड़ से कम कृषि भूमि वालेकाश्तकार, सभी छोटे व्यापारी, आयकर न देने वाले तथा जो शासकीय सेवा में नहीं है, ये सभी इस योजना के दायरे में आयेंगे। हितग्राही को केवल सादे कागज में यह लिखकर देना होगा, उसका स्वप्रमाणन भी स्वीकार कर लिया जायेगा। इसकीकिसी भी प्रकार की जांच नहीं की जायेगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत हर गरीब को जमीन का पट्टा, पक्का मकान, उसके बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, प्रसूति सहायता, बीमारी सहायता, 200 रूपये फ्लेट रेट पर बिजली, महिलाओं को काम-धन्धों से जोड़ने के लिए बैंक लिंकेज व अन्य मदद, सामान्य व असामान्य मृत्यु होने पर सहायता व अन्त्येष्टि सहायता राशि भी दी जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्रमिक गर्भवती माता को प्रथम 6 से 9 माह के दौरान 4 हजार रूपयेतथा बच्चे के जन्म के बाद 12 हजार रूपये, कुल 16 हजार रूपये उसके बैंकखाते में जमा किये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 18 से 60 वर्ष के किसी पंजीकृत श्रमिक की सामान्य मृत्यु होने पर उसके परिजनों को 2 लाख रूपये दियेजायेंगे। दुर्घटना से मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये के अलावा अंत्येष्टि के लिए 5 हजार रूपये भी नकद दिये जायेंगे।

13 जून को हर ब्लाक में होंगे कार्यक्रम

पंजीकृत हितग्राहियों को चैक के जरिए दिये जायेंगे हितलाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याण योजना के तहत एक अप्रैल से 31 मई 2018 तक पंजीयन कराने वाले असंगठित श्रमिकों को आगामी 13 जून को प्रदेश के हर ब्लाक में कार्यक्रम आयोजित कर हितलाभ चैक के जरिए प्रदान कियेजायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि गरीबों के बच्चों की स्कूल, कॉलेज फीस अब सरकार वहन करेगी। आई.आई.टी, आई.आई.एम., नीट, इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थी इससे लाभान्वितहोंगे। इससे हर गरीब व्यक्ति के बच्चों को पढ़ने और आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। सभी लोग अपने बच्चों को पढ़ायें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जनकल्याण योजना (संबल) के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभ वितरण की निगरानी के लिए हर गांव और वार्ड में 5 सदस्यीय समिति बनाने की मंशा व्यक्त कर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कहा कि यहसमिति जिला प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से गठित की जायें। इसमें 3 असंगठित श्रमिक और 2 सलाहकार होंगे। समिति में एक महिला सदस्य और एक सदस्य अजा/अजजा वर्ग का अवश्य हो।

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